एटम ऑन व्हील अभियान: आमजन को परमाणु ऊर्जा के फायदे बताएगा कॉर्पोरेशन, फतेहाबाद के 240 गांवों शामिल
आम जनता में परमाणु ऊर्जा को लेकर अलग-अलग तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। इन्हीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया है। एटम ऑन व्हील अभियान हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व आंध्र प्रदेश में चलाया जाएगा।
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अब गांव-गांव में आम जन को परमाणु ऊर्जा के फायदे बताए जाएंगे। न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने ग्रामीण एकीकरण कार्यक्रम के तहत एटम ऑन व्हील अभियान की शुरुआत की है। यह राष्ट्रीय अभियान प्रथम चरण में हरियाणा सहित देश के छह राज्यों में चलेगा। इसकी शुरुआत वीरवार को फतेहाबाद जिले के गांव गोरखपुर स्थित गोरखपुर हरियाणा अणु परियोजना संयंत्र से कॉरपोरेशन के परियोजना निदेशक आरएस बरवाल ने फतेहाबाद के उपायुक्त अजय सिंह तोमर के साथ की।
दरअसल, आम जनता में परमाणु ऊर्जा को लेकर अलग-अलग तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। इन्हीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया है। इसके लिए एटम ऑन व्हील नाम से बस तैयार की गई है, जिसमें परमाणु ऊर्जा के उत्पादन से लेकर उसके फायदे बताते हुई प्रदर्शनी लगाई गई है। यह प्रदर्शनी बस गांव-गांव में जाएगी। बस में तीन से चार सदस्यीय टीम रहेगी, जो ग्रामीणों के सवालों का जवाब भी देगी।
दो साल में कवर होंगे छह राज्य
एटम ऑन व्हील अभियान हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात व आंध्र प्रदेश में चलाया जाएगा। हर राज्य में चार महीने तक अभियान चलेगा, जिसमें हर महीने 60 से 70 गांवों को कवर किया जाएगा। सबसे पहले फतेहाबाद जिले के 240 गांवों में चार महीनों तक यह बस लोगों को परमाणु ऊर्जा के विषय में जागरूक करेगी। बस हर गांव के पंचायत भवन, स्कूलों, चिकित्सा केंद्रों, सामुदायिक केंद्रों के बाहर खड़ी की जाएगी। हरियाणा के बाद बस को राजस्थान में भेजा जाएगा।
बस में यह रहेगी जानकारी
कॉरपोरेशन की ओर से तैयार करवाई गई वातानुकूलित बस में परमाणु ऊर्जा के उत्पादन, खपत, विशेषता, देश में चल रहे संयंत्रों और परमाणु ऊर्जा के उपयोग, प्रभाव और सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को एग्जिबिट्स और पैनल के जरिये दर्शाया गया है। इसके अलावा बस के बाहर की तरफ एलईडी और प्रोजेक्टर्स लगाए गए हैं, जिनमें काफी रोचक जानकारियां दिखेंगी।
2028 में शुरू होगी गोरखपुर संयंत्र की पहली यूनिट
कॉरपोरेशन अधिकारियों के मुताबिक गांव गोरखपुर स्थित संयंत्र में पहले चरण में 700-700 मेगावाट की दो यूनिट का निर्माण चल रहा है। पहली यूनिट का काम साल 2028 तक पूरा होगा। गौरतलब है कि साल 2014 में गांव गोरखपुर में अणु परियोजना के संयंत्र का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था। पूरी तरह स्वदेशी तकनीकी के इस संयंत्र में कुल 2800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यहां 700-700 मेगावाट की चार यूनिट बनेंगी। सारा कार्य साल 2036 तक पूरा होगा। इस संयंत्र निर्माण पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
परमाणु ऊर्जा से संबंधित भ्रांतियां दूर करना उद्देश्य
एटम ऑन व्हील अभियान का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा को लेकर आम जन की भ्रांतियां दूर करना है। हमारे देश में परमाणु ऊर्जा से नुकसान का एक भी केस नहीं हुआ है। परमाणु ऊर्जा संयंत्र व रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। हमारे सैकड़ों इंजीनियर्स और उनके परिवार इन संयंत्रों के दायरे में ही सालों से रहते हैं। -आरएस बरवाला, परियोजना निदेशक, गोरखपुर-हरियाणा अणु विद्युत परियोजना।