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गड़बड़ी : बरसाती पानी निकासी पाइप की जगह बिछा दी सीवरेज की लाइन
Mon, 09 Feb 2026 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:22 PM IST
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फतेहाबाद के धर्मशाला रोड पर पाइप लाइन की शिकायत पर जांच करने पहुंचे अधिकारी दुकानदारों से बात
फतेहाबाद। धर्मशाला रोड पर करीब साढ़े पांच साल पहले डाली गई पाइपलाइन फिर जांच के घेरे में आ गई है। जनस्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार यह पाइपलाइन बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन शिकायतों में यह सीवरेज पाइपलाइन के रूप में बिछाई गई पाई गई। इस मामले की शिकायत ठाकर बस्ती निवासी राधेश्याम ने की थी।
सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो, चंडीगढ़ की तकनीकी शाखा की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम में एसडीओ ध्रुव कुमार, एएसआई कुलदीप कुमार और फतेहाबाद से एसडीओ अंचल जैन मौजूद रहे। टीम ने धर्मशाला रोड के दुकानदारों के बयान दर्ज किए। पाइपलाइन के नीचे बिछाए गए कंक्रीट का सैंपल लेने के लिए 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया, लेकिन मशीन न मिलने के कारण सैंपल नहीं लिया जा सका।
पिछले साल 25 जुलाई को भी एसीबी की टीम ने मौके पर जांच की थी, लेकिन गड्ढा न खो पाने के कारण सैंपल नहीं लिया गया था और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सीवरेज पाइप डालने से बरसाती जल निकासी बाधित हुई और जलभराव व बदबू की समस्या और बढ़ गई है।
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दुकानदार बोले, जलभराव की स्थिति बरकरार
एसीबी के अधिकारियों ने धर्मशाला रोड के दुकानदारों से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां पर बारिश के पानी की निकासी लाइन बिछाई जानी थी लेकिन यहां पर सीवरेज पाइप लाइन बिछा दी गई। इसके अलावा बहाव के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। पानी का बहाव धर्मशाला रोड से थाना रोड की तरफ है जबकि इसे तुलसीदास चौक की तरफ कर दिया गया। बारिश के दौरान मोटरों के जरिये पानी निकालना पड़ता है।
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नगर परिषद ने पाइप लाइन के लिए दिए करीब 62 लाख रुपये
नगर परिषद प्रशासन ने धर्मशाला रोड पर बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को करीब 62 लाख रुपये दिए थे। इन पैसों से विभाग को बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालनी थी, यह काम दो फेज में होना था, लेकिन पाइप लाइन डालने के मामले में लगे भष्ट्राचार के आरोप के बाद सिर्फ एक फेज का काम ही किया गया। दूसरे फेज में वाल्मिकी चौक से मॉडल टाउन होते हुए शिवालय मार्केट तक पाइप लाइन डाली जानी थी लेकिन ये प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुआ।
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डिवाइडर का भी उठाया था मुद्दा
शिकायतकर्ता राधेश्याम ने नगर परिषद के बनाए गए डिवाइडर का भी मुद्दा उठाया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने के दौरान पाइप लाइन के नीचे बजरी व सीमेंट से एक बेड का निर्माण किया जाना था, वो विभाग की ओर से नहीं किया। जब इसका विरोध किया गया तो विभाग ने कुछ जगह पर ये बेड बनाए थे। वहीं पाइप लाइन के जोड़ भी ठीक से नहीं किए गए और लेवल को लेकर काफी दिक्कत रही। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोमवार को टीम जरूर पहुंची है लेकिन साधन न होने से सैंपल नहीं लिए गए है।
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सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो, चंडीगढ़ की तकनीकी शाखा की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम में एसडीओ ध्रुव कुमार, एएसआई कुलदीप कुमार और फतेहाबाद से एसडीओ अंचल जैन मौजूद रहे। टीम ने धर्मशाला रोड के दुकानदारों के बयान दर्ज किए। पाइपलाइन के नीचे बिछाए गए कंक्रीट का सैंपल लेने के लिए 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया, लेकिन मशीन न मिलने के कारण सैंपल नहीं लिया जा सका।
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पिछले साल 25 जुलाई को भी एसीबी की टीम ने मौके पर जांच की थी, लेकिन गड्ढा न खो पाने के कारण सैंपल नहीं लिया गया था और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सीवरेज पाइप डालने से बरसाती जल निकासी बाधित हुई और जलभराव व बदबू की समस्या और बढ़ गई है।
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दुकानदार बोले, जलभराव की स्थिति बरकरार
एसीबी के अधिकारियों ने धर्मशाला रोड के दुकानदारों से बात की तो उन्होंने बताया कि यहां पर बारिश के पानी की निकासी लाइन बिछाई जानी थी लेकिन यहां पर सीवरेज पाइप लाइन बिछा दी गई। इसके अलावा बहाव के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। पानी का बहाव धर्मशाला रोड से थाना रोड की तरफ है जबकि इसे तुलसीदास चौक की तरफ कर दिया गया। बारिश के दौरान मोटरों के जरिये पानी निकालना पड़ता है।
नगर परिषद ने पाइप लाइन के लिए दिए करीब 62 लाख रुपये
नगर परिषद प्रशासन ने धर्मशाला रोड पर बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को करीब 62 लाख रुपये दिए थे। इन पैसों से विभाग को बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालनी थी, यह काम दो फेज में होना था, लेकिन पाइप लाइन डालने के मामले में लगे भष्ट्राचार के आरोप के बाद सिर्फ एक फेज का काम ही किया गया। दूसरे फेज में वाल्मिकी चौक से मॉडल टाउन होते हुए शिवालय मार्केट तक पाइप लाइन डाली जानी थी लेकिन ये प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हुआ।
डिवाइडर का भी उठाया था मुद्दा
शिकायतकर्ता राधेश्याम ने नगर परिषद के बनाए गए डिवाइडर का भी मुद्दा उठाया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि विभाग की ओर से पाइप लाइन डालने के दौरान पाइप लाइन के नीचे बजरी व सीमेंट से एक बेड का निर्माण किया जाना था, वो विभाग की ओर से नहीं किया। जब इसका विरोध किया गया तो विभाग ने कुछ जगह पर ये बेड बनाए थे। वहीं पाइप लाइन के जोड़ भी ठीक से नहीं किए गए और लेवल को लेकर काफी दिक्कत रही। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोमवार को टीम जरूर पहुंची है लेकिन साधन न होने से सैंपल नहीं लिए गए है।