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फतेहाबाद: पराग सीड्स से लाखों का धान चोरी, दोबारा भी चोरी का प्रयास
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सिरसा रोड पर पराग सीड्स फैक्टरी के स्टैक, जहां से धान की बोरियां गायब हुई।
फतेहाबाद। फतेहाबाद में चोरी वारदात लगातार बढ़ रही हैं। चोरों ने फतेहाबाद के सिरसा रोड पर स्थित पराग सीड्स फैक्टरी से एक हजार धान के कट्टे चुरा लिए हैं। यह चोरी एक दिन में नहीं बल्कि बीते कई दिनों से हो रही थी। जब फैक्टरी मालिक को इसका पता लगा तो उसने अपने कुछ लोगों को फैक्टरी में अलग-अलग जगह छिपकर निगरानी करने को कहा और साथ ही पुलिस को भी सूचना दी।
वीरवार रात टाटा ऐस में सवार होकर चार लोग फैक्टरी के साथ लगते कमरे की छत से अंदर घुसे तो मौजूद लोगों ने उन्हें दबोचना चाहा तो चारों व्यक्ति टाटा ऐस को मौके पर छोड़कर खेतों में भाग निकले। टाटा ऐस को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। चोरी हुई धान की कीमत लगभग 26 लाख रुपये बताई गई है। सिरसा रोड पर स्थित पराग सीड्स फैक्टरी मालिक सुरेंद्र गोयल ने बताया कि उनकी फैक्टरी में अनाज की ग्रेडिंग कर बीज बनाया जाता है। यहां पर लाखों धान के बैग रखे हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से फैक्टरी से लगातार धान की बोरियां चोरी हो रही थी। चोर रात को आते और धान की के बैगों की स्टैक से धान उठाते रहे। चोर पहले एक स्टैक फिर दूसरे स्टैक से धान की बोरियां चुरा रहे थे। सुरेंद्र गोयल ने बताया कि 15 फरवरी को उनके कर्मचारी ने बताया कि स्टैक से कई कट्टे गायब हैं। जब वह स्टैक पर चढ़े तो अनेक धान के कट्टे गायब थे और स्टैक के साथ बने कमरे में धान भी बिखरा पड़ा था। कमरे के साथ ही फैक्टरी के टीन की दीवार बनी हुई है, वहां से टीन भी उखड़ा हुआ था। टीन के दूसरी तरफ एक और कमरे की छत व छत के बाद खाली मैदान है। यहां सभी जगह धान बिखरा होने पर पता चला कि चोर मैदान से छत पर होते हुए टीन उखाड़कर अंदर आते और धान उठाकर यहीं से वापस जाते। जब स्टॉक मिलना किया गया तो एक हजार बैग से ज्यादा का धान चोरी मिला। 50 किलो के एक बैग की कीमत 2600 रुपये है, इस प्रकार 26 लाख से ज्यादा का धान चोरी हो चुका है।
सुरेंद्र गोयल ने बताया कि दो दिन पहले ही धान की बोरियों की चोरी की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अपने 25 लोगों को फैक्टरी में अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर बैठाया। वीरवार रात को चार लोग एक टाटा ऐस मेंं फैक्टरी में टीन वाले रास्ते से आए। जब पहरा दे रहे लोगों ने उनको पकड़ना चाहा तो वह खेतों से रास्ते से भाग गए, लेकिन टाटा ऐस वहीं पर छोड़ गए। टाटा ऐस को पुलिस को हवाले कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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वीरवार रात टाटा ऐस में सवार होकर चार लोग फैक्टरी के साथ लगते कमरे की छत से अंदर घुसे तो मौजूद लोगों ने उन्हें दबोचना चाहा तो चारों व्यक्ति टाटा ऐस को मौके पर छोड़कर खेतों में भाग निकले। टाटा ऐस को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। चोरी हुई धान की कीमत लगभग 26 लाख रुपये बताई गई है। सिरसा रोड पर स्थित पराग सीड्स फैक्टरी मालिक सुरेंद्र गोयल ने बताया कि उनकी फैक्टरी में अनाज की ग्रेडिंग कर बीज बनाया जाता है। यहां पर लाखों धान के बैग रखे हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से फैक्टरी से लगातार धान की बोरियां चोरी हो रही थी। चोर रात को आते और धान की के बैगों की स्टैक से धान उठाते रहे। चोर पहले एक स्टैक फिर दूसरे स्टैक से धान की बोरियां चुरा रहे थे। सुरेंद्र गोयल ने बताया कि 15 फरवरी को उनके कर्मचारी ने बताया कि स्टैक से कई कट्टे गायब हैं। जब वह स्टैक पर चढ़े तो अनेक धान के कट्टे गायब थे और स्टैक के साथ बने कमरे में धान भी बिखरा पड़ा था। कमरे के साथ ही फैक्टरी के टीन की दीवार बनी हुई है, वहां से टीन भी उखड़ा हुआ था। टीन के दूसरी तरफ एक और कमरे की छत व छत के बाद खाली मैदान है। यहां सभी जगह धान बिखरा होने पर पता चला कि चोर मैदान से छत पर होते हुए टीन उखाड़कर अंदर आते और धान उठाकर यहीं से वापस जाते। जब स्टॉक मिलना किया गया तो एक हजार बैग से ज्यादा का धान चोरी मिला। 50 किलो के एक बैग की कीमत 2600 रुपये है, इस प्रकार 26 लाख से ज्यादा का धान चोरी हो चुका है।
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सुरेंद्र गोयल ने बताया कि दो दिन पहले ही धान की बोरियों की चोरी की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अपने 25 लोगों को फैक्टरी में अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर बैठाया। वीरवार रात को चार लोग एक टाटा ऐस मेंं फैक्टरी में टीन वाले रास्ते से आए। जब पहरा दे रहे लोगों ने उनको पकड़ना चाहा तो वह खेतों से रास्ते से भाग गए, लेकिन टाटा ऐस वहीं पर छोड़ गए। टाटा ऐस को पुलिस को हवाले कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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