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Fatehabad News: निरीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश, डीएसपी को भी चेतावनी
Mon, 30 Sep 2024 09:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 30 Sep 2024 09:28 PM IST
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भूना (फतेहाबाद)। राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ ने सीआईए के तत्कालीन निरीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। सीआईए फतेहाबाद द्वारा क्रिकेट मैच सट्टा बुकी का फर्जी मुकदमा दर्ज किए जाने के खिलाफ यह सिफारिश की गई है। साथ ही इस मामले में भूना के तत्कालीन डीएसपी संजय को चेतावनी जारी करने का फैसला सुनाया है। प्राधिकरण ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए सिफारिश भेजी है। इससे संबंधित आदेश 25 सितंबर को जारी किए गए हैं।
राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ के अवर सचिव से ढाणी डूल्ट निवासी नरेश कुमार सोनी ने सीआईए पुलिस पर क्रिकेट मैच सट्टा बुकी का 17 अप्रैल 2023 को मुकदमा नंबर 136 झूठा दर्ज करने का आरोप लगाकर न्याय दिलवाने की गुहार लगाई थी। शिकायत की जांच एसपी फतेहाबाद के माध्यम से कराई गई। प्राधिकरण ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और 3 सितंबर को फैसला सुनाया। 25 सितंबर को संबंधित फैसले पर कार्रवाई के लिए सिफारिश की गई है।
प्राधिकरण ने पीड़ित पक्ष द्वारा रखे गए सबूत के आधार पर सीआईए फतेहाबाद के तत्कालीन इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, हेड कांस्टेबल गुरपान सिंह, हेड कांस्टेबल रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कांस्टेबल कमलदीप व कांस्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। प्राधिकरण के फैसले में डीएसपी भूना संजय के खिलाफ चेतावनी जारी करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। आरोप है कि डीएसपी ने जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सभी आपत्तिजनक सबूतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
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शिकायतकर्ता का आरोप, सीआईए पुलिस ने डकैतों की तरह बोला था धावा
टोहाना रोड पर दुर्गा ज्वेलर्स के संचालक नरेश सोनी ने आरोप लगाया था कि सीआईए प्रभारी कपिल सिहाग ने अपनी टीम के साथ षड्यंत्र एवं रंजिश के तहत उस पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया। शहर में उसे क्रिकेट मैच सट्टा बुकी चलाने के नाम पर बदनाम किया। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल 2023 की शाम को वह दुकान के बाहर निकल रहा था। इसी दौरान एक आदमी आया और उसने चांदी का कड़ा मांगा। मैं और उक्त आदमी जैसे ही दुकान में घुसे तो पीछे तीन और आदमी दुकान में आ गए। उनमें से एक ने मेरा मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया और दुकान में रखे हुए मेरे उधार खाते के रजिस्टर उठा लिए। इन लोगों ने बाद में बताया कि वे सीआईए से हैं और प्रभारी कपिल सिहाग ने थाने लेकर आने को कहा है। इन्होंने दुकान में छानबीन शुरू कर दी और स्ट्रांग रूम में जाते ही ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर का कनेक्शन काट दिया। आरोपियों ने दुकान में रखे दो लाख रुपये, दो मोबाइल फोन व उधार खाते के रजिस्टर और डीवीआर कब्जे में ले गए।
जब सीआईए पुलिस से दुकान की तलाशी लेने संबंधित कानूनी दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने उसके साथ गलत व्यवहार किया। पुलिसकर्मी नरेश कुमार सोनी को हिरासत में लेकर कपिल सिहाग के पास सीआईए फतेहाबाद में ले गए। आरोप है कि सीआईए प्रभारी ने जेब में रखे हुए 40,000 रुपये निकाल लिए और उससे पांच लाख रुपये मांगने लगा। उसे धमकी दी कि अगर पांच लाख नहीं दिए तो तुझे फर्जी केस में फंसा दूंगा। इसके बाद जबरदस्ती थाने में बिठाकर रखा। उसी रात 10 बजे उसकी दुकान पर जाकर एलईडी उतार ली गई और उसे पुलिस स्टेशन भूना ले गए। वहां पर उसके खिलाफ क्रिकेट सट्टा बुकी का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके बाद उसने शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ को दी। प्राधिकरण ने सीसीटीवी फुटेज, जीपीएस, मुकदमा दर्ज करने का समय, स्ट्रांग रूम में बिना इजाजत के प्रवेश करने, डीवीआर निकालने, क्रिकेट सट्टा मैच का समय गलत होने, उसके एलईडी के सामने सट्टा खेलने के बजाय बाहर सड़क पर खड़े होने जैसे कई सबूत स्पष्ट पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ फैसला दिया।
