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Fatehabad News: बेटियों के प्रति बदली सोच तो छू रहीं सफलता का शिखर

Fri, 23 Jan 2026 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 23 Jan 2026 11:27 PM IST
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Changed thinking towards daughters and touching the pinnacle of success
खुशबु ​बिश्नोई।
फतेहाबाद/टोहाना। जिले में बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि आज जिले की बेटियां शिक्षा और खेल के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। इस बदलती मानसिकता का असर जिले के लिंगानुपात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। यह पिछले दस वर्षों में काफी सुधरा है।
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वर्ष 2015 में जिले का लिंगानुपात 894 था, अब यह बढ़कर 961 तक पहुंच गया है। यह जिले के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। वर्ष 2025 में जिले में 7927 लड़के और 7617 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया है। यह अंतर पहले की तुलना में काफी कम हुआ है। जो यह दर्शाता है कि बेटियों को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है।
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शिक्षा के क्षेत्र में जिले की बेटियां बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, वहीं खेलों में भी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। सामाजिक जागरूकता अभियानों, सरकारी योजनाओं और परिवारों की बदली मानसिकता ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई है।
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पिछले सालों का ये रहा है जिले का लिंगानुपात

वर्ष लिंगानुपात

2015 894

2016 923

2017 912

2018 893

2019 924

2020 937

2021 898

2022 950

2023 934

2024 926

2025 961

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तीन साल से तैयारी करके स्केटिंग में परचम लहरा रही अवनी

टोहाना शहर के नव दुर्गा कॉलोनी की रहने वाली लॉर्ड कृष्णा यूनिवर्सल स्कूल की अंडर-14 खिलाड़ी अवनी पूनिया ने ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रस्तरीय स्केटिंग प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व कर शानदार प्रदर्शन किया। अवनी पहले ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। तीन साल की कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास के दम पर अवनी ने रोहतक में आयोजित प्रदेशस्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीता। पिता विश्वपाल पूनिया ने बताया कि उन्होंने बेटी को हमेशा खेल के प्रति उत्साहित किया और अभ्यास का महत्व समझाया।



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बेहतर रैंक प्राप्त किया, अब पीजीआई में कर रहीं सपना पूरा

टोहाना की छात्रा पूजा गोयल रोहतक पीजीआई में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। पूजा का सपना डॉक्टर बनकर क्षेत्र के लोगों को बेहतर व सस्ता इलाज मुहैया कराने का है। पूजा ने नीट में 720 में से 564 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (6943) प्राप्त की थी। पूजा की माता अंतिमा गृहिणी हैं। पूजा के पिता व चाचा मुकेश गोयल ने भी बेटी की इस सफलता का श्रेय उसकी मेहनत व लग्न को दिया है।



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दादा से प्रेरित हो सेना में जाने का चुना रास्ता

गांव खजूरी जाटी निवासी जय सिंह सहारण की बेटी खुशबू बिश्नोई का चयन हाल ही में भारतीय वायु सेना में हुआ है। खुशबू फिलहाल छह महीने के लिए ट्रेनिंग कर रही हैं। इसके बाद यूनिट में पहुंच कर अपनी ड्यूटी संभालेंगी। पिता जय सिंह सहारण ने बताया कि वह निरंतर अपना मुकाम हासिल करने के लिए तैयारी करती रही। अब उसका भारतीय वायु सेना में जाने का सपना साकार हुआ है। खुशबू के दादा रामस्वरूप भी सेना में रहे हैं। वो बीएसएफ रिटायर हुए हैं।



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जीवन में चुनौतियों के बाद शुरु किया संघर्ष, अब बना रही अलग पहचान



गांव भूथनकलां निवासी कबड्डी खिलाड़ी 13 वर्षीय खुशप्रीत का जीवन चुनौतियों भरा चल रहा है। पिता की करीब 5 साल पहले मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद खुशप्रीत का पालन पोषण उसकी मां कमलेश देवी कर रही है। खुशप्रीत की एक बड़ी बहन स्नेश है, जो उसका खेल को लेकर सहयोग करती है। खुशप्रीत गांव की अन्य लड़कियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। खुशप्रीत का आंध्र प्रदेश के गुड़वाड में समाप्त हुई 69वीं राष्ट्रीय स्कूली गेम्स में हरियाणा टीम में चयन हुआ था। इसमें पूरी टीम व खुशप्रीत ने अच्छा प्रदर्शन किया है।








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वुशु प्रतियोगिता के ट्रायल के लिए दिव्यांशी का चयन



फतेहाबाद शहर के केके सतीश काॅलोनी निवासी खिलाड़ी दिव्यांशी उपाध्याय का वुशु की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। हाल ही में दिव्यांशी ने छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इसके आधार पर ही अंतर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। पिता श्याम दुलारे ने बताया कि दिव्यांशी ने 6 वर्ष की आयु से खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद वह कई पदक जीत चुकी है। साल 2022 में वह नेशनल चैंपियन रह चुकी है।

खुशबु बिश्नोई।

खुशबु बिश्नोई।

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