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नक्शे पास हो रहे न हो पा रही प्रॉपर्टी सेल-परचेज, भटक रहे लोग
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फतेहाबाद के मंडी टाउनशिप का मॉडल टाउन क्षेत्र।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने मंडी टाउनशिप के विकास कार्य और रिकॉर्ड को नगर परिषद को सौंप चुकी है। मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा पिछले साल नप को हैंडओवर करने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की थी कि उन्हें हिसार नहीं जाना पड़ेगा लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि अधूरा रिकॉर्ड उनके लिए मुसीबत बनेगा। एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) द्वारा नप को रिकॉर्ड का साफ्टवेयर न देने से यहां की प्रॉपर्टी सेल-परचेज नहीं हो पा रही है। इसके अलावा न ही नक्शा पास हो पा रहा है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने नप को सॉफ्टवेयर नहीं दिया है, इसमें सॉफ्टवेयर में अपडेट डाटा है। अगर किसी ने प्रॉपर्टी का नक्शा पास करवाना है या फिर सेल-परचेज करनी है तो नप से नो ड्यूज नहीं मिल पा रही है। इस कारण से रजिस्ट्री लटकी हुई है। मंडी टाउनशिप के रिकॉर्ड को लेकर जब नगर परिषद में लोग जाते हैं तो उन्हें अपडेट डाटा नहीं मिल रहा है। यानी प्रॉपर्टी को लेकर किसी का बकाया है तो उसका अपडेट रिकॉर्ड नप के पास नहीं है। नप ने जब मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड लिया था तो उस समय उन्हें बकाया को लेकर मैनुअल रिकॉर्ड दिया गया। अब उस बकाया पर कितना ब्याज लग चुका है, इस बारे में नप के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके चलते लोगों को हिसार के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और वहां से उन्हें नप कार्यालय में भेजा जा रहा है। संवाद
मंडी टाउनशिप में है करीब 950 प्रॉपर्टी
नप अधिकारियों की माने तो मंडी टाउनशिप तीन हिस्सों में बंटी हुई है। इसमें करीब 950 प्रॉपर्टी हैं। मंडी टाउनशिप का करीब 90 फीसदी हिस्सा विकसित हो चुका है। करीब 10 फीसदी प्लॉट है।
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विकास कार्य नप करवा चुका है शुरू
दो साल पहले मंडी टाउनशिप को नप में ट्रांसफर की सरकार ने घोषणा की थी। इसके बाद नगर परिषद इसे अपने अधीन लेकर विकास कार्य शुरू करवा चुका है। अब हाल ही में नप ने मॉडल टाउन में सड़क के निर्माण के लिए 70 लाख का टेंडर लगाया हुआ है।
कोट
पिछले काफी दिनों से इसको लेकर आवाज उठाई जा रही है कि मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड नगर परिषद को सौंपा जाए। मैनुअल रिकॉर्ड सौंपा जा चुका है, साफ्टवेयर सौंपा जाना है, जो अभी तक नहीं दिया गया है। इसको लेकर हम हुडा के प्रशासक से मिल चुके है। सॉफ्टवेयर न आने से लोगों को नक्शा पास करवाने और सेल-परचेज करनी है वह नहीं हो पा रहा है।
-एडवोकेट प्रवीन जोड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा
कोट
मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड आ चुका है लेकिन सॉफ्टवेयर का इंतजार है। मैनुअल हमारे पास रिकॉर्ड है लेकिन अपडेट बकाया की जानकारी सॉफ्टवेयर से ही मिल सकती है। इसको लेकर एचएसवीपी के साथ पत्राचार चल रहा है।
-सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने नप को सॉफ्टवेयर नहीं दिया है, इसमें सॉफ्टवेयर में अपडेट डाटा है। अगर किसी ने प्रॉपर्टी का नक्शा पास करवाना है या फिर सेल-परचेज करनी है तो नप से नो ड्यूज नहीं मिल पा रही है। इस कारण से रजिस्ट्री लटकी हुई है। मंडी टाउनशिप के रिकॉर्ड को लेकर जब नगर परिषद में लोग जाते हैं तो उन्हें अपडेट डाटा नहीं मिल रहा है। यानी प्रॉपर्टी को लेकर किसी का बकाया है तो उसका अपडेट रिकॉर्ड नप के पास नहीं है। नप ने जब मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड लिया था तो उस समय उन्हें बकाया को लेकर मैनुअल रिकॉर्ड दिया गया। अब उस बकाया पर कितना ब्याज लग चुका है, इस बारे में नप के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके चलते लोगों को हिसार के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और वहां से उन्हें नप कार्यालय में भेजा जा रहा है। संवाद
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मंडी टाउनशिप में है करीब 950 प्रॉपर्टी
नप अधिकारियों की माने तो मंडी टाउनशिप तीन हिस्सों में बंटी हुई है। इसमें करीब 950 प्रॉपर्टी हैं। मंडी टाउनशिप का करीब 90 फीसदी हिस्सा विकसित हो चुका है। करीब 10 फीसदी प्लॉट है।
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विकास कार्य नप करवा चुका है शुरू
दो साल पहले मंडी टाउनशिप को नप में ट्रांसफर की सरकार ने घोषणा की थी। इसके बाद नगर परिषद इसे अपने अधीन लेकर विकास कार्य शुरू करवा चुका है। अब हाल ही में नप ने मॉडल टाउन में सड़क के निर्माण के लिए 70 लाख का टेंडर लगाया हुआ है।
कोट
पिछले काफी दिनों से इसको लेकर आवाज उठाई जा रही है कि मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड नगर परिषद को सौंपा जाए। मैनुअल रिकॉर्ड सौंपा जा चुका है, साफ्टवेयर सौंपा जाना है, जो अभी तक नहीं दिया गया है। इसको लेकर हम हुडा के प्रशासक से मिल चुके है। सॉफ्टवेयर न आने से लोगों को नक्शा पास करवाने और सेल-परचेज करनी है वह नहीं हो पा रहा है।
-एडवोकेट प्रवीन जोड़ा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा
कोट
मंडी टाउनशिप का रिकॉर्ड आ चुका है लेकिन सॉफ्टवेयर का इंतजार है। मैनुअल हमारे पास रिकॉर्ड है लेकिन अपडेट बकाया की जानकारी सॉफ्टवेयर से ही मिल सकती है। इसको लेकर एचएसवीपी के साथ पत्राचार चल रहा है।
-सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।