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Fatehabad News: सुनसान अंधेरे रास्ते पर मुश्किल भरा सफर
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नए बस स्टैंड से शहर की ओर आने वाले रास्ते पर छाया अंधेरा।
फतेहाबाद। नए बस स्टैंड से शहर की तरफ आने वाला रास्ता अंधेरा होते ही सुनसान हो जाता है। अंधेरा भी इतना कि अकेले इस रास्ते से आने पर हर कोई डर जाए। इस अंधेरे सुनसान रास्ते पर लोगों को मुश्किल भरा सफर करना पड़ता है। दो किलोमीटर के रास्ते पर तो घना अंधेरा रहता है। इसके बाद सेक्टर मोड़ से आगे स्ट्रीट लाइट जलती नजर आती हैं। प्रशासन ऐसा है कि एक साल बाद भी इस रास्ते पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगवा पाया।गौरतलब है कि हिसार रोड पर सेक्टर-5 में करीब 10 करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च कर नया बस स्टैंड बनाया गया है। जिसका पिछले साल 4 सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कांफ्रेसिंग से उद्घाटन किया था। यह नया बस स्टैंड शहर से पांच किलोमीटर दूर स्थित है। दरअसल, अभी भी यात्रियों के बीच असमंजस की स्थिति रहती है। यूं तो नए बस स्टैंड तक कुछ बसें आती हैं। मगर लंबे रूट की बसें बाईपास से ही निकल जाती हैं। जिन यात्रियों को यह नहीं पता होता कि पुराने बस स्टैंड भी बस जाएगी, वह नए बस स्टैंड पर ही उतर जाते हैं। इसके बाद उनकी परेशानी बढ़ जाती है। उन्हें पैदल शहर की तरफ आने में अंधेरे का डर रहता है तो सिटी बस की सेवा मिल नहीं पाती है। न ही कोई ऑटो या ई-रिक्शा रात होने के बाद चलती नजर आती हैं और मजबूर राहगीरों की सुविधा अंधेरा होते ही दुविधा बन जाती है। संवाद
एक साल में चार डीसी आए, किसान ने नहीं दिया ध्यान
जिले में सितंबर 2022 से लेकर अब तक चार डीसी आ चुके हैं। मगर किसी ने भी यात्रियों की इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया है। जीटी रोड पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर के अधीन आती है। मगर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम नगर परिषद के पास है।
फोरलेन के प्रोजेक्ट को नहीं मिली मंजूरी
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ गजेंद्र कुमार के अनुसार इस रास्ते को फोरलेन बनाने के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया था। मगर उस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली। नए बस स्टैंड के आगे का रास्ता 10 मीटर चौड़ा है। ऐसे में तीन मीटर का डिवाइडर बनाने पर रास्ता और छोटा हो जाएगा।
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केस
टोहाना जाने के लिए आया युवक फंसा
दिल्ली से टोहाना के लिए चला युवक रात को करीब 8 बजे के बाद नए बस स्टैंड पर उतर गया। अंकित ने बताया कि उसे लगा कि नए बस स्टैंड से ही सारी बसें चल रही हैं। उसे टोहाना की भी कोई बस वहां से मिल जाएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। रात 11.30 बजे तक वह नए बस स्टैंड पर ही बैठा रहा। बाद में बस स्टैंड की तरफ आए कार सवार शहरवासी ने उसे लालबत्ती चौक तक छोड़ा।
रात को नहीं मिली कोई रिक्शा, बाद में स्कूटी मंगवाई
इसी तरह मास्टर सतीश कुमार ने बताया कि दिल्ली से आया उनका रिश्तेदार नए बस स्टैंड पर उतर गया। उसने सोचा वहीं तक बसें चलती होंगी। बाद में उसे रिक्शा लेकर शहर की तरफ आने की सोची, तो रात को एक भी रिक्शा नहीं दिखी। बाद में वह स्कूटी लेकर रिश्तेदार को नए बस स्टैंड से घर लेकर आए।
कोट
यह सड़क पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर की है, लेकिन स्ट्रीट लाइट लगाने का काम नगर परिषद प्रशासन का है। डिवाइडर नए बस स्टैंड तक बनाने का प्रपोजल नगर परिषद ने शायद भेजा है। बाकी कार्यालय में जाऊंगा, तब ही बता पाऊंगा।
-केसी कंबोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर
कोट
इस संबंध में जांच करवाते हैं। जांच के बाद समाधान भी निकाला जाएगा।
-संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त
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एक साल में चार डीसी आए, किसान ने नहीं दिया ध्यान
जिले में सितंबर 2022 से लेकर अब तक चार डीसी आ चुके हैं। मगर किसी ने भी यात्रियों की इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया है। जीटी रोड पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर के अधीन आती है। मगर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम नगर परिषद के पास है।
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फोरलेन के प्रोजेक्ट को नहीं मिली मंजूरी
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ गजेंद्र कुमार के अनुसार इस रास्ते को फोरलेन बनाने के लिए प्रोजेक्ट भेजा गया था। मगर उस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली। नए बस स्टैंड के आगे का रास्ता 10 मीटर चौड़ा है। ऐसे में तीन मीटर का डिवाइडर बनाने पर रास्ता और छोटा हो जाएगा।
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केस
टोहाना जाने के लिए आया युवक फंसा
दिल्ली से टोहाना के लिए चला युवक रात को करीब 8 बजे के बाद नए बस स्टैंड पर उतर गया। अंकित ने बताया कि उसे लगा कि नए बस स्टैंड से ही सारी बसें चल रही हैं। उसे टोहाना की भी कोई बस वहां से मिल जाएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। रात 11.30 बजे तक वह नए बस स्टैंड पर ही बैठा रहा। बाद में बस स्टैंड की तरफ आए कार सवार शहरवासी ने उसे लालबत्ती चौक तक छोड़ा।
रात को नहीं मिली कोई रिक्शा, बाद में स्कूटी मंगवाई
इसी तरह मास्टर सतीश कुमार ने बताया कि दिल्ली से आया उनका रिश्तेदार नए बस स्टैंड पर उतर गया। उसने सोचा वहीं तक बसें चलती होंगी। बाद में उसे रिक्शा लेकर शहर की तरफ आने की सोची, तो रात को एक भी रिक्शा नहीं दिखी। बाद में वह स्कूटी लेकर रिश्तेदार को नए बस स्टैंड से घर लेकर आए।
कोट
यह सड़क पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर की है, लेकिन स्ट्रीट लाइट लगाने का काम नगर परिषद प्रशासन का है। डिवाइडर नए बस स्टैंड तक बनाने का प्रपोजल नगर परिषद ने शायद भेजा है। बाकी कार्यालय में जाऊंगा, तब ही बता पाऊंगा।
-केसी कंबोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर
कोट
इस संबंध में जांच करवाते हैं। जांच के बाद समाधान भी निकाला जाएगा।
-संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त