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Fatehabad News: जिले की 10 पीएचसी पर एक-एक डॉक्टर, दो पर एक भी नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2022 11:24 PM IST
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One doctor each in 10 PHCs of the district, not one doctor on two
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिरथला में दवाई लेने पहुंचीं महिलाएं। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जिले के 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ग्रामीणों को ठीक तरह से उपचार नहीं मिल रहा है। यहां तक कि कई पीएचसी पर खांसी-जुकाम तक की दवा नहीं मिल रही है। करीब 10 पीएचसी पर एक-एक डॉक्टर ही तैनात है, इसके अलावा दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक भी डॉक्टर नहीं है। यहां एंबुलेंस भी बिना ईएमटी के दौड़ रही है। ईएमटी के 13 पद खाली है।
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जिले में स्टाफ नर्स के 177 पद स्वीकृत है जबकि 136 तैनात है। स्टाफ नर्स की कमी के चलते भी डिलीवरी केस रेफर हो रहे हैं। प्रत्येक पीएचसी पर मेडिकल ऑफिसर के दो, स्टाफ नर्स के दो और फार्मासिस्ट व लैब तकनीशियन का एक-एक पद स्वीकृत है। पीएचसी नहला, मामुपुर, म्योंदकलां, कुलां, पीलीमंदोरी, बीघड़, खैरातीखेड़ा में फार्मासिस्ट भी नहीं है। वहीं रतिया रोड पर गांव अहरवां में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही है। यहां पर 18 गांवों के ग्रामीण दवाई लेने के लिए आते हैं। यहां पर दंत चिकित्सक न होने के चलते मरीजों को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद जाना पड़ रहा है। इसके अलावा आयुष विभाग की तरफ से भी यहां सुविधा नहीं है। पीएचसी वर्ष 2014 में बनी थी और इसकी शुरूआत दो साल बाद हुई थी।
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पीएचसी कुल पद कार्यरत खाली
नागपुर 2 2 0
महमड़ा 2 2 0
अहरवां 2 2 0
हसंगा 2 2 0
भिरड़ाना 2 1 1
पीलीमंदोरी 2 1 1
बनगांव 2 1 1
खैरातीखेड़ा 2 2 0
खाबड़ा कलां 2 1 1
हिजरावां कलां 2 0 2
एमपी रोही 2 2 0
बीघड़ 2 1 1
मामुपुर 2 2 0
समैन 2 1 1
कुलां 2 1 1
म्योंदकलां 2 2 0
इंदाछुई 2 1 1
पिरथला 2 2 0
झलनियां 2 1 1
नहला 2 0 2
पीएचसी पर खांसी-जुकाम तक की दवा का टोटा
टोहाना खंड के गांव पिरथला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ठरवा, ठरवी, सनियाना, ललौदा, पारता, नांगला, बिढाई खेड़ा से ग्रामीण दवाई लेने के लिए आते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में दंत चिकित्सक, मेडिकल ऑफिसर व चुतुर्थ श्रेणी का पद खाली है। फार्मासिस्ट राधेश्याम ने बताया कि यहां रोजाना 70 से 80 मरीज दवाई लेने के लिए आते है। यहां पर स्वास्थ्य केंद्र में दवाईयों की भारी कमी है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में लगभग सभी तरह की दवाइयों की कमी है। यह कमी पिछले लंबे समय से बनी हुई है। स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ सदस्यों ने बताया कि फिलहाल के केंद्र में खांसी, जुखाम से जुड़ी दवाइयों भी खत्म है।
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क्या कहते हैं मरीज
गांव अहरवां में पीएचसी है लेकिन मरीजों को दवाई पूरी नहीं मिल पाती है। कई बार यहां पर डॉक्टर भी नहीं मिलता है। डॉक्टरों को ड्यूटी दूसरी जगह लगा दी जाती है।
-राजकुमार, ग्रामीण
पीएचसी अहरवां में दंत चिकित्सक नहीं है। उपचार के लिए फतेहाबाद जाना पड़ रहा है। अगर यहां पर दंत चिकित्सक तैनात कर दिया जाए तो 18 गांवों के ग्रामीणों को फायदा होगा।

-बलजिंद्र सिंह, ग्रामीण
गांव में जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए है वहां पर सभी सुविधाएं होनी चाहिए। कागजों में डॉक्टर है लेकिन कई बार डयूटी दूसरे अस्पताल में लगा दी जाती है। डिलीवरी के लिए भी गर्भवती को रेफर किया जा रहा है।
-दलजिंद्र सिंह, ग्रामीण
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