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बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे चार बुजुर्ग
fatehabad
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:25 AM IST
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बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे चार बुजुर्ग
- फोटो : amar ujala
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित अनिश्चित कालीन धरने में शुक्रवार को चार बुजुर्ग भूख हड़ताल पर बैठ गए। उपायुक्त एनके सोलंकी और पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल ने मौके पर पहुंचकर लोगों से धरना खत्म करने की अपील की, लेकिन बात नहीं बनी।
जाट समाज के लोगों ने कहा कि मुकदमे खारिज करो और जेल में बंद लोगों को रिहा करो, तभी आगे समझौते पर बातचीत होगी। उपायुक्त ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई, लेकिन जाटों से बातचीत बेनतीजा रही। इस मौके पर एसडीएम संत लाल पचार, बीडीपीओ एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार दलाल, नायब तहसीलदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट होशियार सिंह जांगड़ा, इंस्पेक्टर विक्रम जीत सिंह आदि मौजूद रहे।
ये बैठे भूख हड़ताल पर
गांव ढाणी भोजराज, गोपाल चौक पर खेतों में जाट आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोगों में से शुक्रवार को चार अलग-अलग गांव के बुजुर्ग भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें नहला के गजे सिंह, ढाणी गोपाल के पतराम, बिठमड़ा के कलीराम और बलबीर सिंह ढाणी डूल्ट शामिल रहे।
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जाट नेता सूबे सिंह ढाका ने कहा कि लगातार पांच दिनों से हमने शांतिपूर्वक धरना दिया, लेकिन सरकार और प्रशासन पर कोई जूं नहीं रेंगी। इसलिए अब भूख हड़ताल कर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। ढाका ने कहा कि भूना उपतहसील और गोरखपुर में बैंक जलाने तथा रोड जाम करने के मामले में झूठे मुकदमे दर्ज किए हुए हैं। इस कारण जाट समाज के कई लोग जेल की सलाखों के पीछे हैं। उनको रिहा करवाना, मुकदमा खारिज करने तथा आरक्षण की पैरवी सरकार अच्छे ढंग से करने की मांग को पूरा करेगी तब ही उनका अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल के फैसले को वापस किया जा सकता है।
उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी अमला मौके पर तैनात है। धरने में भले ही कोई महिला प्रदर्शनकारी शामिल ना हो, लेकिन धरने पर निगरानी के लिए तीन दर्जन से अधिक महिला पुलिसकर्मी मौके पर ड्यूटी दे रही हैं।
इस अवसर पर रघुबीर सिंह गाजुवाला, अनिल नहला, महाबीर सिंह ढाणी गोपाल, रामकुमार महला ढाणी भोजराज, मनोज कुमार ढाणी गोपाल, श्रीचंद लांबा, भले राम गोदारा, रामकुमार गोदारा आदि मौजूद रहे।
जाट समाज के लोगों ने कहा कि मुकदमे खारिज करो और जेल में बंद लोगों को रिहा करो, तभी आगे समझौते पर बातचीत होगी। उपायुक्त ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई, लेकिन जाटों से बातचीत बेनतीजा रही। इस मौके पर एसडीएम संत लाल पचार, बीडीपीओ एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार दलाल, नायब तहसीलदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट होशियार सिंह जांगड़ा, इंस्पेक्टर विक्रम जीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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ये बैठे भूख हड़ताल पर
गांव ढाणी भोजराज, गोपाल चौक पर खेतों में जाट आरक्षण की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोगों में से शुक्रवार को चार अलग-अलग गांव के बुजुर्ग भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें नहला के गजे सिंह, ढाणी गोपाल के पतराम, बिठमड़ा के कलीराम और बलबीर सिंह ढाणी डूल्ट शामिल रहे।
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जाट नेता सूबे सिंह ढाका ने कहा कि लगातार पांच दिनों से हमने शांतिपूर्वक धरना दिया, लेकिन सरकार और प्रशासन पर कोई जूं नहीं रेंगी। इसलिए अब भूख हड़ताल कर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। ढाका ने कहा कि भूना उपतहसील और गोरखपुर में बैंक जलाने तथा रोड जाम करने के मामले में झूठे मुकदमे दर्ज किए हुए हैं। इस कारण जाट समाज के कई लोग जेल की सलाखों के पीछे हैं। उनको रिहा करवाना, मुकदमा खारिज करने तथा आरक्षण की पैरवी सरकार अच्छे ढंग से करने की मांग को पूरा करेगी तब ही उनका अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल के फैसले को वापस किया जा सकता है।
उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी अमला मौके पर तैनात है। धरने में भले ही कोई महिला प्रदर्शनकारी शामिल ना हो, लेकिन धरने पर निगरानी के लिए तीन दर्जन से अधिक महिला पुलिसकर्मी मौके पर ड्यूटी दे रही हैं।
इस अवसर पर रघुबीर सिंह गाजुवाला, अनिल नहला, महाबीर सिंह ढाणी गोपाल, रामकुमार महला ढाणी भोजराज, मनोज कुमार ढाणी गोपाल, श्रीचंद लांबा, भले राम गोदारा, रामकुमार गोदारा आदि मौजूद रहे।