फैसले की कापी अभी हमारे पास नहीं आई : डीएसपी
राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ ने संबंधित मुकदमे में क्या फैसला सुनाया है, इसके बारे में अभी तक हमारे पास कोई भी लिखित नोटिस या कोई फैसला कॉपी नहीं आई है। इसलिए क्या सिफारिश की गई है, इस पर कुछ नहीं बता सकते हैं।
-संजय कुमार, तत्कालीन डीएसपी, भूना।
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राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ के अवर सचिव से ढाणी डूल्ट निवासी नरेश कुमार सोनी ने सीआईए पुलिस पर क्रिकेट मैच सट्टा बुकी का 17 अप्रैल 2023 को मुकदमा नंबर 136 झूठा दर्ज करने का आरोप लगाकर न्याय दिलवाने की गुहार लगाई थी। शिकायत की जांच एसपी फतेहाबाद के माध्यम से कराई गई। प्राधिकरण ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और 3 सितंबर को फैसला सुनाया। 25 सितंबर को संबंधित फैसले पर कार्रवाई के लिए सिफारिश की गई है।
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प्राधिकरण ने पीड़ित पक्ष द्वारा रखे गए सबूत के आधार पर सीआईए फतेहाबाद के तत्कालीन इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, हेड कांस्टेबल गुरपान सिंह, हेड कांस्टेबल रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कांस्टेबल कमलदीप व कांस्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। प्राधिकरण के फैसले में डीएसपी भूना संजय के खिलाफ चेतावनी जारी करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। आरोप है कि डीएसपी ने जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत सभी आपत्तिजनक सबूतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया।
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शिकायतकर्ता का आरोप, सीआईए पुलिस ने डकैतों की तरह बोला था धावा
टोहाना रोड पर दुर्गा ज्वेलर्स के संचालक नरेश सोनी ने आरोप लगाया था कि सीआईए प्रभारी कपिल सिहाग ने अपनी टीम के साथ षड्यंत्र एवं रंजिश के तहत उस पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया। शहर में उसे क्रिकेट मैच सट्टा बुकी चलाने के नाम पर बदनाम किया। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल 2023 की शाम को वह दुकान के बाहर निकल रहा था। इसी दौरान एक आदमी आया और उसने चांदी का कड़ा मांगा। मैं और उक्त आदमी जैसे ही दुकान में घुसे तो पीछे तीन और आदमी दुकान में आ गए। उनमें से एक ने मेरा मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया और दुकान में रखे हुए मेरे उधार खाते के रजिस्टर उठा लिए। इन लोगों ने बाद में बताया कि वे सीआईए से हैं और प्रभारी कपिल सिहाग ने थाने लेकर आने को कहा है। इन्होंने दुकान में छानबीन शुरू कर दी और स्ट्रांग रूम में जाते ही ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर का कनेक्शन काट दिया। आरोपियों ने दुकान में रखे दो लाख रुपये, दो मोबाइल फोन व उधार खाते के रजिस्टर और डीवीआर कब्जे में ले गए।
जब सीआईए पुलिस से दुकान की तलाशी लेने संबंधित कानूनी दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने उसके साथ गलत व्यवहार किया। पुलिसकर्मी नरेश कुमार सोनी को हिरासत में लेकर कपिल सिहाग के पास सीआईए फतेहाबाद में ले गए। आरोप है कि सीआईए प्रभारी ने जेब में रखे हुए 40,000 रुपये निकाल लिए और उससे पांच लाख रुपये मांगने लगा। उसे धमकी दी कि अगर पांच लाख नहीं दिए तो तुझे फर्जी केस में फंसा दूंगा। इसके बाद जबरदस्ती थाने में बिठाकर रखा। उसी रात 10 बजे उसकी दुकान पर जाकर एलईडी उतार ली गई और उसे पुलिस स्टेशन भूना ले गए। वहां पर उसके खिलाफ क्रिकेट सट्टा बुकी का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके बाद उसने शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ को दी। प्राधिकरण ने सीसीटीवी फुटेज, जीपीएस, मुकदमा दर्ज करने का समय, स्ट्रांग रूम में बिना इजाजत के प्रवेश करने, डीवीआर निकालने, क्रिकेट सट्टा मैच का समय गलत होने, उसके एलईडी के सामने सट्टा खेलने के बजाय बाहर सड़क पर खड़े होने जैसे कई सबूत स्पष्ट पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ फैसला दिया।
फैसले की कापी अभी हमारे पास नहीं आई : डीएसपी
राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ ने संबंधित मुकदमे में क्या फैसला सुनाया है, इसके बारे में अभी तक हमारे पास कोई भी लिखित नोटिस या कोई फैसला कॉपी नहीं आई है। इसलिए क्या सिफारिश की गई है, इस पर कुछ नहीं बता सकते हैं।
-संजय कुमार, तत्कालीन डीएसपी, भूना।