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Fatehabad News: वीजा के नाम पर धोखाधड़ी, 20 लाख रुपये लेकर दिया फर्जी वर्क वीजा
Fri, 20 Sep 2024 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 20 Sep 2024 12:43 AM IST
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फतेहाबाद। मॉडल टाउन निवासी एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये लेकर गुजरात के अहमदाबाद निवासी आरोपी व्यक्ति ने फर्जी वर्क वीजा दे दिया। मामले को लेकर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मॉडल टाउन निवासी भवजीत सिंह की शिकायत पर आरोपी गुजरात के अहमदाबाद निवासी तरुण कुमार चक्रबेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में भवजीत सिंह ने बताया कि वर्क वीजा को लेकर उसकी तरुण के साथ बात हुई। इसके बाद उसने यमुनानगर जगाधरी निवासी सतेंद्र कौर के दस्तावेज 1 दिसंबर 2023 को वर्क वीजा के लिए व्हाट्सअप कर दिए। इसके बाद उसने तरुण के बैंक खाते में दो लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद 10 जनवरी 2024 को तरुण ने व्हाट्सअप पर उसे वर्क परमिट का स्क्रीन शॉट भेज दिया।
तरुण कुमार ने अहमदाबाद से अमरेंद्र पुरी को पैसों के लिए फतेहाबाद भेज दिया। तरुण के कहने पर उन्होंने अमरेंद्र पुरी को 15 जनवरी को 18 लाख रुपये नकद दे दिए। आरोप है कि जब वर्क परमिट चेक करवाया तो वह नकली निकला। इसके बाद पिता दर्शन सिंह 11 अप्रैल 2024 को तरुण के ठिकाने पर पहुंचे और वर्क परमिट को लेकर बातचीत की। इस दौरान पंचायत तौर पर आरोपी ने समझौता कर लिया कि दो लाख रुपये हर माह देगा। आरोप है कि तरुण ने हर माह दो लाख रुपये नहीं दिए और फोन उठाना बंद कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है। लोगों को इसको लेकर जागरूक होने की जरूरत है।
- सतीश कुमार, एसएचओ, साइबर क्राइम, थाना पुलिस।
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पुलिस को दी शिकायत में भवजीत सिंह ने बताया कि वर्क वीजा को लेकर उसकी तरुण के साथ बात हुई। इसके बाद उसने यमुनानगर जगाधरी निवासी सतेंद्र कौर के दस्तावेज 1 दिसंबर 2023 को वर्क वीजा के लिए व्हाट्सअप कर दिए। इसके बाद उसने तरुण के बैंक खाते में दो लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद 10 जनवरी 2024 को तरुण ने व्हाट्सअप पर उसे वर्क परमिट का स्क्रीन शॉट भेज दिया।
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तरुण कुमार ने अहमदाबाद से अमरेंद्र पुरी को पैसों के लिए फतेहाबाद भेज दिया। तरुण के कहने पर उन्होंने अमरेंद्र पुरी को 15 जनवरी को 18 लाख रुपये नकद दे दिए। आरोप है कि जब वर्क परमिट चेक करवाया तो वह नकली निकला। इसके बाद पिता दर्शन सिंह 11 अप्रैल 2024 को तरुण के ठिकाने पर पहुंचे और वर्क परमिट को लेकर बातचीत की। इस दौरान पंचायत तौर पर आरोपी ने समझौता कर लिया कि दो लाख रुपये हर माह देगा। आरोप है कि तरुण ने हर माह दो लाख रुपये नहीं दिए और फोन उठाना बंद कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है। लोगों को इसको लेकर जागरूक होने की जरूरत है।
- सतीश कुमार, एसएचओ, साइबर क्राइम, थाना पुलिस।