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Fatehabad News: पंचायत समिति चेयरमैन हटाने के लिए बुलाई बैठक से पहले बीमार पड़े एडीसी, स्थगित
Thu, 19 Feb 2026 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:50 PM IST
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रतिया चेयरमैन के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक रद्द होने के बाद बातचीत करते सदस्य। संवाद
फतेहाबाद। जिले के रतिया पंचायत समिति के कांग्रेसी चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वीरवार को बुलाई गई मीटिंग स्थगित हो गई है। एडीसी अनुराग ढालिया का स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर प्रशासन ने मीटिंग स्थगित कर दी है। अब अगली मीटिंग 23 फरवरी को सुबह 10 बजे बुलाई गई है।
ये दूसरा मौका है जब चेयरमैन केवल मेहता की कुर्सी बच गई है। एक साल पहले भी पर्याप्त सदस्यों के न पहुंचने से केवल मेहता अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे थे। रतिया पंचायत समिति के 22 सदस्यों में से एक का निधन हो चुका है। ऐसे में 21 सदस्यों में से चेयरमैन को हटाने के लिए 14 सदस्यों की एकजुटता चाहिए।
विरोधी खेमे का दावा था कि उनके पास पर्याप्त बहुमत है। मगर ऐन मौके पर मीटिंग स्थगित कर दी गई है। इससे सदस्यों ने गुस्सा जाहिर किया है। इस दौरान सदस्यों व उनके साथ आए लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध जताया। वहीं इस दौरान सदस्यों ने उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से मिलने की बात रखी, लेकिन वे भी चंडीगढ़ किसी बैठक के लिए गए हुए थे।
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इसके बाद सदस्यों का विरोध देख जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अनूप सिंह मौके पर पहुंचे और सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से बात की। जिसके बाद डीडीपीओ ने अगली मीटिंग 23 फरवरी को सुबह 10 बजे बुलाई है।
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यह ठीक नहीं हुआ, हम 18 सदस्य आए हुए हैं
बैठक रद्द होने के बाद पंचायत समिति सदस्यों सुनील कुमार, तारा सिंह, अवतार आदि ने कहा कि यह ठीक नहीं हुआ। प्रशासन को अगर बैठक रद्द करनी थी तो एक दिन पहले बताते, एकदम से मीटिंग स्थगित करना गलत है। हम 18 सदस्य एकजुट होकर आए हुए हैं, इनमें से एक भी सदस्य चेयरमैन को कुर्सी पर नहीं देखना चाहता है। चेयरमैन अपना विश्वास खो चुका है, इसलिए उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। अगर चेयरमैन सही होता तो उसके पास दो से तीन सदस्य क्यों रहते।
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एक बार पहले भी बचा चुके कुर्सी
चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ एक बार पहले जनवरी 2025 में भी पंचायत समिति सदस्यों ने बगावत की थी। उस समय उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव रद्द हो गया था। तब खिलाफत करने वाले 12 सदस्य ही मीटिंग में पहुंचे थे, जबकि प्रस्ताव पास करने के लिए 15 सदस्यों की जरूरत थी।
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अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होने से चर्चाओं का दौर गर्म
कांग्रेसी चेयरमैन को हटाने वाले दिन अचानक नोडल अधिकारी के बीमार होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है। सूत्रों की मानें तो रतिया पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता पहले लंबे समय तक भाजपा में रहे हैं और उनके प्रदेश में कई वरिष्ठ नेताओं से अभी तक मधुर संबंध बने हुए हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं संबंधों का फायदा केवल मेहता को मिला है। सूत्रों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में रतिया में पाला बदलने के हालात भी बन सकते हैं।
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ये दूसरा मौका है जब चेयरमैन केवल मेहता की कुर्सी बच गई है। एक साल पहले भी पर्याप्त सदस्यों के न पहुंचने से केवल मेहता अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे थे। रतिया पंचायत समिति के 22 सदस्यों में से एक का निधन हो चुका है। ऐसे में 21 सदस्यों में से चेयरमैन को हटाने के लिए 14 सदस्यों की एकजुटता चाहिए।
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विरोधी खेमे का दावा था कि उनके पास पर्याप्त बहुमत है। मगर ऐन मौके पर मीटिंग स्थगित कर दी गई है। इससे सदस्यों ने गुस्सा जाहिर किया है। इस दौरान सदस्यों व उनके साथ आए लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध जताया। वहीं इस दौरान सदस्यों ने उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से मिलने की बात रखी, लेकिन वे भी चंडीगढ़ किसी बैठक के लिए गए हुए थे।
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इसके बाद सदस्यों का विरोध देख जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अनूप सिंह मौके पर पहुंचे और सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल से बात की। जिसके बाद डीडीपीओ ने अगली मीटिंग 23 फरवरी को सुबह 10 बजे बुलाई है।
यह ठीक नहीं हुआ, हम 18 सदस्य आए हुए हैं
बैठक रद्द होने के बाद पंचायत समिति सदस्यों सुनील कुमार, तारा सिंह, अवतार आदि ने कहा कि यह ठीक नहीं हुआ। प्रशासन को अगर बैठक रद्द करनी थी तो एक दिन पहले बताते, एकदम से मीटिंग स्थगित करना गलत है। हम 18 सदस्य एकजुट होकर आए हुए हैं, इनमें से एक भी सदस्य चेयरमैन को कुर्सी पर नहीं देखना चाहता है। चेयरमैन अपना विश्वास खो चुका है, इसलिए उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। अगर चेयरमैन सही होता तो उसके पास दो से तीन सदस्य क्यों रहते।
एक बार पहले भी बचा चुके कुर्सी
चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ एक बार पहले जनवरी 2025 में भी पंचायत समिति सदस्यों ने बगावत की थी। उस समय उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव रद्द हो गया था। तब खिलाफत करने वाले 12 सदस्य ही मीटिंग में पहुंचे थे, जबकि प्रस्ताव पास करने के लिए 15 सदस्यों की जरूरत थी।
अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होने से चर्चाओं का दौर गर्म
कांग्रेसी चेयरमैन को हटाने वाले दिन अचानक नोडल अधिकारी के बीमार होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर गर्म हो गया है। सूत्रों की मानें तो रतिया पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता पहले लंबे समय तक भाजपा में रहे हैं और उनके प्रदेश में कई वरिष्ठ नेताओं से अभी तक मधुर संबंध बने हुए हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं संबंधों का फायदा केवल मेहता को मिला है। सूत्रों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में रतिया में पाला बदलने के हालात भी बन सकते हैं।

रतिया चेयरमैन के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक रद्द होने के बाद बातचीत करते सदस्य। संवाद

रतिया चेयरमैन के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक रद्द होने के बाद बातचीत करते सदस्य। संवाद