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जिलेभर में किसानों ने किए रोड जाम, फतेहाबाद, टोहाना, भूना व रतिया में अनाजमंडियां रही बंद
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रतिया में किसान आंदोलन के दौरान जाम लगाते किसान।
- फोटो : Fatehabad
कृषि अध्यादेशों के खिलाफ भारत बंद को लेकर जिलेभर में किसानों ने प्रदर्शन और रोड जाम किए। फतेहाबाद में किसान अनाज मंडी में एकत्रित हुए और शहरभर में बाजार बंद करवाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान लाल बत्ती चौक, भूना मोड व लघु सचिवालय के सामने नेशनल हाईवे पर जाम भी लगाया। किसानों ने यहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका। रतिया में स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने पहुंचकर बंद का नेतृत्व किया। भूना और टोहाना में भी किसानों ने रोड जाम किए।
शुक्रवार के भारत बंद को फतेहाबाद के व्यापारियों ने प्रदर्शन को अपना समर्थन दे रखा था इसके बावजूद देखने में आया कि सुबह दुकानें बंद नहीं थी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और किसानों ने पूरी मंडी में घूम कर दुकानें बंद करने का आह्वान किया किया। इसके अलावा बाजार पूरी तरह खुला मिला जिसे किसानों और व्यापारियों ने बंद करवाया। हालांकि एक दो जगहों पर हलकी फुलकी नोक झोक भी हुई। पुलिस चप्पे चप्पे पर तैनात रही। कुल मिलाकर प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहा। प्रदर्शनकारी इसके बाद लघु सचिवालय पहुंचे।
शुक्रवार सुबह किसान और व्यापारी अनाज मंडी में इकट्ठे हुए और शेड तले प्रदर्शन किया जहां व्यापार मंडल की ओर से गुरदीप अमृतसरिया, रमेश तनेजा, किसान नेता रामकुमार बहबलपुरिया, देवीलाल एडवोकेट सहित अनेक नेताओं और युवा इनेलो से राणा जोहल, सुदेश बलौदा और उनकी टीम ने संबोधित किया जिसके बाद किसान यहां से मंडी में बंद करवाते हुए बाजार पहुंचे। मंडी में बंद करवाते समय किसान नेताओं ने दुकानें बंद न मिलने पर कुछेक व्यापारियों पर तीखे शब्दों के बाण चलाए। उन्होंने कहा कि जो दुकानें बंद नहीं करेगा वह आंदोलन का गद्दार होगा। इसके बाद लाल बत्ती चौक पर प्रदर्शनकारी पहुंचे और जाम लगा दिया। यहां पर करीब 10 मिनट तक जाम लगाए रखा। जिसके बाद प्रदर्शनकारी फव्वारा चौक, जवाहर चौक, डीएसपी रोड होते हुए होते हुए भूना रोड पर पहुंचे जहां आधा घंटे तक जाम लगाए रखा। बाद में लघु सचिवालय के सामने पहुंचे जहां पुतला फुंककर अपने रोष का इजहार किया।
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इस दौरान किसानों ने कहा कि हम ही आपके ग्राहक हैं यदि हमारे पैसा नहीं होगा तो आपका सामान कौन खरीदेगा। आपने लॉकडाऊन में पीएम मोदी के कहने पर इतने दिन दुकानें बंद रखी तो क्या हमारे लिए एक दिन दुकानें बंद नहीं रख सकते। उधर बंद को लेकर अनाज मंडी भूना पूर्ण रुप से बंद रही। जबकि शहर में बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। किसानों व्यापारियों ने सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर करीब तीन घंटे तक जाम लगाया। जिसको लेकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए पुलिस ने टोहाना रोड वाया बोस्ती व सनियाना से चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को निकाला। किसान नेता रामस्वरूप ढाणी गोपाल के नेतृत्व में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। अनाज मंडी में चांदी राम कडवासरा व अजय कुमार झाझडा की अगवाई में व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसानों व्यापारियों ने नायब तहसीलदार राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर कृषि अध्यादेश वापस लेने की मांग की गई। वहीं भूना में प्रदर्शन के बाद किसानों ने ढाणी गोपाल चोपटा पर जाम लगा दिया।
वहीं बंद को लेकर टोहाना में किसानों ने नेशनल हाईवे 148 बी को चंडीगढ़ रोड पर दो घंटे जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आप नेता सुखविंद्र गिल, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह, इनेलो से गुरचरण अमानी, सीपीआईएम से जगतार सिंह ने मौके पर पंहुचकर किसानों को समर्थन दिया। वहीं गांवों में भी भारत बंद के चलते गांव कन्हड़ी व समैण में किसानों ने जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासीराम नैन ने कहा कि चुनावों के समय में जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने किसानों की आवाज को उठाने का वायदा किया था लेकिन अब डिप्टी सीएम बनने के बाद वे कुर्सी के लालच में कुर्सी से चिपक गए है।
