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आरोपी क्लर्क का खुलासा, डीईओ का भी था रिश्वत में हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:25 PM IST
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फतेहाबाद के जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिक्षा विभाग के क्लर्क द्वारा पचास हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। विजिलेंस की प्राथमिक जांच में फतेहाबाद के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. यज्ञदत्त वर्मा की भी संलिप्तता इस मामले में पाई गई है। विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने खुद इसकी पुष्टि की है। माना जा रहा है कि विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी क्लर्क राजकुमार ने खुद ये खुलासा किया है।
दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा का मोबाइल इस मामले के सामने आने के बाद से ही बंद आ रहा है। शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के निदेशक ने भी इस मामले के खुलासे के बाद सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा को निदेशालय तलब किया है। आरोपी क्लर्क राजकुमार को विजिलेंस ने रविवार को अदालत में पेश किया जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विजिलेंस के सूत्रों की मानें तो इस मामले में किसी भी समय जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा की भी गिरफ्तारी संभव है।
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ये था मामला
गांव बिठमड़ा निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत देते कहा था कि उसका गांव पिरथला में ‘आदर्श सीनियर सेकेंडरी’ के नाम से स्कूल है। इस स्कूल के बारे में किसी ने हाईकोर्ट में याचिका डाल रखी है। कोर्ट ने उस याचिका के संदर्भ में शिक्षा विभाग से स्कूल का रिकॉर्ड वेरिफिकेशन कराकर भेजने को कहा था। ऐसे मामलों में शिक्षा विभाग का डीलिंग हेड क्लर्क राजकुमार के पास जब फाइल गई तो उसने वेरिफिकेशन कराने के नाम पर 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
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सुरेश कुमार का आरोप है कि इस मामले में 10 हजार रुपये आरोपी क्लर्क पहले ही ले चुका है। बाकी के 50 हजार रुपये लेने के लिए उसने शनिवार सांय लघु सचिवालय के द्वितीय खंड के पास सुरेश कुमार को बुलाया था। सुरेश कुमार ने इसकी शिकायत विजिलेंस को कर दी। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने आरोपी क्लर्क राजकुमार को उसके दफ्तर के नीचे रंगे हाथों काबू कर लिया था।
आरोपी क्लर्क से मिलने पहुंचे थे कई अध्यापक और साथी
विजिलेंस की टीम आरोपी क्लर्क राजकुमार को लेकर पंचायत भवन स्थित अपने दफ्तर में ले गई थी। इस मामले की सूचना मिलते ही आरोपी क्लर्क राजकुमार के कई साथी क्लर्क और अधिकारी विजिलेंस के दफ्तर पहुंचे थे।
हालांकि उन लोगों ने मीडिया से बातचीत तो नहीं की लेकिन विजिलेंस के सामने उन्होंने आरोपी क्लर्क का पक्ष रखने का बहुत प्रयास किया। इसके बाद विजिलेंस की टीम जब आरोपी क्लर्क राजकुमार का मेडिकल कराने के लिए सामान्य अस्पताल लेकर पहुंची तो वहां भी शिक्षा विभाग के कई अध्यापक एवं प्राइवेट स्कूल संचालक मौजूद रहे। बताया गया है कि इन लोगों ने भी आरोपी क्लर्क से बात करने की कोशिश की थी लेकिन विजिलेंस की मौजूदगी के कारण ऐसा हो नहीं पाया। माना जा रहा था कि कुछ लोग कथित रूप से शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का नाम इस मामले में ना लेने का संदेश लेकर आरोपी क्लर्क से मिलना चाहते थे।
रिश्वत मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की भी है संलिप्तता : शर्मा
शनिवार रात लघु सचिवालय के पार्ट दो से शिक्षा विभाग के एक क्लर्क को प्राइवेट स्कूल संचालक से 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की प्राथमिक जांच में जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा की संलिप्तता भी सामने आई है। इस मामले में अब जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
-भूपेंद्र शर्मा, विजिलेंस इंस्पेक्टर, फतेहाबाद ।