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Haryana: प्रदेश में टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस होंगे रद्द, बंदूकें की जाएंगी जब्त

Thu, 22 Jun 2023 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा) Updated Thu, 22 Jun 2023 12:15 AM IST
सार

वन्य जीव प्रेमियों की मांग पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने आदेश जारी किए है। अब यह बंदूक किसी भी खेत में नहीं रखी जाएगी। पुलिस विभाग जिनके पास लाइसेंस हैं उन्हें रद्द करके बंदूकें जमा करवाई जाएंगी।

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Haryana: Licenses of cap guns will be canceled in the state, guns will be confiscated
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

हरियाणा में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से प्रदेश में टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस रद्द करके बंदूकें जब्त करने के आदेश जारी किए हैं। पिछले कई सालों से प्रदेश में टोपीदार बंदूकों से फसल रखवाली के नाम पर वन्य जीवों को मारने के मामले सामने आ रहे थे।

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इसके लिए अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रदेशाध्यक्ष विनोद कड़वासरा ने विभाग से रिपोर्ट मांगी थी कि शिकार के कितने मामलों में इस बंदूक का प्रयोग हुआ है। इसके अलावा जनसूचना अधिकार कानून के तहत भी जानकारी जुटाई गई।

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इसमें सामने आया कि इस बंदूक का फसल रखवाली के नाम पर अवैध शिकार में प्रयोग किया जा रहा है। 16 दिसंबर 2021 को फतेहाबाद के गांव ढिंगसरा में वन्य प्राणी रक्षक सुरेश कुमार के पेट में भी शिकारियों ने इसी प्रकार की बंदूक से गोली मार दी थी, तब से यह मुद्दा ज्यादा गर्माया हुआ था। आखिरकार वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने इस विषय में आदेश दिए और वन्यजीव प्रेमियों को कामयाबी मिली।

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क्या है टोपीदार बंदूक
टोपीदार बंदूक को देसी भाषा में लम्चड़ बंदूक भी कहा जाता है। इसमें रांग व बारूद के साथ लोहे की गोली के छर्रे, साइकिल के हैंडल की गोलियां डालकर जानवरों की तरफ फायर किया जाता है। इससे वन्य प्राणी घायल हो जाते हैं।

 

असल में आर्म्स एक्ट में इस प्रकार के बंदूकों के लाइसेंस का प्रावधान रखा गया है, ताकि खतरनाक जंगली जीवों से सुरक्षा के लिए किसान इस बंदूक को अपने पास रख सकें। मगर, हाल ही के सालों में सामने आया कि इस प्रकार की बंदूक के लाइसेंस अधिकतर शिकारियों के पास हैं। वह लाइसेंस बनवाकर बंदूक का शिकार में प्रयोग करते हैं।

आदेश से यह होगा फायदा
अब यह बंदूक किसी भी खेत में नहीं रखी जाएगी। पुलिस विभाग जिनके पास लाइसेंस हैं उन्हें रद्द करके बंदूकें जमा करवाई जाएंगी। गांव काजलहेड़ी के किसान सतपाल भादू ने कहा कि ऐसा करने से वन्यजीवों के साथ किसानों को भी फायदा होगा। क्योंकि कुछ लोग इन बंदूकों से जीवों को खदेड़ते हैं, जिससे फसल को ज्यादा नुकसान होता है। नीलगाय जैसे बड़े जीव के भागने से फसल बर्बाद होती है। सरकार द्वारा उठाया गया यह बेहतर कदम है। बिश्नोई समाज और वन्य जीव प्रेमी सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं।


 

अब यह बंदूक किसी भी खेत में नहीं रखी जाएगी। पुलिस विभाग जिनके पास लाइसेंस हैं उन्हें रद्द करके बंदूकें जमा करवाई जाएंगी। गांव काजलहेड़ी के किसान सतपाल भादू ने कहा कि ऐसा करने से वन्यजीवों के साथ किसानों को भी फायदा होगा। क्योंकि कुछ लोग इन बंदूकों से जीवों को खदेड़ते हैं, जिससे फसल को ज्यादा नुकसान होता है। नीलगाय जैसे बड़े जीव के भागने से फसल बर्बाद होती है। सरकार द्वारा उठाया गया यह बेहतर कदम है। बिश्नोई समाज और वन्य जीव प्रेमी सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं।

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