फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Corona report taking three days, isolates becoming infected after four days

कोरोना रिपोर्ट आने में लग रहे तीन दिन, चार दिन बाद संक्रमित हो रहे आइसोलेट

Wed, 14 Apr 2021 11:04 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 14 Apr 2021 11:04 PM IST
विज्ञापन
Corona report taking three days, isolates becoming infected after four days
फतेहाबाद में कोरोना सैंपल देते लोग। - फोटो : Fatehabad
अगर दिन में आपसे कोई व्यक्ति मिलता है तो उससे सावधान रहने की जरूरत है। वह व्यक्ति आपको बीमार कर सकता है। क्यों कि कोरोना सैंपल देने के बाद संदिग्ध सरेआम घूम रहे और तीन दिन तक सैंकड़ों लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। चौथे दिन उन्हें पता चल रहा है कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं और उसे आइसोलेट होने की जरूरत है। इसके चलते चेन बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

जिले में कोरोना सैंपल देने के तीन दिन बाद रिपोर्ट आ रही है। संक्रमित मिलने वाले मरीजों को सैंपल देने के चौथे दिन बाद आइसोलेट किया जा रहा है। तब तक मरीज में संक्रमण पूरी तरह से फैल चुका होता है। ये ही कारण है अप्रैल माह में जिले में 854 केस हो गए और 16 मौतें हो चुकी है। ये जानकर भी हैरानी होगी कि कई परिवारों में सभी सदस्य कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। फतेहाबाद के शक्ति नगर में एक ही परिवार के सात लोग संक्रमित मिले हैं। चिकित्सकों का कहना है कि देरी से रिपोर्ट मिलना सबसे बड़ा कारण है। डॉक्टर उपचार शुरू नहीं कर पाते हैं। जिला मुख्यालय में लैब की जरूरत है, लैब होगी तो सैंपलिंग बढ़ेगी। कोरोना महामारी को 12 माह गुजर चुके हैं लेकिन आज भी सैंपलों की जांच के लिए अग्रोहा मेडिकल भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

पहले सिर्फ बुखार आता था अब डायरिया, पेट दर्द भी लक्षण
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के फिजिशियन डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि कोरोना वायरस के लक्षण बदल रहे हैं। पहले कोरोना संक्रमित मरीजों में बुखार और खांसी के लक्षण होते थे लेकिन अब पेट में दर्द, डायरिया, उल्टी और सुगंध न आना भी लक्षण मिल रहे हैं। सभी मरीजों में अलग-अलग तरह के लक्षण है और ये दूसरों को तेजी से प्रभावित कर रहा है। पहले 45 साल से ज्यादा उम्र वाले संक्रमित हो रहे थे लेकिन अब युवा भी चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के अगले दिन ढूंढती है स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग आरटीपीसीआर सैंपल को जांच के लिए अग्रोहा लैब में भेजता है। यहां से रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लगते है। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम अगले दिन ढूंढती है और आइसोलेट करती है लेकिन तब तक वह वायरस फैला चुका होता है। उदाहरण के लिए अगर किसी ने बुधवार को सैंपल दिया है तो उसकी रिपोर्ट शुक्रवार दोपहर तक आएगी। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज को ढूंढकर उसे आइसोलेट करेगी और संपर्क में आए लोगों की सूची बनाएगी।
पिछले साल ये मिले मरीज मौत
वर्ष संक्रमित मिले मरीज मौत
2020 4664 116
इस साल मिले कोरोना संक्रमित मरीज
माह मरीज मिले मौत
जनवरी 53 2
फरवरी 22 1
मार्च 360 4
अप्रैल 854 16 (अब तक)
जिले में अब तक लिए जा चुके सैंपल :
सैंपल लिए निगेटिव संक्रमित मिले
आरटीपीसीआर 117608 112058 4551
एंटीजन 28457 27099 1358
ट्रूनेट 865 828 37
कोट
कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर लैब का जिले में होना जरूरी है। सिरसा में लैब खुलने से अग्रोहा में दबाव कम हुआ है लेकिन अब केस ज्यादा बढ़ रहे है तो दिक्कत भी बढ़ी है। प्रशासन को जिला मुख्यालय में आरटीपीसीआर लैब शुरू करने पर विचार करना चाहिए। अगर लैब होगी तो संक्रमित मरीजों का समय पर पता चल सकेगा।

- डॉ. मनीष टुटेजा, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल अस्पताल।
कोट
ये बात सही है कि रिपोर्ट देरी से आने के कारण संक्रमित मरीज कई लोगों को चपेट में ले रहा है। जिला में आरटीपीसीआर लैब शुरू करने के लिए उच्च अधिकारियों से बात करके मांग रखी जाएगी।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed