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Fatehabad News: आधार ई-केवाईसी, डिजिटल हस्ताक्षर और ऑनलाइन सत्यापन से फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
Tue, 23 Jun 2026 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 23 Jun 2026 10:41 PM IST
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फतेहाबाद। लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑटो म्यूटेशन प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार ने नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाते हुए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 लागू किया है। नई व्यवस्था रजिस्ट्री प्रक्रिया के तहत पहचान संबंधी विवादों और त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाएगी। इसके साथ ही एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।
डीसी डाॅ. विवेक भारती मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑटो म्यूटेशन प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के शुभारंभ के अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। चंडीगढ़ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑटो म्यूटेशन प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ किया। इस प्रणाली को विभागीय संसाधनों के माध्यम से विकसित किया गया है।
डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि डीड तैयार करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। इसके साथ ही अब एनओसी के लिए अलग से दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभागों से सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। बैठक में एसडीएम टोहाना आकाश शर्मा, एसडीएम फतेहाबाद राजेश कुमार, सीटीएम गौरव गुप्ता, डीआरओ श्यामलाल सहित, एडीआईओ प्रीति आदि उपस्थित रहे।
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दोनों पक्षों की होगी ई-केवाइसी, नागरिक स्वयं भी तैयार कर सकेंगे दस्तावेज
नई व्यवस्था में आवेदन फॉर्म को अधिक सरल एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है। अब प्रथम पक्ष और द्वितीय पक्ष की आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी जिससे पहचान संबंधी विवादों और त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाएगी। इसके साथ ही एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। डीड तैयार करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकेंगे।
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पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन से
डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन को शामिल किया गया है। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा किसी भी प्रकार की फर्जी पहचान या धोखाधड़ी की संभावना पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। पोर्टल पर प्राइम एवं नॉन-प्राइम खसरा की जानकारी प्रदर्शित होगी तथा धारा 7ए से संबंधित विवरण भी उपलब्ध रहेगा, जिससे पक्षकारों को भूमि की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
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डीसी डाॅ. विवेक भारती मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में ऑटो म्यूटेशन प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के शुभारंभ के अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। चंडीगढ़ से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑटो म्यूटेशन प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ किया। इस प्रणाली को विभागीय संसाधनों के माध्यम से विकसित किया गया है।
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डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि डीड तैयार करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। इसके साथ ही अब एनओसी के लिए अलग से दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभागों से सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। बैठक में एसडीएम टोहाना आकाश शर्मा, एसडीएम फतेहाबाद राजेश कुमार, सीटीएम गौरव गुप्ता, डीआरओ श्यामलाल सहित, एडीआईओ प्रीति आदि उपस्थित रहे।
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दोनों पक्षों की होगी ई-केवाइसी, नागरिक स्वयं भी तैयार कर सकेंगे दस्तावेज
नई व्यवस्था में आवेदन फॉर्म को अधिक सरल एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है। अब प्रथम पक्ष और द्वितीय पक्ष की आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी जिससे पहचान संबंधी विवादों और त्रुटियों की संभावना काफी कम हो जाएगी। इसके साथ ही एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। डीड तैयार करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकेंगे।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन से
डीसी डॉ. विवेक भारती ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन को शामिल किया गया है। इससे दस्तावेजों की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा किसी भी प्रकार की फर्जी पहचान या धोखाधड़ी की संभावना पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। पोर्टल पर प्राइम एवं नॉन-प्राइम खसरा की जानकारी प्रदर्शित होगी तथा धारा 7ए से संबंधित विवरण भी उपलब्ध रहेगा, जिससे पक्षकारों को भूमि की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सकेगी।