उधर अनाजमंडी पूरी तरह बंद थी और बाजार भी दोपहर 1 बजे तक बंद रहे। बाद में किसान संघर्ष समिति ने करीब एक घंटे तक संजय गांधी चौक पर जाम लगाया। जाम के दौरान जब एक बस चालक ने बस निकालने का प्रयास किया तो किसान बस के ऊपर चढ़ गए, जिस कारण बस चालक को बस को पीछे करना पड़ा। सुबह एक बारगी तो खेती बचाओ संघर्ष समिति प्रधान जरनैल सिंह मलवाला तथा किसान संघर्ष समिति मनदीप नथवान के बीच नेतृत्व को लेकर टकराव होते बचा। दोनों ही नेता अनाज मंडी बंद करवाने पहुंचे तो दोनों में मंच बनाने को लेकर विवाद हो गया। स्थिति को गंभीर होता देखकर सिटी एसएचओ कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों गुटों को समझाया।
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शुक्रवार के भारत बंद को फतेहाबाद के व्यापारियों ने प्रदर्शन को अपना समर्थन दे रखा था इसके बावजूद देखने में आया कि सुबह दुकानें बंद नहीं थी। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और किसानों ने पूरी मंडी में घूम कर दुकानें बंद करने का आह्वान किया किया। इसके अलावा बाजार पूरी तरह खुला मिला जिसे किसानों और व्यापारियों ने बंद करवाया। हालांकि एक दो जगहों पर हलकी फुलकी नोक झोक भी हुई। पुलिस चप्पे चप्पे पर तैनात रही। कुल मिलाकर प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहा। प्रदर्शनकारी इसके बाद लघु सचिवालय पहुंचे।
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शुक्रवार सुबह किसान और व्यापारी अनाज मंडी में इकट्ठे हुए और शेड तले प्रदर्शन किया जहां व्यापार मंडल की ओर से गुरदीप अमृतसरिया, रमेश तनेजा, किसान नेता रामकुमार बहबलपुरिया, देवीलाल एडवोकेट सहित अनेक नेताओं और युवा इनेलो से राणा जोहल, सुदेश बलौदा और उनकी टीम ने संबोधित किया जिसके बाद किसान यहां से मंडी में बंद करवाते हुए बाजार पहुंचे। मंडी में बंद करवाते समय किसान नेताओं ने दुकानें बंद न मिलने पर कुछेक व्यापारियों पर तीखे शब्दों के बाण चलाए। उन्होंने कहा कि जो दुकानें बंद नहीं करेगा वह आंदोलन का गद्दार होगा। इसके बाद लाल बत्ती चौक पर प्रदर्शनकारी पहुंचे और जाम लगा दिया। यहां पर करीब 10 मिनट तक जाम लगाए रखा। जिसके बाद प्रदर्शनकारी फव्वारा चौक, जवाहर चौक, डीएसपी रोड होते हुए होते हुए भूना रोड पर पहुंचे जहां आधा घंटे तक जाम लगाए रखा। बाद में लघु सचिवालय के सामने पहुंचे जहां पुतला फुंककर अपने रोष का इजहार किया।
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इस दौरान किसानों ने कहा कि हम ही आपके ग्राहक हैं यदि हमारे पैसा नहीं होगा तो आपका सामान कौन खरीदेगा। आपने लॉकडाऊन में पीएम मोदी के कहने पर इतने दिन दुकानें बंद रखी तो क्या हमारे लिए एक दिन दुकानें बंद नहीं रख सकते। उधर बंद को लेकर अनाज मंडी भूना पूर्ण रुप से बंद रही। जबकि शहर में बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। किसानों व्यापारियों ने सिरसा-चंडीगढ़ रोड पर करीब तीन घंटे तक जाम लगाया। जिसको लेकर यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए पुलिस ने टोहाना रोड वाया बोस्ती व सनियाना से चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को निकाला। किसान नेता रामस्वरूप ढाणी गोपाल के नेतृत्व में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। अनाज मंडी में चांदी राम कडवासरा व अजय कुमार झाझडा की अगवाई में व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसानों व्यापारियों ने नायब तहसीलदार राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर कृषि अध्यादेश वापस लेने की मांग की गई। वहीं भूना में प्रदर्शन के बाद किसानों ने ढाणी गोपाल चोपटा पर जाम लगा दिया।
वहीं बंद को लेकर टोहाना में किसानों ने नेशनल हाईवे 148 बी को चंडीगढ़ रोड पर दो घंटे जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आप नेता सुखविंद्र गिल, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह, इनेलो से गुरचरण अमानी, सीपीआईएम से जगतार सिंह ने मौके पर पंहुचकर किसानों को समर्थन दिया। वहीं गांवों में भी भारत बंद के चलते गांव कन्हड़ी व समैण में किसानों ने जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र घासीराम नैन ने कहा कि चुनावों के समय में जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने किसानों की आवाज को उठाने का वायदा किया था लेकिन अब डिप्टी सीएम बनने के बाद वे कुर्सी के लालच में कुर्सी से चिपक गए है।
उधर अनाजमंडी पूरी तरह बंद थी और बाजार भी दोपहर 1 बजे तक बंद रहे। बाद में किसान संघर्ष समिति ने करीब एक घंटे तक संजय गांधी चौक पर जाम लगाया। जाम के दौरान जब एक बस चालक ने बस निकालने का प्रयास किया तो किसान बस के ऊपर चढ़ गए, जिस कारण बस चालक को बस को पीछे करना पड़ा। सुबह एक बारगी तो खेती बचाओ संघर्ष समिति प्रधान जरनैल सिंह मलवाला तथा किसान संघर्ष समिति मनदीप नथवान के बीच नेतृत्व को लेकर टकराव होते बचा। दोनों ही नेता अनाज मंडी बंद करवाने पहुंचे तो दोनों में मंच बनाने को लेकर विवाद हो गया। स्थिति को गंभीर होता देखकर सिटी एसएचओ कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों गुटों को समझाया।