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Fatehabad News: राम सेतु पार करने के लिए दिव्यांग सुरेंद्र तैयार
Fri, 30 Jan 2026 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:07 PM IST
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श्री लंका के राम सेतु की प्रतियोगिता के लिए तैयारी करते सुरेंद्र ढाका। स्वयं
फतेहाबाद। गांव भूथन कलां के दिव्यांग तैराक सुरेंद्र ढाका ने अपनी मेहनत और हौसले से साबित किया है कि शारीरिक अक्षमता कभी प्रगति की राह में बाधा नहीं बन सकती। अरब सागर की लहरों पर अपनी तैराकी का लोहा मनवाने के बाद, अब सुरेंद्र राम सेतु को पार करने की ऐतिहासिक चुनौती के लिए तैयार हैं, जिसकी लंबाई लगभग 42 किलोमीटर होगी।
सुरेंद्र ढाका ने पहले अरब सागर में लगातार 9 घंटे तक तैरते हुए न केवल एक लंबी दूरी तय की, बल्कि स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। उनके इस साहसिक कार्य ने यह साबित कर दिया कि दिव्यांगता सिर्फ शारीरिक अवस्था तक सीमित होती है, मन में शक्ति हो तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं।
अब सुरेंद्र का अगला मिशन भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पौराणिक और भौगोलिक महत्व वाले रामसेतु को पार करना है। रामसेतु में होने वाली प्रतियोगिता मार्च माह में होनी है। तैराक सुरेंद्र का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं और दिव्यांगों को प्रेरित करना है जो किसी न किसी अभाव के कारण हार मान लेते हैं।
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जोहड़ों-नहरों में तैरकर सीखी स्विमिंग
सुरेंद्र की उम्र 40 साल है। पिता रामकुमार ढाका किसान हैं, जबकि मां धनकोरी देवी गृहिणी थी। सुरेंद्र चार भाई और एक बहन में सबसे छोटे हैं। जब वे 10 साल के हुए थे, तब मां का निधन हो गया था। उन्हें बचपन में ही पोलियो हो गया था। सुरेंद्र बताते हैं कि वह किशोरावस्था से ही भाईयों व दोस्तों के साथ जोहड़ व नहरों में स्विमिंग करते थे। वे 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। पढ़ाई गांव भूथन कलां से ही की है। सुरेंद्र के अनुसार, उन्होंने साल 2014 में खिलाड़ी के तौर पर स्विमिंग शुरू की थी। इसके बाद स्विमिंग का कोर्स किया। सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में भी स्विमिंग सीखी।
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मार्च में होगी राम सेतु की प्रतियोगिता
तैराक सुरेंद्र बताते है कि अरब सागर के बाद वह मार्च माह में राम सेतु में होने वाली प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रहे है। वे राम सेतु मिशन के लिए विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं। गोरखपुर नहर में रोजाना पांच घंटे अभ्यास कर रहे हैं ताकि वह समुद्र की लहरों और तापमान के उतार-चढ़ाव का सामना कर सकें। सुरेंद्र के अनुसार वह सुबह दो घंटे व शाम को तीन घंटे तक नहर में तैयारी करते है।
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14 देशों में कर चुके स्विमिंग
सुरेंद्र ढाका 14 देशों में स्विमिंग कर चुके हैं। इनमें जापान, उज्बेकिस्तान, जर्मनी, रूस और यूएई आदि शामिल हैं। वह नेशनल लेवल पर अब तक 25 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। जापान व उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। साल 2023 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथे नंबर पर रहे। 2014 में रूस में वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। दुबई में बोट रेस में भी मेडल जीते थे।
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सुरेंद्र ढाका ने पहले अरब सागर में लगातार 9 घंटे तक तैरते हुए न केवल एक लंबी दूरी तय की, बल्कि स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। उनके इस साहसिक कार्य ने यह साबित कर दिया कि दिव्यांगता सिर्फ शारीरिक अवस्था तक सीमित होती है, मन में शक्ति हो तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं।
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अब सुरेंद्र का अगला मिशन भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पौराणिक और भौगोलिक महत्व वाले रामसेतु को पार करना है। रामसेतु में होने वाली प्रतियोगिता मार्च माह में होनी है। तैराक सुरेंद्र का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं और दिव्यांगों को प्रेरित करना है जो किसी न किसी अभाव के कारण हार मान लेते हैं।
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जोहड़ों-नहरों में तैरकर सीखी स्विमिंग
सुरेंद्र की उम्र 40 साल है। पिता रामकुमार ढाका किसान हैं, जबकि मां धनकोरी देवी गृहिणी थी। सुरेंद्र चार भाई और एक बहन में सबसे छोटे हैं। जब वे 10 साल के हुए थे, तब मां का निधन हो गया था। उन्हें बचपन में ही पोलियो हो गया था। सुरेंद्र बताते हैं कि वह किशोरावस्था से ही भाईयों व दोस्तों के साथ जोहड़ व नहरों में स्विमिंग करते थे। वे 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। पढ़ाई गांव भूथन कलां से ही की है। सुरेंद्र के अनुसार, उन्होंने साल 2014 में खिलाड़ी के तौर पर स्विमिंग शुरू की थी। इसके बाद स्विमिंग का कोर्स किया। सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में भी स्विमिंग सीखी।
मार्च में होगी राम सेतु की प्रतियोगिता
तैराक सुरेंद्र बताते है कि अरब सागर के बाद वह मार्च माह में राम सेतु में होने वाली प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रहे है। वे राम सेतु मिशन के लिए विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं। गोरखपुर नहर में रोजाना पांच घंटे अभ्यास कर रहे हैं ताकि वह समुद्र की लहरों और तापमान के उतार-चढ़ाव का सामना कर सकें। सुरेंद्र के अनुसार वह सुबह दो घंटे व शाम को तीन घंटे तक नहर में तैयारी करते है।
14 देशों में कर चुके स्विमिंग
सुरेंद्र ढाका 14 देशों में स्विमिंग कर चुके हैं। इनमें जापान, उज्बेकिस्तान, जर्मनी, रूस और यूएई आदि शामिल हैं। वह नेशनल लेवल पर अब तक 25 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। जापान व उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। साल 2023 में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में चौथे नंबर पर रहे। 2014 में रूस में वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान प्राप्त किया। दुबई में बोट रेस में भी मेडल जीते थे।

श्री लंका के राम सेतु की प्रतियोगिता के लिए तैयारी करते सुरेंद्र ढाका। स्वयं