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Fatehabad News: साढ़े तीन साल बाद अयाल्की में फिर सजा पशु मेला, पहुंचे 200 पशु
Sun, 06 Sep 2026 10:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 06 Sep 2026 10:18 PM IST
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फतेहाबाद। गांव अयाल्की में पशु मेले को लेकर रखा टेंट का सामान। संवाद
फतेहाबाद। गांव अयाल्की में साढ़े तीन साल बाद रविवार को पशु मेला फिर शुरू हुआ। लंबे अंतराल के बाद मेला लगने से आसपास के गांवों के पशुपालकों और व्यापारियों में उत्साह नजर आया। पहले दिन करीब 200 पशु मेले में पहुंचे।
पशु मेले का ठेका इस बार निजी एजेंसी को दिया गया है। रविवार सुबह से ही आसपास के गांवों से पशुपालक अपने पशुओं के साथ मेला स्थल पर पहुंचने लगे। दोपहर तक करीब 200 पशु मेले में पहुंच चुके थे। लंबे समय बाद स्थानीय स्तर पर पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए जगह मिलने से पशुपालकों में उत्साह रहा।
हालांकि पहले दिन मेले की व्यवस्था संभालने वाली निजी एजेंसी पशुपालकों और पशुओं की संख्या के अनुसार पर्याप्त प्रबंध नहीं कर पाई। इसके चलते पशुपालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेले में पशुओं की संख्या बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। पशुपालकों का कहना है कि साढ़े तीन साल बाद मेला शुरू हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में पशुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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पेड़ की छांव में या धूप में खड़े किए गए पशु
पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचे पशुपालकों ने मेले में मिल रहीं सुविधाओं पर निराशा जताई। पशु व्यापारी अनिल, रामकुमार, प्रहलाद का कहना है कि मेले में पशुओं को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई पशुपालक अपने पशुओं के साथ काफी देर तक व्यवस्थाएं पूरी होने का इंतजार करते दिखाई दिए। धूप से बचने के लिए पशुओं के लिए पर्याप्त टेंट नहीं थे। जिस कारण काफी लोगों ने अपने पशु पेड़ की छांव में पशुओं को बांधा हुआ था। वहीं कुछ व्यापारी अपने पशु को धूप में लेकर खड़े रहे।
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हजाराें लोगों को मिलेगा रोजगार
पहले दिन पशु मेले में करीब 200 पशु पहुंचे। इन पशुओं के लिए शुरू हुए मेले से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। मेले के शुरू होने से खानपान सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन का काम भी जोरों से चलेगा।
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पशु मेले के पहले दिन केवल 50 पशुओं के लिए प्रबंध किया गया था लेकिन ज्यादा आने से व्यापारियों व पालकों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है। भविष्य में उचित प्रबंध किया जाएगा।
- बीकरजीत सिंह, एजेंसी ठेकेदार, पशु मेला
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पशु मेले का ठेका इस बार निजी एजेंसी को दिया गया है। रविवार सुबह से ही आसपास के गांवों से पशुपालक अपने पशुओं के साथ मेला स्थल पर पहुंचने लगे। दोपहर तक करीब 200 पशु मेले में पहुंच चुके थे। लंबे समय बाद स्थानीय स्तर पर पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए जगह मिलने से पशुपालकों में उत्साह रहा।
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हालांकि पहले दिन मेले की व्यवस्था संभालने वाली निजी एजेंसी पशुपालकों और पशुओं की संख्या के अनुसार पर्याप्त प्रबंध नहीं कर पाई। इसके चलते पशुपालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेले में पशुओं की संख्या बढ़ने के साथ व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। पशुपालकों का कहना है कि साढ़े तीन साल बाद मेला शुरू हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में पशुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
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पेड़ की छांव में या धूप में खड़े किए गए पशु
पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचे पशुपालकों ने मेले में मिल रहीं सुविधाओं पर निराशा जताई। पशु व्यापारी अनिल, रामकुमार, प्रहलाद का कहना है कि मेले में पशुओं को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा। कई पशुपालक अपने पशुओं के साथ काफी देर तक व्यवस्थाएं पूरी होने का इंतजार करते दिखाई दिए। धूप से बचने के लिए पशुओं के लिए पर्याप्त टेंट नहीं थे। जिस कारण काफी लोगों ने अपने पशु पेड़ की छांव में पशुओं को बांधा हुआ था। वहीं कुछ व्यापारी अपने पशु को धूप में लेकर खड़े रहे।
हजाराें लोगों को मिलेगा रोजगार
पहले दिन पशु मेले में करीब 200 पशु पहुंचे। इन पशुओं के लिए शुरू हुए मेले से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। मेले के शुरू होने से खानपान सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन का काम भी जोरों से चलेगा।
पशु मेले के पहले दिन केवल 50 पशुओं के लिए प्रबंध किया गया था लेकिन ज्यादा आने से व्यापारियों व पालकों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है। भविष्य में उचित प्रबंध किया जाएगा।
- बीकरजीत सिंह, एजेंसी ठेकेदार, पशु मेला

फतेहाबाद। गांव अयाल्की में पशु मेले को लेकर रखा टेंट का सामान। संवाद