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शुगर मिल चालू करने के लिए 50 पंचायतों ने किया प्रस्ताव पारित
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भूना शुगर मिल (फाइल फोटो )
- फोटो : Fatehabad
भूना। भूना शुगर मिल का पिराई सत्र शुरू करवाने की मांग को लेकर किसान नेता चांदी राम कड़वासरा के नेतृत्व में 50 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव पास किया है। उपरोक्त ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को 20 अगस्त को गन्ना अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। कुलां-भूना रोड पर वाहिद संधर शुगर मिल के मालिकों ने सरकार से 156 एकड़ 7 कनाल जमीन अपने नाम करवा ली है। मगर जमीन नाम करवाने के पीछे शुगर मिल चलाने का सरकार से समझौता हुआ था। किंतु अब उपरोक्त प्राईवेट मिल मालिक वर्ष 2019-20 का गन्ना पिराई सत्र शुरू करने से पीछे हट रहे हैं।
किसान नेता चांदी राम कड़वासरा ने बताया कि शुगर मिल को चलाने के लिए इलाका में पर्याप्त मात्रा में 15 हजार एकड़ से भी अधिक में गन्ना की बिजाई की हुई है। अगर मिल नहीं चली तो किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए प्राइवेट मिल मालिकों ने फरवरी में लिखित में सरकार से मिल चलाने का भरोसा दिया था। मगर अब गन्ना न होने का ड्रामा रच कर सरकार को गुमराह करके पिराई सत्र न करने के इरादे बनाए हुए हैं। जिसको किसान कभी भी सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने बताया कि फरवरी में ही सरकार व प्राइवेट मिल मालिकों के बीच बैठक हुई जिसमें मिल मालिकों ने शुगर मिल की जमीन नाम करने की शर्त रख दी थी। लेकिन सरकार ने प्राइवेट मिल मालिकों की बात को स्वीकार करके जमीन नाम करवा दी। परंतु अब प्राइवेट मिल मालिक गन्ना ने होने का हवाला देकर पिराई सत्र करने से पीछे हट रहे हैं।
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इन पंचायतों ने प्रस्ताव पारित किया
किसान नेता चांदीराम ने बताया कि शुगर मिल चलाने की मांग को लेकर 50 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर दिए हैं। जिनमें ग्राम पंचायत ढाणी भोजराज, ग्राम पंचायत ढाणी गोपाल, चमार खेड़ा, सनियाना ,खासा पठाना, खैरी, कंडूल, ढाणी सांचला, पावड़ा, नहला, दहमान, बैजलपुर, गोरखपुर, मोची वाली, चौबारा, जांडली खुर्द, जांडली कला, चंद्रावल, नाढोड़ी, हसंगा, टिब्बी, लहरिया, ढाणी डूल्ट, मूंदड़ा, मघेड़ा, गाजुवाला, दिवाना, धारसूल, नन्हेडी, जमालपुर, बुवान, बोस्ती, पिरथला, पारता, बिठमडा, खजूरी, खारा खेड़ी, कुम्हारिया, झलनियां, पालसर, भूथनकला, भूथनखुर्द, धौलू, भिरड़ाना, माजरा, कन्हड़ी, समैन, ठरवी, सिवानी, साहू, साबरवास, किरमारा आदि पंचायतों ने शुगर मिल चलाने के लिए प्रस्ताव पारित किए हैं।
यह है पंचायतों के प्रस्ताव में
हमारे गांव के किसानों ने गन्ने की खेती कर रखी है। यदि मिल को चलाने की घोषणा होती है तो मेरे गांव के ज्यादातर किसान गन्ना की बिजाई करेंगे। क्योंकि निरंतर भूजल का स्तर गिरने से किसान चिंतित हैं और धान फसल के बदले में गन्ना की फसल बोना चाहते हैं। जिस कारण भूजल की गिरावट रुकेगी। शुगर मिल भूना बंद होने से हमारे इलाके के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। अत: शुगर मिल भूना को किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए तुरंत प्रभाव से चालू करवाई जाए।
