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Fatehabad News: राइस शेलरों पर शिकंजा...चावल की डिलीवरी अटकी, 95 मिल से दिसंबर तक 500 करोड़ वसूली की तैयारी में सरकार

Wed, 28 Oct 2026 10:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 28 Oct 2026 10:03 PM IST
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Crackdown on rice shellers... Rice delivery held up, government preparing to recover 5 billion from 95 mills by December
फतेहाबाद। चावल की डिलीवरी अटकी तो अब धान की कीमत चुकाने की बारी आ गई है। जिले के 95 राइस शेलर मालिकों से सरकार करीब 500 करोड़ रुपये की वसूली करेगी। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से करीब 1,07,772 टन चावल नहीं लिए जाने के बाद संबंधित मिल मालिकों को दिसंबर तक धान की कीमत जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार 2816 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि मांग रही है।
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जिले में पिछले साल 261 राइस शेलरों में धान की मिलिंग हुई थी। इनमें से 95 मिलों में तैयार चावल की डिलीवरी बकाया है। मिल मालिकों का कहना है कि एफसीआई द्वारा चावल नहीं उठाए जाने से उनकी पूंजी फंसी हुई है। अब तैयार चावल लेने के बजाय सरकार ने मिलिंग के लिए दिए गए धान की कीमत जमा कराने को कहा है। जिले के चार शेलर संचालक राशि जमा भी करवा चुके हैं।
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सरकारी खरीद भाव से 355 रुपये ज्यादा दर
सरकार 2816 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान मांग रही है, जबकि इस साल धान का सरकारी खरीद भाव 2461 रुपये प्रति क्विंटल है। दोनों दरों में 355 रुपये का अंतर है। इससे मिल मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। जिला राइस शेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश जिंदल ने कहा कि सरकार का फैसला पहले से आर्थिक संकट झेल रहे मिल मालिकों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार मिलों में तैयार चावल तुरंत उठाए।
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