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आरक्षण जाट का अधिकार, लेकर रहेंगे : सूबे सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Sun, 13 Sep 2015 11:30 PM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए शहीदों को याद कर जाट समुदाय ने नवदुर्गा कॉलोनी में महासभा कर श्रद्धांजली दी गई। अध्यक्षता सर्वजातीय सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने की।
समैण ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले कौम के मतवाले सुनील श्योरण, विजय कड़वासरा, संदीप कड़वासरा को उनकी शहादत के लिए श्रंद्धाजलि का कार्यक्रम किसी एक जगह पर न रख कर प्रदेश के कई स्थानों पर रखा गया है।
ताकि उन्हें पूरे देश में याद किया जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरक्षण जाट का अधिकार है। जिसे वे हासिल करके रहेंगे, क्योंकि देश की सीमाओं पर जाट वर्ग के नौजवान दुश्मनों से लोहा लेकर खुद को शहीद कर देश मे अमन चैन स्थापित कर रहे हैं। वही जाट वर्ग के लोग किसान के रूप में अन्न बीज कर देश के लोगों का पेट भर रहे हैं। सरकार अगर संविधान में बदलवा कर आरक्षण को आर्थिक आधार पर कर दे तो उनका समाज भी साथ देने के लिए तैयार हैं।
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युवाओं को दी मजबूत होने की सलाह
उन्होंने कहा कि जाट कौम के नवयुवकों ने युवा जाट सेना बनाई जो इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम करेगी। जिसकी 19 सितंबर को ऊचाना में बैठक होगी, जहां समाज के अनेक युवा भाग लेंगे। उन्होंने युवकों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी आंदोलन युवा शक्ति के बगैर सफल नहीं हो सकता। युवाओं को प्रेरित करने व उनमें जोश भरने के लिए उन्होंने दो टोल फ्री नंबर व एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया जिसके साथ वे जुड़ कर इस आंदोलन में अपनी आहुति डाल सकते हैं।
पंचायत चुनावों की तिथि को लेकर भी सरकार पर बरसे
सरकार द्वारा पंचायत चुनाव की तारीख आरक्षण आंदोलन के समय इसीलिए रखी गई है। ताकि समुदाय के लोग चुनाव प्रकिया में जुुट जाएंगे और आंदोलन कमजोर पड़ जाएगा। मगर वो अपने आंदोलन की तिथि नही बदलेंगे और भारी संख्या में जाट नेता दिल्ली को सील कर देंगे व वहां की हरियाणा से सप्लाई बंद कर दी जाएगी।
क्योंकि प्रदेश ही दिल्ली को दूध, दही, पानी व सब्जियां सप्लाई करता है। दिल्ली में बैठे राजनेताओं को जाट समुदाय की ताकत भी दिख जाएगी। क्योंकि देश के अधिकतर राजनैतिक योद्धा दिल्ली बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बिल दोनो सदनों में पास कर संविधान की सूची छह में डाल देना चाहिए, ताकि उस पर कोई सुनवाई न हो सके।
कुरूक्षेत्र के सासंद पर फिर बरसे
जाट आरक्षण का विरोध कर रहे कुरुक्षेत्र के बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी पर बोलते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री खुद को हरियाणा का व प्रदेश के जाट समुदाय का ऋणी कहते हैं। वही उनके ही एक सांसद हमारा विरोध कर हमे संदेह में डाल रहा है।
जिससे बीजेपी की नीयत पर भी शंका पैदा होती है कि उसके ऊपर कार्यवाही क्यों नही की जाती है। राजकुमार सैनी महज सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को दिल्ली का घेराव करेंगे जहां जाट समुदाए के लगभग दो लाख लोग इक्कठे होंगे तथा प्रदर्शन करेगें जो शान्ति पूर्वक होगा अगर प्रशासन उनके साथ किसी प्रकार तानाशाही की तो वो बर्दाशत नही करेंगे।
इस दौरान अनेक जाट नेताओं जोरा सिंह समैण, सत्यवान डूल्ट, महाराज सिंह कन्हडी, नानू धारसूल, अमीसिंह बिठमडा, रडा. महेंद्र हंसेवाला, राम चंद्र कन्हडी, मास्टर अजमेर पूनियां, हनुमान नेहरा, निर्मल सिंह धारसूल, कुलविंद्र सिंह सनियाना, मेग्गी ढूल, बलवीर सिंह बल्ली, आदि ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर रणधीर धीरा, भील पूर्व सरंपच धारसूल, डा महेंद्र सिंह हंसेवाला, रामचंद्र कन्हडी, निर्मल सरपंच, रामफल दमकौरा, ओमप्रकाश कन्हडी, बिंटा फतेहपुरी, नछेतर, रामदास, कृष्ण समैण, भगतसिंह कन्हडी आदि उपस्थित थे।
