{"_id":"66edc749f0c6e2deb3055f34","slug":"accusing-private-bus-operators-of-arbitrariness-students-demonstrated-agreed-after-bablis-assurance-fatehabad-news-c-127-1-shsr1019-122631-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: निजी बस संचालकों पर मनमानी का आरोप, विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन, बबली के आश्वासन के बाद माने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: निजी बस संचालकों पर मनमानी का आरोप, विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन, बबली के आश्वासन के बाद माने
Sat, 21 Sep 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 21 Sep 2024 12:34 AM IST
विज्ञापन
निजी बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
टोहाना। निजी बस संचालकों की मनमानी के चलते जमालपुर शेखां स्थित बहुतकनीकी संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते विद्यार्थियों ने गांव जमालपुर में निजी बस संचालकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इसी दौरान जब भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र बबली का काफिला वहां से निकल रहा था तो विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देख गाड़ी रोककर उनकी समस्या को सुना। बबली की ओर से समस्या का हल मिलने का आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि निजी बस चालक सरकार द्वारा जारी उनके पास को नहीं मानते हैं और बीच रास्ते में ही उतार देते हैं। इसके अलावा निजी बस संचालकों द्वारा अपनी बसों के चक्कर भी मिस किए जाते हैं। इसके बावजूद आरटीए इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता। जिससे उनके हौसले बुलंद हो चुके हैं।
प्रदर्शनकारी छात्र सुनील व राजेश ने बताया कि वे रोजाना बस के माध्यम से बस स्टैंड से जमालपुर स्थित बहुतकनीकी संस्थान में पढ़ने के लिए आते हैं। मगर उन्हें निजी बस चालकों द्वारा रास्ते में उतार दिया जाता है। जब वे बस स्टैंड पर अधिकारियों को समस्या के बारे में बताते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि इन पर कार्रवाई आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) द्वारा की जानी है। विद्यार्थियों ने बताया कि कई बार निजी बस चालक छात्राओं को भी बस में बैठने नहीं देते हैं। यदि वे बस में बैठ जाती हैं तो टिकट लेने के कहते हैं जबकि सरकार द्वारा 150 किलोमीटर तक फ्री सफर करने की बात कही गई है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले एक निजी बस चालक द्वारा छात्रा को बस में नहीं आने दिया गया तो डायल 112 पर इसकी सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत कराया और छात्रा को निजी बस चालक ने बस में सवार होने दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या विद्यार्थी सरकार बस पास के माध्यम से निजी बस में सफर कर सकते हैं, क्या छात्राएं 150 किलोमीटर तक निजी बस में फ्री सफर कर सकती है ताकि बस चालक और विद्यार्थियों में विवाद की स्थिति पैदा न हो।
-- -- -- -- -
:: निजी बसों में 150 किलोमीटर तक फ्री सफर के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। मगर कोई जानकारी नहीं आई है। निजी बस चालक जो चक्कर मिस करते हैं, उसके लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराया जाता है। -विनोद कुमार, बस अड्डा प्रभारी, टोहाना
विज्ञापन
इसी दौरान जब भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र बबली का काफिला वहां से निकल रहा था तो विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देख गाड़ी रोककर उनकी समस्या को सुना। बबली की ओर से समस्या का हल मिलने का आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि निजी बस चालक सरकार द्वारा जारी उनके पास को नहीं मानते हैं और बीच रास्ते में ही उतार देते हैं। इसके अलावा निजी बस संचालकों द्वारा अपनी बसों के चक्कर भी मिस किए जाते हैं। इसके बावजूद आरटीए इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता। जिससे उनके हौसले बुलंद हो चुके हैं।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारी छात्र सुनील व राजेश ने बताया कि वे रोजाना बस के माध्यम से बस स्टैंड से जमालपुर स्थित बहुतकनीकी संस्थान में पढ़ने के लिए आते हैं। मगर उन्हें निजी बस चालकों द्वारा रास्ते में उतार दिया जाता है। जब वे बस स्टैंड पर अधिकारियों को समस्या के बारे में बताते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि इन पर कार्रवाई आरटीए (रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) द्वारा की जानी है। विद्यार्थियों ने बताया कि कई बार निजी बस चालक छात्राओं को भी बस में बैठने नहीं देते हैं। यदि वे बस में बैठ जाती हैं तो टिकट लेने के कहते हैं जबकि सरकार द्वारा 150 किलोमीटर तक फ्री सफर करने की बात कही गई है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले एक निजी बस चालक द्वारा छात्रा को बस में नहीं आने दिया गया तो डायल 112 पर इसकी सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत कराया और छात्रा को निजी बस चालक ने बस में सवार होने दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या विद्यार्थी सरकार बस पास के माध्यम से निजी बस में सफर कर सकते हैं, क्या छात्राएं 150 किलोमीटर तक निजी बस में फ्री सफर कर सकती है ताकि बस चालक और विद्यार्थियों में विवाद की स्थिति पैदा न हो।
:: निजी बसों में 150 किलोमीटर तक फ्री सफर के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। मगर कोई जानकारी नहीं आई है। निजी बस चालक जो चक्कर मिस करते हैं, उसके लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर अवगत कराया जाता है। -विनोद कुमार, बस अड्डा प्रभारी, टोहाना