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Fatehabad News: मनरेगा से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला
Fri, 03 Apr 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:20 PM IST
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राज्य प्रधान संदीप कुमार।
रतिया। प्रदेश में मनरेगा के तहत कार्यरत कर्मचारी व अधिकारी पिछले पांच महीनों से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसको लेकर मनरेगा कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई है और जल्द वेतन जारी करने की मांग की है।
एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान संदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में कई बदलाव करते हुए रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया तथा प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करना सराहनीय कदम था। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम अधिकारी, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी, लेखाकार सहायक, कनिष्ठ अभियंता, कंप्यूटर ऑपरेटर, बीएफटी और ग्राम रोजगार सहायक सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी पिछले पांच महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं।
वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने बच्चों की फीस, स्कूल में दाखिले और दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना बड़ी चुनौती बन गया है। प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार, उपप्रधान परमाल सिंह, महासचिव राकेश पांडेय और कैशियर अनिल अत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 23 जिलों में यही स्थिति बनी हुई है। बिना वेतन काम करने के कारण कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस संबंध में चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से संपर्क करने पर अधिकारियों ने बताया कि वेतन भुगतान के लिए दो करोड़ रुपये की एफडी करवाई गई है। मंजूरी मिलने के बाद राशि जारी की जाएगी, जिससे फिलहाल एक माह का वेतन दिया जा सकेगा। शेष चार महीनों के वेतन के लिए अतिरिक्त बजट की मांग भेजी गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान संदीप कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में कई बदलाव करते हुए रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया तथा प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करना सराहनीय कदम था। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम अधिकारी, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी, लेखाकार सहायक, कनिष्ठ अभियंता, कंप्यूटर ऑपरेटर, बीएफटी और ग्राम रोजगार सहायक सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी पिछले पांच महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं।
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वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने बच्चों की फीस, स्कूल में दाखिले और दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना बड़ी चुनौती बन गया है। प्रदेश अध्यक्ष संदीप कुमार, उपप्रधान परमाल सिंह, महासचिव राकेश पांडेय और कैशियर अनिल अत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 23 जिलों में यही स्थिति बनी हुई है। बिना वेतन काम करने के कारण कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस संबंध में चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से संपर्क करने पर अधिकारियों ने बताया कि वेतन भुगतान के लिए दो करोड़ रुपये की एफडी करवाई गई है। मंजूरी मिलने के बाद राशि जारी की जाएगी, जिससे फिलहाल एक माह का वेतन दिया जा सकेगा। शेष चार महीनों के वेतन के लिए अतिरिक्त बजट की मांग भेजी गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।