{"_id":"6a1336fe52b871f1ce0446ae","slug":"knowledge-crossed-the-walls-of-borders-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-154435-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: ज्ञान ने लांघी सरहदों की दीवार...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: ज्ञान ने लांघी सरहदों की दीवार...
Sun, 24 May 2026 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 24 May 2026 11:05 PM IST
विज्ञापन
छात्रा दीक्षा
फतेहाबाद। जिले की दो छात्राओं का चयन जापान के प्रतिष्ठित सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 में हुआ है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली ये छात्राएं जापान में नोबेल पुरस्कार विजेता और विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों से विज्ञान व तकनीक की शिक्षा हासिल करेंगी। प्रदेश से चार विद्यार्थियों का चयन हुआ है जिनमें दो छात्राएं फतेहाबाद की हैं।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की पहल के तहत राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा सपना और सुपर-100 योजना में अध्ययनरत छात्रा दीक्षा को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। चयनित विद्यार्थियों का दल जापान रवाना हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान ये विद्यार्थी 30 मई तक जापान में रहेंगे।
दीक्षा पहले भी एएमएमएस योजना में चयनित हो चुकी है और दसवीं कक्षा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर चुकी है। वहीं सपना वर्तमान में बारहवीं कक्षा की छात्रा है। जापान में दोनों छात्राएं विज्ञान, शोध और आधुनिक तकनीक से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक संस्थानों के भ्रमण के साथ विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर भी मिलेगा।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और नई तकनीक समझने का मौका मिलेगा। जिले में छात्राओं की इस उपलब्धि पर शिक्षकों और अभिभावकों ने खुशी जताई है।
-
यहां सीखेंगे विज्ञान की नई तकनीक
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों के व्याख्यान एवं जापान के विश्वविद्यालयों और रिसर्च लैब का दौरा करवाया जाएगा। इसमें रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक का अनुभव कराया जाएगा। इसके साथ ही जापानी छात्रों के साथ संयुक्त गतिविधियां और जापानी संस्कृति को समझने का अवसर भी मिलेगा।
-
इस आधार पर हुआ चयन
विद्यार्थियों का चयन उनके शैक्षणिक रिकार्ड, विज्ञान विषय में उपलब्धियों, नेशनल मींस कम मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस) परीक्षा, इंस्पायर अवॉर्ड मानक तथा विज्ञान गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। छात्र वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 10वीं, 11वीं या 12वीं में अध्ययनरत होना चाहिए। जापान पहुंचने के समय छात्र की आयु कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए।
-
समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से प्रदेश के चार विद्यार्थी जापान रवाना हुए हैं। इनमें दो फतेहाबाद जिले की छात्राएं हैं। चयनित छात्राएं जापान में वैज्ञानिकों से मिलेंगी और नई तकनीक के बारे में जानकारी लेंगी।
- प्रदीप कुमार, एपीसी, समग्र शिक्षा विभाग
-
इस खबर का छोटा बेहतर हेडिंग दें, प्रेरित करने वाला
फोटो नंबर 1 से 3
विज्ञापन
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की पहल के तहत राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा सपना और सुपर-100 योजना में अध्ययनरत छात्रा दीक्षा को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। चयनित विद्यार्थियों का दल जापान रवाना हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान ये विद्यार्थी 30 मई तक जापान में रहेंगे।
विज्ञापन
दीक्षा पहले भी एएमएमएस योजना में चयनित हो चुकी है और दसवीं कक्षा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर चुकी है। वहीं सपना वर्तमान में बारहवीं कक्षा की छात्रा है। जापान में दोनों छात्राएं विज्ञान, शोध और आधुनिक तकनीक से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक संस्थानों के भ्रमण के साथ विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर भी मिलेगा।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने और नई तकनीक समझने का मौका मिलेगा। जिले में छात्राओं की इस उपलब्धि पर शिक्षकों और अभिभावकों ने खुशी जताई है।
-
यहां सीखेंगे विज्ञान की नई तकनीक
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों के व्याख्यान एवं जापान के विश्वविद्यालयों और रिसर्च लैब का दौरा करवाया जाएगा। इसमें रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक का अनुभव कराया जाएगा। इसके साथ ही जापानी छात्रों के साथ संयुक्त गतिविधियां और जापानी संस्कृति को समझने का अवसर भी मिलेगा।
-
इस आधार पर हुआ चयन
विद्यार्थियों का चयन उनके शैक्षणिक रिकार्ड, विज्ञान विषय में उपलब्धियों, नेशनल मींस कम मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस) परीक्षा, इंस्पायर अवॉर्ड मानक तथा विज्ञान गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। छात्र वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 10वीं, 11वीं या 12वीं में अध्ययनरत होना चाहिए। जापान पहुंचने के समय छात्र की आयु कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए।
-
समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से प्रदेश के चार विद्यार्थी जापान रवाना हुए हैं। इनमें दो फतेहाबाद जिले की छात्राएं हैं। चयनित छात्राएं जापान में वैज्ञानिकों से मिलेंगी और नई तकनीक के बारे में जानकारी लेंगी।
- प्रदीप कुमार, एपीसी, समग्र शिक्षा विभाग
-
इस खबर का छोटा बेहतर हेडिंग दें, प्रेरित करने वाला
फोटो नंबर 1 से 3

छात्रा दीक्षा