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दीवाली के दिन हिजरावांकलां-खुर्द में 25 जगह जली थी पराली, उसी दिन से तय था निलंबन
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:25 AM IST
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अमित रूखाया
फतेहाबाद। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने रविवार को हिजरावांकलां व हिजरावांखुर्द के सरपंचों को निलंबित किया हो, लेकिन दोनों गांवों के सरपंच के निलंबन की पटकथा दिवाली के दिन ही लिखी जा चुकी थी। दरअसल दिवाली वाले दिन फतेहाबाद जिले में पराली जलाने की कुल 250 के करीब घटनाएं सामने आई थी जिसमें सबसे अधिक 25 घटनाएं इन्हीं दोनों गांवों में थी। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो निलंबन की कार्रवाई आगे और तेज हो सकती है। इस कड़ी में अगला नंबर भूंदड़वास के सरपंच का हो सकता है। इस गांव में अब तक पराली जलाने की 20 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इतना ही नहीं, रविवार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी के दौरे के दौरान भी भूंदड़वास गांव में छह जगह पर खेतों की पराली में आग लगाई गई।
हिजरावांकलां में अब तक 41 और हिजरावांखुर्द में पराली जलाने की 37 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन इस लिस्ट में सबसे ऊपर चल रह गांवों पर अभी तक प्रशासन ने अपनी नजरें टेढ़ी नहीं की हैं। जिले में पराली जलाने के मामले में टॉप तीन में आने वाले गांव जमालपुर, साधनवास एवं शक्करपुरा हैं जिसमें कुल डेढ़ सौ से अधिक पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने इन गांवों के सरपंचों पर ना तो कोई कार्रवाई की है और ना ही कोई नोटिस दिया है। उपायुक्त जेके आभीर ये मानते हैं कि इन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं जरूर ज्यादा हैं, लेकिन एक दिन में ये सारी घटनाएं नहीं हुई हैं। लेकिन उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर दोनों गांवों के सरपंचों ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर कुछ फोटो शेयर किए हैं, जिसमें वो खेतों में पराली प्रबंधन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते दिख रहे हैं और पीछे कुछ खेतों में पराली को बांध कर रखा गया है। सरपंच धर्मपाल अरोड़ा व सरपंच राजरानी के पति राजकुमार ने कहा कि अधिकारियों ने अपने नंबर बनाने के लिए उन्हें बलि का बकरा बना दिया।
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फतेहाबाद। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने रविवार को हिजरावांकलां व हिजरावांखुर्द के सरपंचों को निलंबित किया हो, लेकिन दोनों गांवों के सरपंच के निलंबन की पटकथा दिवाली के दिन ही लिखी जा चुकी थी। दरअसल दिवाली वाले दिन फतेहाबाद जिले में पराली जलाने की कुल 250 के करीब घटनाएं सामने आई थी जिसमें सबसे अधिक 25 घटनाएं इन्हीं दोनों गांवों में थी। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो निलंबन की कार्रवाई आगे और तेज हो सकती है। इस कड़ी में अगला नंबर भूंदड़वास के सरपंच का हो सकता है। इस गांव में अब तक पराली जलाने की 20 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इतना ही नहीं, रविवार को मुख्य सचिव डीएस ढेसी के दौरे के दौरान भी भूंदड़वास गांव में छह जगह पर खेतों की पराली में आग लगाई गई।
हिजरावांकलां में अब तक 41 और हिजरावांखुर्द में पराली जलाने की 37 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन इस लिस्ट में सबसे ऊपर चल रह गांवों पर अभी तक प्रशासन ने अपनी नजरें टेढ़ी नहीं की हैं। जिले में पराली जलाने के मामले में टॉप तीन में आने वाले गांव जमालपुर, साधनवास एवं शक्करपुरा हैं जिसमें कुल डेढ़ सौ से अधिक पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने इन गांवों के सरपंचों पर ना तो कोई कार्रवाई की है और ना ही कोई नोटिस दिया है। उपायुक्त जेके आभीर ये मानते हैं कि इन गांवों में पराली जलाने की घटनाएं जरूर ज्यादा हैं, लेकिन एक दिन में ये सारी घटनाएं नहीं हुई हैं। लेकिन उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरी ओर दोनों गांवों के सरपंचों ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर कुछ फोटो शेयर किए हैं, जिसमें वो खेतों में पराली प्रबंधन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते दिख रहे हैं और पीछे कुछ खेतों में पराली को बांध कर रखा गया है। सरपंच धर्मपाल अरोड़ा व सरपंच राजरानी के पति राजकुमार ने कहा कि अधिकारियों ने अपने नंबर बनाने के लिए उन्हें बलि का बकरा बना दिया।
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