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श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ सड़कों पर उतरी ट्रेड यूनियनें
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:59 PM IST
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नारेबाजी करते कर्मचारी।
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हरियाणा सरकार द्वारा विधानसभा में पूंजीपतियों के समर्थन में श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी किए गए बदलाव के खिलाफ सभी ट्रेड यूनियनों ने बृहस्पतिवार को फतेहाबाद में जोरदार रोष प्रदर्शन किया और बिल की प्रतियां और हरियाणा सरकार का पुतला फूंका।
प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूप सिंह भड़ोलांवाली व सीटू के जिला प्रधान जगतार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले जिलेभर से ट्रेड यूनियनों के सैकड़ों कार्यकर्ता लाल बत्ती चौक स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्रित हुए और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए फव्वारा चौक पहुंचे और पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह, सचिव रमेश जाण्डली, सकसं के जिला प्रधान भूप सिंह, सह सचिव अजय शर्मा ने कहा कि इस बिल के लागू होने के बाद फैक्ट्री, ठेका मालिक अपनी मर्जी से मजदूरों, कच्चे कर्मचारियों से कार्य करवाएंगे।
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उन्होंने कहा कि इस बिल से लेबर अधिकारियों के अधिकार सीमित हो जाएंगे। जहां पहले 20 स्थायी कर्मचारियों के होने पर यूनियन बनाने का अधिकार था, अब यह संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई है। इससे पहले जहां 100 मजदूर होते तो वहां श्रम कानून लागू होते थे परंतु नए बिल में अब इनकी संख्या को बढ़ाकर 300 कर दिया गया है।
इसके चलते पहले से ही शोषण की मार झेल रहे मजदूरों और कर्मचारियों के शोषण में और तेजी आएगी। सरकार के इस मजदूर व कर्मचारी विरोधी निर्णय के खिलाफ प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।
ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिल को रद्द नहीं किया तो एक मई को मजदूर दिवस पर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के नेता राजेश कन्हड़ी, चंद्रभान रोडवेज, रमेश तुषामड़, पवन कड़वा, इंद्र घासी, ओमप्रकाश लोट, सुभाष बैजलपुरिया, हरपाल हुड्डा, मलकीत सिंह, सीटू नेता ओमप्रकाश अनेजा, गगनदीप कौर, सतबीर सिंह बुवान, प्रदीप यादव, अध्यापक नेता राजपाल मित्ताथल, नौजवान सभा के रामनिवास, किसान नेता मनफूल ढाका, बिमला खैरातीखेड़ा, भजन लाल, लाभ सिंह सहित अनेक कर्मचारी और मजदूर नेताओं ने भी संबोधित किया।
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प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भूप सिंह भड़ोलांवाली व सीटू के जिला प्रधान जगतार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले जिलेभर से ट्रेड यूनियनों के सैकड़ों कार्यकर्ता लाल बत्ती चौक स्थित अंबेडकर पार्क में एकत्रित हुए और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए फव्वारा चौक पहुंचे और पुतला फूंका।
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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह, सचिव रमेश जाण्डली, सकसं के जिला प्रधान भूप सिंह, सह सचिव अजय शर्मा ने कहा कि इस बिल के लागू होने के बाद फैक्ट्री, ठेका मालिक अपनी मर्जी से मजदूरों, कच्चे कर्मचारियों से कार्य करवाएंगे।
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उन्होंने कहा कि इस बिल से लेबर अधिकारियों के अधिकार सीमित हो जाएंगे। जहां पहले 20 स्थायी कर्मचारियों के होने पर यूनियन बनाने का अधिकार था, अब यह संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई है। इससे पहले जहां 100 मजदूर होते तो वहां श्रम कानून लागू होते थे परंतु नए बिल में अब इनकी संख्या को बढ़ाकर 300 कर दिया गया है।
इसके चलते पहले से ही शोषण की मार झेल रहे मजदूरों और कर्मचारियों के शोषण में और तेजी आएगी। सरकार के इस मजदूर व कर्मचारी विरोधी निर्णय के खिलाफ प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।
ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिल को रद्द नहीं किया तो एक मई को मजदूर दिवस पर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के नेता राजेश कन्हड़ी, चंद्रभान रोडवेज, रमेश तुषामड़, पवन कड़वा, इंद्र घासी, ओमप्रकाश लोट, सुभाष बैजलपुरिया, हरपाल हुड्डा, मलकीत सिंह, सीटू नेता ओमप्रकाश अनेजा, गगनदीप कौर, सतबीर सिंह बुवान, प्रदीप यादव, अध्यापक नेता राजपाल मित्ताथल, नौजवान सभा के रामनिवास, किसान नेता मनफूल ढाका, बिमला खैरातीखेड़ा, भजन लाल, लाभ सिंह सहित अनेक कर्मचारी और मजदूर नेताओं ने भी संबोधित किया।