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समैण ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले कौम के मतवाले सुनील श्योरण, विजय कड़वासरा, संदीप कड़वासरा को उनकी शहादत के लिए श्रंद्धाजलि का कार्यक्रम किसी एक जगह पर न रख कर प्रदेश के कई स्थानों पर रखा गया है।
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ताकि उन्हें पूरे देश में याद किया जाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरक्षण जाट का अधिकार है। जिसे वे हासिल करके रहेंगे, क्योंकि देश की सीमाओं पर जाट वर्ग के नौजवान दुश्मनों से लोहा लेकर खुद को शहीद कर देश मे अमन चैन स्थापित कर रहे हैं। वही जाट वर्ग के लोग किसान के रूप में अन्न बीज कर देश के लोगों का पेट भर रहे हैं। सरकार अगर संविधान में बदलवा कर आरक्षण को आर्थिक आधार पर कर दे तो उनका समाज भी साथ देने के लिए तैयार हैं।
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युवाओं को दी मजबूत होने की सलाह
उन्होंने कहा कि जाट कौम के नवयुवकों ने युवा जाट सेना बनाई जो इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का काम करेगी। जिसकी 19 सितंबर को ऊचाना में बैठक होगी, जहां समाज के अनेक युवा भाग लेंगे। उन्होंने युवकों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी आंदोलन युवा शक्ति के बगैर सफल नहीं हो सकता। युवाओं को प्रेरित करने व उनमें जोश भरने के लिए उन्होंने दो टोल फ्री नंबर व एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया जिसके साथ वे जुड़ कर इस आंदोलन में अपनी आहुति डाल सकते हैं।
पंचायत चुनावों की तिथि को लेकर भी सरकार पर बरसे
सरकार द्वारा पंचायत चुनाव की तारीख आरक्षण आंदोलन के समय इसीलिए रखी गई है। ताकि समुदाय के लोग चुनाव प्रकिया में जुुट जाएंगे और आंदोलन कमजोर पड़ जाएगा। मगर वो अपने आंदोलन की तिथि नही बदलेंगे और भारी संख्या में जाट नेता दिल्ली को सील कर देंगे व वहां की हरियाणा से सप्लाई बंद कर दी जाएगी।
क्योंकि प्रदेश ही दिल्ली को दूध, दही, पानी व सब्जियां सप्लाई करता है। दिल्ली में बैठे राजनेताओं को जाट समुदाय की ताकत भी दिख जाएगी। क्योंकि देश के अधिकतर राजनैतिक योद्धा दिल्ली बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बिल दोनो सदनों में पास कर संविधान की सूची छह में डाल देना चाहिए, ताकि उस पर कोई सुनवाई न हो सके।
कुरूक्षेत्र के सासंद पर फिर बरसे
जाट आरक्षण का विरोध कर रहे कुरुक्षेत्र के बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी पर बोलते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री खुद को हरियाणा का व प्रदेश के जाट समुदाय का ऋणी कहते हैं। वही उनके ही एक सांसद हमारा विरोध कर हमे संदेह में डाल रहा है।
जिससे बीजेपी की नीयत पर भी शंका पैदा होती है कि उसके ऊपर कार्यवाही क्यों नही की जाती है। राजकुमार सैनी महज सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को दिल्ली का घेराव करेंगे जहां जाट समुदाए के लगभग दो लाख लोग इक्कठे होंगे तथा प्रदर्शन करेगें जो शान्ति पूर्वक होगा अगर प्रशासन उनके साथ किसी प्रकार तानाशाही की तो वो बर्दाशत नही करेंगे।
इस दौरान अनेक जाट नेताओं जोरा सिंह समैण, सत्यवान डूल्ट, महाराज सिंह कन्हडी, नानू धारसूल, अमीसिंह बिठमडा, रडा. महेंद्र हंसेवाला, राम चंद्र कन्हडी, मास्टर अजमेर पूनियां, हनुमान नेहरा, निर्मल सिंह धारसूल, कुलविंद्र सिंह सनियाना, मेग्गी ढूल, बलवीर सिंह बल्ली, आदि ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर रणधीर धीरा, भील पूर्व सरंपच धारसूल, डा महेंद्र सिंह हंसेवाला, रामचंद्र कन्हडी, निर्मल सरपंच, रामफल दमकौरा, ओमप्रकाश कन्हडी, बिंटा फतेहपुरी, नछेतर, रामदास, कृष्ण समैण, भगतसिंह कन्हडी आदि उपस्थित थे।