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फतेहाबाद ब्लॉक के सरपंचों का प्रशासन को एक सप्ताह का ल्टीमेटम, निलंबन रद्द ना किया तो सामूहिक इस्तीफे की धमकी
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पराली मामले में रविवार को मुख्य सचिव द्वारा निलंबित दो सरपंचों के पक्ष में सरपंच एसोसिएशन और किसान संघर्ष समिति आ गई है और सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सरपंच एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि एक सप्ताह के अंदर अगर दोनों सरपंचों का निलंबन रद्द न किया गया तो सभी सरपंच सामूहिक इस्तीफे सौंप देंगे। जबकि किसान संघर्ष समिति ने भी 19 नवंबर को सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान कर प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों ने निलंबन को गलत बताया। उन्होंने कहा है कि हिजरावां खुर्द के जमीनी रकबे में चार गांव हरिपुरा, अहलीसदर, नखाटिया व रत्ता टिब्बा का रकबा शामिल है। इस रकबे में लगभग 11 सौ एकड़ जमीन आती है। ज्ञापन में बताया गया है कि हिजरावाकलां व खुर्द में पराली को इतनी आग नहीं लगाई गई लेकिन हरसैक से जो डाटा आया है वह डाटा हिजरावां के नाम से आया है जबकि वह डाटा सिर्फ हिजरावां का न होकर चार गांवों का है।
हिजरावाकलां व खुर्द के निलंबित सरपंचों ने ज्ञापन के साथ उपायुक्त जेके आभीर को उनके गांव के निरीक्षण के दौरान के फोटो भी सौंपे है जिनमें वह मीटिंग में उपायुक्त व एडीसी के साथ दिखाई दे रहे हैं। सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेंद्र खिलेरी ने कहा कि सरपंचों का निलंबन बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर उक्त दोनों सरपंचों का निलंबन रद्द नहीं किया गया तो जिले के सरपंच इसके विरोध में सामूहिक त्यागपत्र देकर जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ जाएंगे। गौरतलब है कि रविवार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने अपनी समीक्षा बैठक के दौरान हिजरावांकलां का सरपंच धर्मपाल अरोड़ा व हिजरावांखुर्द की सरपंच राजरानी को निलंबित करने के आदेश दिए थे।
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फतेहाबाद। पराली मामले में रविवार को मुख्य सचिव द्वारा निलंबित दो सरपंचों के पक्ष में सरपंच एसोसिएशन और किसान संघर्ष समिति आ गई है और सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सरपंच एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि एक सप्ताह के अंदर अगर दोनों सरपंचों का निलंबन रद्द न किया गया तो सभी सरपंच सामूहिक इस्तीफे सौंप देंगे। जबकि किसान संघर्ष समिति ने भी 19 नवंबर को सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान कर प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में सरपंच एसोसिएशन के सदस्यों ने निलंबन को गलत बताया। उन्होंने कहा है कि हिजरावां खुर्द के जमीनी रकबे में चार गांव हरिपुरा, अहलीसदर, नखाटिया व रत्ता टिब्बा का रकबा शामिल है। इस रकबे में लगभग 11 सौ एकड़ जमीन आती है। ज्ञापन में बताया गया है कि हिजरावाकलां व खुर्द में पराली को इतनी आग नहीं लगाई गई लेकिन हरसैक से जो डाटा आया है वह डाटा हिजरावां के नाम से आया है जबकि वह डाटा सिर्फ हिजरावां का न होकर चार गांवों का है।
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हिजरावाकलां व खुर्द के निलंबित सरपंचों ने ज्ञापन के साथ उपायुक्त जेके आभीर को उनके गांव के निरीक्षण के दौरान के फोटो भी सौंपे है जिनमें वह मीटिंग में उपायुक्त व एडीसी के साथ दिखाई दे रहे हैं। सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेंद्र खिलेरी ने कहा कि सरपंचों का निलंबन बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर उक्त दोनों सरपंचों का निलंबन रद्द नहीं किया गया तो जिले के सरपंच इसके विरोध में सामूहिक त्यागपत्र देकर जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ जाएंगे। गौरतलब है कि रविवार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने अपनी समीक्षा बैठक के दौरान हिजरावांकलां का सरपंच धर्मपाल अरोड़ा व हिजरावांखुर्द की सरपंच राजरानी को निलंबित करने के आदेश दिए थे।
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