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कोरोना : बासमती का निर्यात ठप, खाड़ी देशों ने चावल के प्रवेश पर लगाया बैन
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पिछले दिनों से चाईना, ईरान समेत कई देशों में फैले कोरोना वायरस की बीमारी के चलते कुवैत ने भी अब भारतीय के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पूर्व कई खाड़ी देशों ने एहतियात के तौर पर भारतीय फ्लाइट वहां आने से रोक दी है। खाड़ी देशों के भारतीय के प्रवेश पर रोक के बाद इसका सीधा असर बासमती चावल के निर्यात पर पड़ा है, जिससे निर्यात का धंधा ठप हो गया और धान उत्पादक क्षेत्रों में धान के दाम 300 रुपये से 400 रुपये प्रति क्विंटल गिर गए हैं। यहां के प्रमुख निर्यातक अजय जिंदल व मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा ने इसकी पुष्टि की है।
फतेहाबाद की जिंदल इंडस्ट्री व टोहाना की सरना इंडस्ट्री का 1121 व 1401 किस्म की बासमती का धान करीब 22 खाड़ी देशों में जाता है। अब चाईना में कोरोना वायरस फैलने से अन्य देशों में इसका वायरस फैल गया है। इनमें खाड़ी देशों के वह 22 देश भी शामिल है जहां से चावल एक्सपोर्ट होकर जाता है। इनमें प्रमुख रुप से ईरान, बहरीन, कुवैत, ईराक, आईसलैंड, नीदरलैंड, नार्वे आदि शामिल है। शनिवार को भारत से कुवैत गई फ्लाइट को वहां यह कहकर वापस भेज दिया कि जो व्यक्ति भारत में 15 दिन से ज्यादा रह रहा है वह कुवैत में प्रवेश नहीं कर सकता है।
बताया गया है कि ईरान में तो कोरोना वायरस का खासा प्रकोप है, जबकि कुवैत में वहां की सरकार एहतियात के तौर पर कड़े कदम उठा रही है। कुवैत सरकार ने 12 देशों पर वहां के नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है, जिनमें भारत भी एक है। यहां के एक्सपोर्टर के अनुसार वहां के लोगों को यहां ओर यहां के लोगों का आना-जाना बैन होने के कारण एक्सपोर्ट पर इसका सीधा असर पड़ा है।
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मालूम हो कि भारत सेे प्रतिवर्ष 40 लाख टन बासमती का निर्यात होता है, जिनमें 70 फीसदी खाड़ी देशों को जाता है। कोरोना के कारण व्यापार ठप्प हो गया है। जिस कारण यहां धान उत्पादक क्षेत्रों में 1121 किस्म की धान के रेट तीन हजार रुपये से कम होकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। ऐसे ही 1401 किस्म का धान का रेट 2600 रुपये प्रति क्विंटल से टूटकर 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए है।
कोरोना वायरस के मरीज भारत में मिलने के कारण कई देशों ने भारतीय नागरिकों को वहां आने से मना कर दिया है जिसका सीधा असर बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर पड़ा है। अब चावल निर्यात नहीं हो रहा।’
- अजय जिंदल, एक्सपोर्टर, जिंदल राइस मिल फतेहाबाद।
कोरोना के कारण बासमती बाहर जाना कम हो गया है, जिस कारण मंडियों में धान के रेट भी गिर गए हैं।
- संजीव सचदेवा, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद की जिंदल इंडस्ट्री व टोहाना की सरना इंडस्ट्री का 1121 व 1401 किस्म की बासमती का धान करीब 22 खाड़ी देशों में जाता है। अब चाईना में कोरोना वायरस फैलने से अन्य देशों में इसका वायरस फैल गया है। इनमें खाड़ी देशों के वह 22 देश भी शामिल है जहां से चावल एक्सपोर्ट होकर जाता है। इनमें प्रमुख रुप से ईरान, बहरीन, कुवैत, ईराक, आईसलैंड, नीदरलैंड, नार्वे आदि शामिल है। शनिवार को भारत से कुवैत गई फ्लाइट को वहां यह कहकर वापस भेज दिया कि जो व्यक्ति भारत में 15 दिन से ज्यादा रह रहा है वह कुवैत में प्रवेश नहीं कर सकता है।
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बताया गया है कि ईरान में तो कोरोना वायरस का खासा प्रकोप है, जबकि कुवैत में वहां की सरकार एहतियात के तौर पर कड़े कदम उठा रही है। कुवैत सरकार ने 12 देशों पर वहां के नागरिकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है, जिनमें भारत भी एक है। यहां के एक्सपोर्टर के अनुसार वहां के लोगों को यहां ओर यहां के लोगों का आना-जाना बैन होने के कारण एक्सपोर्ट पर इसका सीधा असर पड़ा है।
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मालूम हो कि भारत सेे प्रतिवर्ष 40 लाख टन बासमती का निर्यात होता है, जिनमें 70 फीसदी खाड़ी देशों को जाता है। कोरोना के कारण व्यापार ठप्प हो गया है। जिस कारण यहां धान उत्पादक क्षेत्रों में 1121 किस्म की धान के रेट तीन हजार रुपये से कम होकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। ऐसे ही 1401 किस्म का धान का रेट 2600 रुपये प्रति क्विंटल से टूटकर 2300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए है।
कोरोना वायरस के मरीज भारत में मिलने के कारण कई देशों ने भारतीय नागरिकों को वहां आने से मना कर दिया है जिसका सीधा असर बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर पड़ा है। अब चावल निर्यात नहीं हो रहा।’
- अजय जिंदल, एक्सपोर्टर, जिंदल राइस मिल फतेहाबाद।
कोरोना के कारण बासमती बाहर जाना कम हो गया है, जिस कारण मंडियों में धान के रेट भी गिर गए हैं।
- संजीव सचदेवा, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।