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Fatehabad News: पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने बिगाड़ा बजट
Mon, 25 May 2026 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 25 May 2026 10:49 PM IST
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शहर में पेर्टोल पंप से तेल भरवाते वाहन चालक।
फतेहाबाद। तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले महज 10 दिनों में तीन बार दाम बढ़ चुके है। इस बढ़ोतरी के बाद जिले में पेट्रोल की कीमतों में कुल 7.33 रुपये और डीजल के दामों में 7.53 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। इससे अब जिले में पेट्रोल 103.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.36 रुपये पहुंच गया है।
डीजल के दामों में हुई इस भारी वृद्धि का असर कृषि, उद्योग और व्यापार के कृषि क्षेत्र खरीफ की फसलों की बुवाई के इस सीजन में किसानों का खेती का खर्च बढ़ गया है। डीजल महंगा होने के कारण ट्रैक्टर मालिकों ने भी जुताई और बुवाई के रेट बढ़ा दिए हैं। अब किसानों को ट्रैक्टर से बुवाई करवाने के लिए प्रति एकड़ 100 रुपये अतिरिक्त के साथ 700 रुपये प्रति एकड़ के देने होंगे।
उद्योग और व्यापार जगत की लागत बढ़ी : जिले के उद्योगपति नरेश, राहुल, सोनू और सतपाल ने बताया कि तेल की कीमतों में वृद्धि से उद्योग और व्यापार के खर्च भी बढ़े। माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) महंगी होने के कारण उद्योगपतियों के लिए बाहर से कच्चा माल मंगवाना और तैयार माल को दूसरे राज्यों में निर्यात करना काफी महंगा हो गया है।
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जानिए कब कितने रहे रहे रेट
डीजल
15 मई तक - 88.83 रुपये
16 मई - 91.83 रुपये
18 मई - 92.73 रुपये
23 मई - 93.65 रुपये
25 मई - 96.36 रुपये
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पेट्रोल
15 मई से पहले - 96.40 रुपये
16 मई - 100.27 रुपये
23 मई - 101.13 रुपये
25 मई - 103.73 रुपये
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मैं रोजाना गांव भिरडाना से बाइक लघु सचिवालय में जाता हूं। पिछले 10 दिनों में हुई इस बढ़ोतरी के कारण मेरा मासिक खर्च 500 रुपये से लेकर 600 रुपये तक बढ़ गया है।
-गौरव।
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डीजल के दाम बढ़ते ही ट्रैक्टर, थ्रेसर और कंबाइन मशीन का रेट बढ़ गया है। इससे खेती का खर्च बढ़ गया है। सरकार को डीजल के दाम एकसाथ इतने नहीं बढ़ाने चाहिए थे। इससे किसान की लागत और बढ़ गई है।
-चांदीराम, किसान।
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मैं एक निजी बैंक में फील्ड का काम करता हूं। तेल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण प्रतिदिन का खर्च 15 रुपये तक बढ़ गया है। ऐसे में मासिक खर्च 500 रुपये तक बढ़ गया है। तेल की कीमत में कमी की जानी चाहिए।
-पवन कुमार।
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पिछले 10 दिनों में करीब 7 रुपये से अधिक पेट्रोल डीजल के भाव बढ़ गए हैं। सरकार तेल की कीमत बढ़ा रही है इससे आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है। एकसाथ इतनी बढ़ोतरी होने से आमजनता को परेशानी हो रही है।
-मुकेश शर्मा।
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डीजल के दामों में हुई इस भारी वृद्धि का असर कृषि, उद्योग और व्यापार के कृषि क्षेत्र खरीफ की फसलों की बुवाई के इस सीजन में किसानों का खेती का खर्च बढ़ गया है। डीजल महंगा होने के कारण ट्रैक्टर मालिकों ने भी जुताई और बुवाई के रेट बढ़ा दिए हैं। अब किसानों को ट्रैक्टर से बुवाई करवाने के लिए प्रति एकड़ 100 रुपये अतिरिक्त के साथ 700 रुपये प्रति एकड़ के देने होंगे।
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उद्योग और व्यापार जगत की लागत बढ़ी : जिले के उद्योगपति नरेश, राहुल, सोनू और सतपाल ने बताया कि तेल की कीमतों में वृद्धि से उद्योग और व्यापार के खर्च भी बढ़े। माल ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) महंगी होने के कारण उद्योगपतियों के लिए बाहर से कच्चा माल मंगवाना और तैयार माल को दूसरे राज्यों में निर्यात करना काफी महंगा हो गया है।
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जानिए कब कितने रहे रहे रेट
डीजल
15 मई तक - 88.83 रुपये
16 मई - 91.83 रुपये
18 मई - 92.73 रुपये
23 मई - 93.65 रुपये
25 मई - 96.36 रुपये
पेट्रोल
15 मई से पहले - 96.40 रुपये
16 मई - 100.27 रुपये
23 मई - 101.13 रुपये
25 मई - 103.73 रुपये
मैं रोजाना गांव भिरडाना से बाइक लघु सचिवालय में जाता हूं। पिछले 10 दिनों में हुई इस बढ़ोतरी के कारण मेरा मासिक खर्च 500 रुपये से लेकर 600 रुपये तक बढ़ गया है।
-गौरव।
डीजल के दाम बढ़ते ही ट्रैक्टर, थ्रेसर और कंबाइन मशीन का रेट बढ़ गया है। इससे खेती का खर्च बढ़ गया है। सरकार को डीजल के दाम एकसाथ इतने नहीं बढ़ाने चाहिए थे। इससे किसान की लागत और बढ़ गई है।
-चांदीराम, किसान।
मैं एक निजी बैंक में फील्ड का काम करता हूं। तेल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण प्रतिदिन का खर्च 15 रुपये तक बढ़ गया है। ऐसे में मासिक खर्च 500 रुपये तक बढ़ गया है। तेल की कीमत में कमी की जानी चाहिए।
-पवन कुमार।
पिछले 10 दिनों में करीब 7 रुपये से अधिक पेट्रोल डीजल के भाव बढ़ गए हैं। सरकार तेल की कीमत बढ़ा रही है इससे आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है। एकसाथ इतनी बढ़ोतरी होने से आमजनता को परेशानी हो रही है।
-मुकेश शर्मा।