{"_id":"62112a45e911c701964d468d","slug":"so-far-this-year-858-people-got-justice-fatehabad-news-hsr6247414118","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस वर्ष अब तक 858 लोगों को मिला न्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस वर्ष अब तक 858 लोगों को मिला न्याय
विज्ञापन
सीएम विंडो पर शिकायत देकर आर्थिक मदद हासिल करने वाली खिलाड़ी अपने परिवार व तत्कालीन एमिनेट पर्स?
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। आज सामाजिक न्याय दिवस है। वैसे तो सरकार की ओर से सामाजिक न्याय के लिए बहुत सी वेलफेयर की योजनाए हैं लेकिन सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय देने के सरकार के प्रयास आमजन में एक अलग विश्वास पैदा करने में सफल हुए हैं। सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतें और उनके निवारण ने आमजन के बीच ऐसा विश्वास कायम किया है जिससे अब हर नागरिक अपनी समस्या के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने की बजाय सरकार से खराब सिस्टम की शिकायत करके सामाजिक न्याय की उम्मीद करता है। इसका नतीजा ये है कि फतेहाबाद जिला में जनवरी 2021 से अब तक 1289 शिकायतें सीएम विंडो पर प्राप्त हुई हैं और इनमें से 858 शिकायतों का निवारण करके सरकार ने सामाजिक न्याय करने का प्रयास किया है।
सीएम विंडो पर हर उस अधिकारी और विभाग की शिकायत करने का अधिकार आमजन को सरकार ने दिया है जिससे कि कोई भी नागरिक केवल इसलिए शोषित न हो कि वह अपनी समस्या, परेशानी या प्रताड़ना के बारे में केवल अधिकारियों तक शिकायत करने तक सीमित रह गया हो और उसके पास अपनी चुनी हुई सरकार तक बात पहुंचाने का रास्ता न हो। सीएम विंडो ऐसे लोगों के लिए ऐसा पारदर्शी प्लेटफार्म जिसके जरिये न केवल आमजन अपनी समस्या का समाधान करवाकर सामाजिक न्याय पा रहा है बल्कि ऐसा करके वह अपने आसपास व दूसरे लोगों के लिए एक उदाहरण भी बन रहा है जिसको देखकर व समझकर उसी रास्ते से दूसरे शोषित होते लोग सामाजिक न्याय की मुख्यधारा में शामिल हो पा रहे हैं।
सीएम विंडो पर गरीब परिवार की बेटी को मिला सामाजिक न्याय
सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय का उदाहरण है कि गांव धांगड़ का एक परिवार। गांव की दर्शना देवी पति के देहांत के बाद अपना परिवार मजदूरी करके पाल रही है। परिवार में बेटी मंगली बॉस्केट बॉल की खिलाड़ी है। करीब एक वर्ष पहले खेल कोटे में मिलने वाली 28 हजार रुपये की आर्थिक मदद साथ के सभी खिलाड़ियों को मिल गई लेकिन सरकारी सिस्टम में किसी चूक की वजह से मंगली को मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लग गई। अपनी मां दर्शना के साथ मंगली विभाग से लेकर डीसी कार्यालय तक चक्कर काटती रही लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। लेकिन बाद में मां-बेटी को सीएम विंडो से न्याय की उम्मीद किसी ने बंधाई। सीएम विंडो पर दर्शना देवी ने अपनी बेटी को मिलने वाली आर्थिक मदद रोके जाने के संबंध में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई शुरू हुई कुछ समय बाद सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय हुआ और परिवार को बेटी के रुकी हुई खेल मदद की राशि जारी हुई।
विज्ञापन
गैर जिम्मेदार अफसरों की वजह से परेशानी
सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय की उम्मीदों पर कई विभागों में बैठे गैर जिम्मेदार सरकार के लिए परेशानी बने हुए हैं। खुद सीनियर अधिकारी मानते हैं कि कुछ विभागों में अधिकारी गैर जिम्मेदारना रवैया अपनाते हैं जिससे आमजन को समय पर उनका हक नहीं मिलता। लेकिन लोगों को चाहिए कि वे सरकार के हर उस प्लेटफार्म का इस्तेमाल जरूर करें जो खुद लोगों की मदद के लिए सरकार ने बनाया है।
सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय प्राथमिकता : सीटीएम
आमजन के साथ सामाजिक न्याय करने में सीएम विंडो की अहम भूमिका है। सीएम विंडो के जरिये ऐसे लोगों को उनका हक व अधिकार अब आसानी से मिल पाता है जिसको पाने के लिए कई बार लोग सरकारी तंत्र की लापरवाही और उलझनों का शिकार होकर थक जाते हैं। सीएम विंडो के जरिये पारदर्शी तरीके से लोगों को सामाजिक न्याय देनेे का प्रयास सरकार और प्रशासन कर रहे हैं।
-सुरेश कुमार, सीटीएम, फतेहाबाद।
विज्ञापन
सीएम विंडो पर हर उस अधिकारी और विभाग की शिकायत करने का अधिकार आमजन को सरकार ने दिया है जिससे कि कोई भी नागरिक केवल इसलिए शोषित न हो कि वह अपनी समस्या, परेशानी या प्रताड़ना के बारे में केवल अधिकारियों तक शिकायत करने तक सीमित रह गया हो और उसके पास अपनी चुनी हुई सरकार तक बात पहुंचाने का रास्ता न हो। सीएम विंडो ऐसे लोगों के लिए ऐसा पारदर्शी प्लेटफार्म जिसके जरिये न केवल आमजन अपनी समस्या का समाधान करवाकर सामाजिक न्याय पा रहा है बल्कि ऐसा करके वह अपने आसपास व दूसरे लोगों के लिए एक उदाहरण भी बन रहा है जिसको देखकर व समझकर उसी रास्ते से दूसरे शोषित होते लोग सामाजिक न्याय की मुख्यधारा में शामिल हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
सीएम विंडो पर गरीब परिवार की बेटी को मिला सामाजिक न्याय
सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय का उदाहरण है कि गांव धांगड़ का एक परिवार। गांव की दर्शना देवी पति के देहांत के बाद अपना परिवार मजदूरी करके पाल रही है। परिवार में बेटी मंगली बॉस्केट बॉल की खिलाड़ी है। करीब एक वर्ष पहले खेल कोटे में मिलने वाली 28 हजार रुपये की आर्थिक मदद साथ के सभी खिलाड़ियों को मिल गई लेकिन सरकारी सिस्टम में किसी चूक की वजह से मंगली को मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लग गई। अपनी मां दर्शना के साथ मंगली विभाग से लेकर डीसी कार्यालय तक चक्कर काटती रही लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। लेकिन बाद में मां-बेटी को सीएम विंडो से न्याय की उम्मीद किसी ने बंधाई। सीएम विंडो पर दर्शना देवी ने अपनी बेटी को मिलने वाली आर्थिक मदद रोके जाने के संबंध में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई शुरू हुई कुछ समय बाद सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय हुआ और परिवार को बेटी के रुकी हुई खेल मदद की राशि जारी हुई।
विज्ञापन
गैर जिम्मेदार अफसरों की वजह से परेशानी
सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय की उम्मीदों पर कई विभागों में बैठे गैर जिम्मेदार सरकार के लिए परेशानी बने हुए हैं। खुद सीनियर अधिकारी मानते हैं कि कुछ विभागों में अधिकारी गैर जिम्मेदारना रवैया अपनाते हैं जिससे आमजन को समय पर उनका हक नहीं मिलता। लेकिन लोगों को चाहिए कि वे सरकार के हर उस प्लेटफार्म का इस्तेमाल जरूर करें जो खुद लोगों की मदद के लिए सरकार ने बनाया है।
सीएम विंडो के जरिये सामाजिक न्याय प्राथमिकता : सीटीएम
आमजन के साथ सामाजिक न्याय करने में सीएम विंडो की अहम भूमिका है। सीएम विंडो के जरिये ऐसे लोगों को उनका हक व अधिकार अब आसानी से मिल पाता है जिसको पाने के लिए कई बार लोग सरकारी तंत्र की लापरवाही और उलझनों का शिकार होकर थक जाते हैं। सीएम विंडो के जरिये पारदर्शी तरीके से लोगों को सामाजिक न्याय देनेे का प्रयास सरकार और प्रशासन कर रहे हैं।
-सुरेश कुमार, सीटीएम, फतेहाबाद।