{"_id":"5c17ef00bdec22569a51ad27","slug":"61545072384-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटाखा लाइसैंस आवेदकों के 80 हजार लेकर मुकरा नगर परिषद प्रशासन, अब सीएम दरबार में होगी शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटाखा लाइसैंस आवेदकों के 80 हजार लेकर मुकरा नगर परिषद प्रशासन, अब सीएम दरबार में होगी शिकायत
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। दिवाली पर पटाखे बेचने के अस्थायी लाइसेंस की फार्म फीस को लेकर आवेदकों और नगर परिषद प्रशासन के बीच ठन गई है। 80 के करीब पटाखा लाइसेंस आवेदकों ने नगर परिषद प्रशासन पर उनसे ली गई राशि वापस नहीं लौटाने का आरोप लगाया है जबकि दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन ने उस राशि को रिफंडेबल बताते हुए आवेदकों के आरोपों को खारिज किया है। नगर परिषद प्रशासन के रवैये से परेशान लोगों ने अब इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पर करने का फैसला किया है।
ये है मामला
दिवाली से तकरीबन सात दिन पहले नगर परिषद प्रशासन ने लघु सचिवालय के सामने खाली पड़े मेला ग्राउंड में अस्थायी रूप से पटाखा स्टाल लगाने के लिए आवेदन मांगे थे। इस पर तकरीबन 90 के करीब आवेदकों ने आवेदन भर दिए। फार्म के साथ नगर परिषद प्रशासन ने सभी आवेदकों से हजार-हजार रुपये की फीस भी भरवाई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर महज दस आवेदकों को ही स्टाल लगाने की अनुमति दी गई जबकि बाकी 80 आवेदकों के फार्म रिजेक्ट कर दिए गए। अब यही 80 आवेदक नगर परिषद प्रशासन से फार्म के साथ दी गई एक हजार रुपये प्रति आवेदक की फीस लौटाने की मांग कर रहा है।
पुराने ईओ ने जारी किए थे आदेश, पटाखा विक्रेताओं की सिक्योरिटी राशि नॉन-रिफंडेबल
दरअसल आवेदकों की अधिक संख्या को देखते हुए तत्कालीन ईओ अमन ढांडा ने एक लिखित आदेश जारी कर दिया था कि प्रति आवेदक को फार्म के साथ एक हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि भरनी होगी। पटाखा विक्रेताओं से ये राशि नॉन-रिफंडेबल होगी। लेकिन अब रिजेक्ट हुए आवेदकों का कहना है कि जिन लोगों के स्टाल के लिए नाम चयनित हुए, वो लोग तो पटाखा विक्रेता हो गए, लेकिन जब शिकायतकर्ताओं के नाम ही चयनित नहीं हुए तो वो कैसे पटाखा विक्रेता बन गए। ऐसे में वो सिर्फ आवेदनकर्ता ही रह गए। तो उनकी सिक्योरिटी राशि वापस मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
वर्जन
ये मामला मेरे फतेहाबाद में आने से पहले का है, इस बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। बेहतर रहेगा कि इस संदर्भ में पुराने ईओ साहब से बात कीजिए।
जितेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद फतेहाबाद।
विज्ञापन
फतेहाबाद। दिवाली पर पटाखे बेचने के अस्थायी लाइसेंस की फार्म फीस को लेकर आवेदकों और नगर परिषद प्रशासन के बीच ठन गई है। 80 के करीब पटाखा लाइसेंस आवेदकों ने नगर परिषद प्रशासन पर उनसे ली गई राशि वापस नहीं लौटाने का आरोप लगाया है जबकि दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन ने उस राशि को रिफंडेबल बताते हुए आवेदकों के आरोपों को खारिज किया है। नगर परिषद प्रशासन के रवैये से परेशान लोगों ने अब इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पर करने का फैसला किया है।
ये है मामला
दिवाली से तकरीबन सात दिन पहले नगर परिषद प्रशासन ने लघु सचिवालय के सामने खाली पड़े मेला ग्राउंड में अस्थायी रूप से पटाखा स्टाल लगाने के लिए आवेदन मांगे थे। इस पर तकरीबन 90 के करीब आवेदकों ने आवेदन भर दिए। फार्म के साथ नगर परिषद प्रशासन ने सभी आवेदकों से हजार-हजार रुपये की फीस भी भरवाई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर महज दस आवेदकों को ही स्टाल लगाने की अनुमति दी गई जबकि बाकी 80 आवेदकों के फार्म रिजेक्ट कर दिए गए। अब यही 80 आवेदक नगर परिषद प्रशासन से फार्म के साथ दी गई एक हजार रुपये प्रति आवेदक की फीस लौटाने की मांग कर रहा है।
विज्ञापन
पुराने ईओ ने जारी किए थे आदेश, पटाखा विक्रेताओं की सिक्योरिटी राशि नॉन-रिफंडेबल
दरअसल आवेदकों की अधिक संख्या को देखते हुए तत्कालीन ईओ अमन ढांडा ने एक लिखित आदेश जारी कर दिया था कि प्रति आवेदक को फार्म के साथ एक हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि भरनी होगी। पटाखा विक्रेताओं से ये राशि नॉन-रिफंडेबल होगी। लेकिन अब रिजेक्ट हुए आवेदकों का कहना है कि जिन लोगों के स्टाल के लिए नाम चयनित हुए, वो लोग तो पटाखा विक्रेता हो गए, लेकिन जब शिकायतकर्ताओं के नाम ही चयनित नहीं हुए तो वो कैसे पटाखा विक्रेता बन गए। ऐसे में वो सिर्फ आवेदनकर्ता ही रह गए। तो उनकी सिक्योरिटी राशि वापस मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
वर्जन
ये मामला मेरे फतेहाबाद में आने से पहले का है, इस बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। बेहतर रहेगा कि इस संदर्भ में पुराने ईओ साहब से बात कीजिए।
जितेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद फतेहाबाद।