तैयारी नहीं है कैसे चलाएंगे मिल: संघ
इस संबंध में वाहिद संधर शुगर मिल फगवाड़ा एवं भूना के मालिक सुखबीर सिंह संधर ने बताया कि भूना मिल को चलाने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है। इस बार पिराई सत्र कैसे शुरू होगा। इसलिए मिल नहीं चल सकती।
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किसान नेता चांदी राम कड़वासरा ने बताया कि शुगर मिल को चलाने के लिए इलाका में पर्याप्त मात्रा में 15 हजार एकड़ से भी अधिक में गन्ना की बिजाई की हुई है। अगर मिल नहीं चली तो किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए प्राइवेट मिल मालिकों ने फरवरी में लिखित में सरकार से मिल चलाने का भरोसा दिया था। मगर अब गन्ना न होने का ड्रामा रच कर सरकार को गुमराह करके पिराई सत्र न करने के इरादे बनाए हुए हैं। जिसको किसान कभी भी सफल नहीं होने देंगे।
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उन्होंने बताया कि फरवरी में ही सरकार व प्राइवेट मिल मालिकों के बीच बैठक हुई जिसमें मिल मालिकों ने शुगर मिल की जमीन नाम करने की शर्त रख दी थी। लेकिन सरकार ने प्राइवेट मिल मालिकों की बात को स्वीकार करके जमीन नाम करवा दी। परंतु अब प्राइवेट मिल मालिक गन्ना ने होने का हवाला देकर पिराई सत्र करने से पीछे हट रहे हैं।
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इन पंचायतों ने प्रस्ताव पारित किया
किसान नेता चांदीराम ने बताया कि शुगर मिल चलाने की मांग को लेकर 50 ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव पारित कर दिए हैं। जिनमें ग्राम पंचायत ढाणी भोजराज, ग्राम पंचायत ढाणी गोपाल, चमार खेड़ा, सनियाना ,खासा पठाना, खैरी, कंडूल, ढाणी सांचला, पावड़ा, नहला, दहमान, बैजलपुर, गोरखपुर, मोची वाली, चौबारा, जांडली खुर्द, जांडली कला, चंद्रावल, नाढोड़ी, हसंगा, टिब्बी, लहरिया, ढाणी डूल्ट, मूंदड़ा, मघेड़ा, गाजुवाला, दिवाना, धारसूल, नन्हेडी, जमालपुर, बुवान, बोस्ती, पिरथला, पारता, बिठमडा, खजूरी, खारा खेड़ी, कुम्हारिया, झलनियां, पालसर, भूथनकला, भूथनखुर्द, धौलू, भिरड़ाना, माजरा, कन्हड़ी, समैन, ठरवी, सिवानी, साहू, साबरवास, किरमारा आदि पंचायतों ने शुगर मिल चलाने के लिए प्रस्ताव पारित किए हैं।
यह है पंचायतों के प्रस्ताव में
हमारे गांव के किसानों ने गन्ने की खेती कर रखी है। यदि मिल को चलाने की घोषणा होती है तो मेरे गांव के ज्यादातर किसान गन्ना की बिजाई करेंगे। क्योंकि निरंतर भूजल का स्तर गिरने से किसान चिंतित हैं और धान फसल के बदले में गन्ना की फसल बोना चाहते हैं। जिस कारण भूजल की गिरावट रुकेगी। शुगर मिल भूना बंद होने से हमारे इलाके के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। अत: शुगर मिल भूना को किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए तुरंत प्रभाव से चालू करवाई जाए।
तैयारी नहीं है कैसे चलाएंगे मिल: संघ
इस संबंध में वाहिद संधर शुगर मिल फगवाड़ा एवं भूना के मालिक सुखबीर सिंह संधर ने बताया कि भूना मिल को चलाने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है। इस बार पिराई सत्र कैसे शुरू होगा। इसलिए मिल नहीं चल सकती।