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Fatehabad News: स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियां, निगरानी की सौंपी गई जिम्मेदारी
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नगर परिषद कार्यालय में स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी को लेकर बैठक लेते अधिकारी। नगर परिषद
फतेहाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सफाई निरीक्षक सतपाल सैनी और स्वच्छ सर्वेक्षण के जिला इंचार्ज कुमार सौरभ ने सफाई दारोगाओं की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार अंक केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि मैदान में दिखाई देने वाली सफाई व्यवस्था और कार्यप्रणाली के आधार पर दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि मार्च माह से स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी संस्था सीएमजीजीए को सर्वेक्षण की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीएमजीजीए के प्रतिनिधि पिछले दस दिनों में तीन बार नगर परिषद का निरीक्षण कर चुके हैं और अब खामियों पर सीधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिले में फतेहाबाद और टोहाना नगर परिषद के अलावा रतिया, भूना और जाखल नगरपालिकाएं भी सर्वेक्षण में शामिल हैं। पिछली बार फतेहाबाद को अच्छे अंक मिले थे, जबकि अन्य शहरों का प्रदर्शन कमजोर रहा।
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इस बार सभी शहरों की स्थिति सुधारने और अधिक अंक हासिल करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सीएमजीजीए के प्रतिनिधि विनय यादव जिला टीम के साथ निरीक्षण करेंगे और सुधार कार्यों की प्रगति का आंकलन करेंगे।
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सख्त हुआ मूल्यांकन तंत्र
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में कुल 12,500 अंकों का मूल्यांकन होगा। नगर निकायों को हर माह स्वच्छता पोर्टल पर एमआईएस रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। समय पर रिपोर्ट न देने पर फील्ड असेसमेंट से बाहर किया जा सकता है। थर्ड पार्टी एजेंसी सैंपलिंग के आधार पर ऑन-ग्राउंड जांच करेगी और उसी के अनुसार अंक तय होंगे। कुल 10,500 अंक ऑन-ग्राउंड असेसमेंट के लिए निर्धारित हैं। दिखाई देने वाली सफाई, कचरा पृथक्करण, संग्रहण, ठोस कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालय, सेप्टिक टैंक की सफाई, जनजागरूकता, स्वच्छता कर्मियों का कल्याण और शिकायत निवारण जैसे 10 प्रमुख सेक्शन में मूल्यांकन होगा।
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गलत दावों पर कटेंगे अंक
यदि पोर्टल पर किए गए दावे और फील्ड जांच में अंतर पाया गया तो सीधे पेनाल्टी लगेगी। 20 प्रतिशत तक अंतर पर छूट, 21 से 30 प्रतिशत पर 15 अंक, 31 से 40 प्रतिशत पर 20 अंक, 41 से 50 प्रतिशत पर 25 अंक और 50 प्रतिशत से अधिक अंतर पर 30 अंक तक काटे जा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार स्वच्छता व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करना ही प्राथमिकता है, ताकि जिले के सभी शहर बेहतर रैंक हासिल कर सकें।
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अब जाने पिछले साल शहरों की क्या रही थी स्थिति
शहर
स्टेट रैंक
नेशनल रैंक
फतेहाबाद
4
70
टोहाना
51
455
रतिया
15
300
भूना
33
492
जाखल
27
495
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अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार अंक केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि मैदान में दिखाई देने वाली सफाई व्यवस्था और कार्यप्रणाली के आधार पर दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि मार्च माह से स्वच्छ सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी संस्था सीएमजीजीए को सर्वेक्षण की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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सीएमजीजीए के प्रतिनिधि पिछले दस दिनों में तीन बार नगर परिषद का निरीक्षण कर चुके हैं और अब खामियों पर सीधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिले में फतेहाबाद और टोहाना नगर परिषद के अलावा रतिया, भूना और जाखल नगरपालिकाएं भी सर्वेक्षण में शामिल हैं। पिछली बार फतेहाबाद को अच्छे अंक मिले थे, जबकि अन्य शहरों का प्रदर्शन कमजोर रहा।
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इस बार सभी शहरों की स्थिति सुधारने और अधिक अंक हासिल करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सीएमजीजीए के प्रतिनिधि विनय यादव जिला टीम के साथ निरीक्षण करेंगे और सुधार कार्यों की प्रगति का आंकलन करेंगे।
सख्त हुआ मूल्यांकन तंत्र
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में कुल 12,500 अंकों का मूल्यांकन होगा। नगर निकायों को हर माह स्वच्छता पोर्टल पर एमआईएस रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। समय पर रिपोर्ट न देने पर फील्ड असेसमेंट से बाहर किया जा सकता है। थर्ड पार्टी एजेंसी सैंपलिंग के आधार पर ऑन-ग्राउंड जांच करेगी और उसी के अनुसार अंक तय होंगे। कुल 10,500 अंक ऑन-ग्राउंड असेसमेंट के लिए निर्धारित हैं। दिखाई देने वाली सफाई, कचरा पृथक्करण, संग्रहण, ठोस कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालय, सेप्टिक टैंक की सफाई, जनजागरूकता, स्वच्छता कर्मियों का कल्याण और शिकायत निवारण जैसे 10 प्रमुख सेक्शन में मूल्यांकन होगा।
गलत दावों पर कटेंगे अंक
यदि पोर्टल पर किए गए दावे और फील्ड जांच में अंतर पाया गया तो सीधे पेनाल्टी लगेगी। 20 प्रतिशत तक अंतर पर छूट, 21 से 30 प्रतिशत पर 15 अंक, 31 से 40 प्रतिशत पर 20 अंक, 41 से 50 प्रतिशत पर 25 अंक और 50 प्रतिशत से अधिक अंतर पर 30 अंक तक काटे जा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार स्वच्छता व्यवस्था को धरातल पर मजबूत करना ही प्राथमिकता है, ताकि जिले के सभी शहर बेहतर रैंक हासिल कर सकें।
अब जाने पिछले साल शहरों की क्या रही थी स्थिति
शहर
स्टेट रैंक
नेशनल रैंक
फतेहाबाद
4
70
टोहाना
51
455
रतिया
15
300
भूना
33
492
जाखल
27
495