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Fatehabad News: टोहाना में खुलेगा एटीएफ, एम्स देगा बजट, रतिया को मिला लाइसेंस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2024 12:19 AM IST
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ATF will open in Tohana, AIIMS will give budget, Ratia gets license
फतेहाबाद। नशे को लेकर केंद्र सरकार का जिले पर फोकस है। केंद्र सरकार की तरफ से टोहाना में जल्द एटीएफ यानि एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी सेंटर शुरू होने जा रही है। एम्स की तरफ से इस सेंटर को बजट दिया जाएगा। टोहाना नागरिक अस्पताल की तरफ से दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। इससे पहले प्रोविजनल लाइसेंस भी जारी हो चुका है। इसके अलावा संबंधित डॉक्टर की ट्रेनिंग भी हो गई है, रतिया में भी नशा मुक्ति केंद्र शुरू के लिए लाइसेंस जारी किया गया है।
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उम्मीद है 10 से 15 दिनों में यहां पर एटीएफ शुरू करने को लेकर लाइसेंस जारी हो जाएगा और नशे से ग्रस्त मरीजों को निजी सेंटरों या फिर फतेहाबाद के नशा मुक्ति केेंद्र में जाने की जरूरत नहीं होगी। अहम बात यह है कि आसपास के पंजाब क्षेत्र के मरीजों को भी फायदा मिलेगा। वहीं रतिया में नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने को लेकर 10 बेड का स्थायी लाइसेंस जारी हो गया है। यहां भी अब स्थायी रूप से नशा मुक्ति केंद्र शुरू होगा। इसको लेकर डॉ. दीप की पहले ही ट्रेनिंग हो चुकी है। अब लाइसेंस मिलने के बाद विभाग स्टाफ भर्ती की प्रक्रिया पूरी करेगा। अहम बात यह है कि रतिया के कई गांवों के युवा नशे की चपेट में हैं। अभी फिलहाल इन्हें उपचार के लिए फतेहाबाद के नशा मुक्ति केंद्र में आना पड़ रहा है। संवाद
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नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में कम होगा भार
नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में हर माह 30 से 40 मरीज दाखिल हो रहे हैं। एक मरीज के दाखिल होने पर करीब 14 दिन तक उपचार चलता है। डॉक्टर की निगरानी में मरीज को दो सप्ताह तक दाखिल रखकर उपचार दिया जाता है और नशे की लत को दवाइयों के द्वारा कम किया जाता है। टोहाना और रतिया में सेंटर शुरू होने के बाद यहां पर भार कम हो जाएगा।
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मेडिकल संचालकों को नशे से संबंधित दवाई देने पर लगानी होगी मुहर
मेडिकल संचालकों को नशे संबंधित दवाइयों को लेकर रिकॉर्ड रखना होगा। अगर रिकॉर्ड नहीं रखते हैं तो कार्रवाई हो सकती है। मेडिकल संचालकों मरीज को दवाई देते समय रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा। इसके अलावा डॉक्टर की लिखी गई पर्ची पर मुहर लगानी होगी। इससे पता चल जाएगा कि मरीज मेडिकल से दवाई ले चुका है और दूसरी दुकान से नहीं ले पाएगा। इसको लेकर सिविल सर्जन कार्यालय में बैठक हुई है।
नशा मुक्ति केंद्र की ओपीडी और दाखिल मरीज
वर्ष (2023) ओपीडी मरीज
जनवरी 282 21
फरवरी 237 24
मार्च 236 15
अप्रैल 180 12
मई 187 36
जून 189 19
जुलाई 190 21
अगस्त 261 27
सितंबर 140 20
अक्टूबर 162 20
नवंबर 205 19
दिसंबर 183 17
वर्ष 2024
जनवरी 160 14
फरवरी 186 19
मार्च 153 17
अप्रैल 232 20
सीरिंज के जरिए हेरोइन नशा लेने वालों को ओएसटी में मिल रहा उपचार
नशा मुक्ति केंद्र में पिछले ओएसटी सेंटर शुरू हुआ था। सीरिंज के जरिए हेरोइन नशा लेने वाले युवाओं का यहां पर उपचार दिया जा रहा है। एआई के सर्वे में 702 युवा मिल चुके है जो सीरिंज के जरिए हेरोइन नशा लेते है। इन युवाओं को ओएसटी में लाकर रोजाना काउंसिलिंग करके दवाई दी जा रही है। अब तक 267 मरीज रजिस्टर्ड हो चुके हैं।
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रतिया में नशा मुक्ति केंद्र को लेकर लाइसेंस जारी हो गया है। जल्द यहां पर केंद्र शुरू हो जाएगा। इसका फायदा मरीजों को मिलेगा और वह यहीं उपचार ले पाएंगे।

-डॉ. महेंद्र, सिविल सर्जन फतेहाबाद।
को
नागरिक अस्पताल में एटीएफ शुरू करने को लेकर प्रक्रिया जारी है। दस्तावेज भेजे जा चुके हैं, निरीक्षण भी हो चुका है। उम्मीद है जल्द ही अनुमति मिल जाएगी। एम्स की तरफ से बजट जारी किया जाएगा।
-डॉ. कुनाल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल टोहाना
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