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एचपीवी : 602 किशोरियां करेंगी प्रेरित...हमने लगवाई, आप भी लगवाओ
Sun, 17 May 2026 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 17 May 2026 10:57 PM IST
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वैक्सीन लगवाने वाली किशोरियों को प्रमाण पत्र जारी करते हुए अधिकारी स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। एचपीवी वैक्सीन के प्रति सोशल मीडिया पर चल रही भ्रांतियों के कारण किशोरियां वैक्सीन लगवाने से कतरा रही हैं। वैक्सीन के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब 602 किशोरियों को रोल मॉडल बनाएगा। वैक्सीन लगवा चुकी किशोरियां बताएंगी कि हमने लगवाई है कोई साइड इफेक्ट नहीं आप भी लगवाएं।
एसडीएम राजेश कुमार ने वीरवार को समीक्षा बैठक करके बताया कि देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना है। जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है तथा 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है वे इसके लिए पात्र हैं। स्वास्थ्य विभाग सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगा रहा है। जिले में अब तक 602 किशोरियों को वैक्सीन लग चुकी है। जिले में यह 7800 किशोरियों को लगाई जानी है।
एसडीएम ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और यही सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। एचपीवी टीका इस संक्रमण से बचाव करता है तथा भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने के खतरे को काफी कम करता है। टीकाकरण अभियान तीन माह की अवधि में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा डॉक्टर की देखरेख में किया जा रहा हैं तथा स्वास्थ्य संस्थानों एवं पीएचसी स्तर तक विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं जहां चिकित्सकीय अधिकारी उपलब्ध रहते हैं।
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इनको नहीं लगाया जाएगा टीका
एसडीएम ने कहा कि टीके के कुछ सामान्य दुष्प्रभाव जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, हल्का बुखार या चक्कर आना हो सकते हैं जो सामान्यत: जल्द ठीक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित आयु सीमा से बाहर की किशोरियों, पहले से एचपीवी टीके की खुराक ले चुकी किशोरियों, टीके के किसी घटक से गंभीर एलर्जी वाले मामलों तथा मध्यम या गंभीर बीमारी से पीड़ित किशोरियों को टीका नहीं लगाया जाएगा।
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डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा
टीकाकरण से पहले ओटीपी आधारित सहमति तथा आवश्यकतानुसार अभिभावकों की लिखित सहमति ली जाएगी। सभी टीकाकरण की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और टीकाकरण के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा जिसे पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर भेजे गए लिंक से डाउनलोड किया जा सकेगा।
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एसडीएम राजेश कुमार ने वीरवार को समीक्षा बैठक करके बताया कि देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना है। जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर ली है तथा 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है वे इसके लिए पात्र हैं। स्वास्थ्य विभाग सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगा रहा है। जिले में अब तक 602 किशोरियों को वैक्सीन लग चुकी है। जिले में यह 7800 किशोरियों को लगाई जानी है।
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एसडीएम ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और यही सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। एचपीवी टीका इस संक्रमण से बचाव करता है तथा भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने के खतरे को काफी कम करता है। टीकाकरण अभियान तीन माह की अवधि में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा डॉक्टर की देखरेख में किया जा रहा हैं तथा स्वास्थ्य संस्थानों एवं पीएचसी स्तर तक विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं जहां चिकित्सकीय अधिकारी उपलब्ध रहते हैं।
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इनको नहीं लगाया जाएगा टीका
एसडीएम ने कहा कि टीके के कुछ सामान्य दुष्प्रभाव जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, हल्का बुखार या चक्कर आना हो सकते हैं जो सामान्यत: जल्द ठीक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित आयु सीमा से बाहर की किशोरियों, पहले से एचपीवी टीके की खुराक ले चुकी किशोरियों, टीके के किसी घटक से गंभीर एलर्जी वाले मामलों तथा मध्यम या गंभीर बीमारी से पीड़ित किशोरियों को टीका नहीं लगाया जाएगा।
डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा
टीकाकरण से पहले ओटीपी आधारित सहमति तथा आवश्यकतानुसार अभिभावकों की लिखित सहमति ली जाएगी। सभी टीकाकरण की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और टीकाकरण के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा जिसे पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर भेजे गए लिंक से डाउनलोड किया जा सकेगा।