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2020 ओलंपिक में नहीं लूंगा हिस्सा, बजरंग लेकर आएगा मेडल : योगेश्वर
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:37 PM IST
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2020 ओलंपिक में नहीं लूंगा हिस्सा, बजरंग लेकर आएगा मेडल : योगेश्वर
-ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त पहुंचे फतेहाबाद, एक निजी संस्थान के खेल उत्सव में लिया हिस्सा
-बिहार की तर्ज पर हरियाणा में भी शराबबंदी की रखी मांग, बोले, नशे से दूर रखकर ही युवाओं को जोड़ सकते खेल से
-पत्रकारों से बातचीत में बोले, पत्थरबाजों पर फूल नहीं बरसाए जा सकते, सेना की फायरिंग को बताया सही
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। 2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा नहीं लूंगा लेकिन मेडल फिर भी भारत के हिस्से आएगा। इस बार 2020 ओलंपिक में पहलवान बजरंग पूनियां मेडल लेकर देश का नाम रोशन करेंगे। ये बात ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त ने फतेहाबाद में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। योगेश्वर दत्त शुक्रवार को एक निजी संस्थान के खेल उत्सव में शामिल होने के लिए फतेहाबाद पहुंचे थे।
पत्रकारों से बातचीत में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने बिहार की तर्ज पर हरियाणा में भी शराबबंदी की वकालत करते हुए कहा कि अगर सरकार सही मायनों में युवाओं को खेल की ओर मोडना चाहती है तो इसके लिए युवाओं को नशे से दूर करना होगा। योगेश्वर दत्त ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर करने की सबसे पहली सीढ़ी शराबबंदी ही है। उन्होंने कहा कि जब युवा नशे से दूर होगा तो अपने आप ही खेलों की ओर उनका झुकाव बढ़ता जाएगा। प्रदेश की खेल नीति को फिलहाल सबसे श्रेष्ठ बताते हुए ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त ने ये जरूर कहा कि अभी भी ग्रास रूट पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवाओं को खेल की दुनिया में आना चाहिए और जनून की हद तक खेल खेलना चाहिए।
कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजों के हमलों बारे पूछे गए सवाल पर योगेश्वर दत्त का स्पष्ट मत था कि सेना द्वारा अगर इन पर फायरिंग की जाती है तो सरकार को इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि पत्थरबाजों पर फूल तो नहीं बरसाए जा सकते। उन्होंने कश्मीर में सेना पर दर्ज मुकदमे की भी निंदा करते हुए कहा कि इससे सैनिकों का मनोबल गिरेगा। इस मौके पर निजी संस्थान के प्रबंधकों की ओर से ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त को सम्मानित भी किया गया।
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-ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त पहुंचे फतेहाबाद, एक निजी संस्थान के खेल उत्सव में लिया हिस्सा
-बिहार की तर्ज पर हरियाणा में भी शराबबंदी की रखी मांग, बोले, नशे से दूर रखकर ही युवाओं को जोड़ सकते खेल से
-पत्रकारों से बातचीत में बोले, पत्थरबाजों पर फूल नहीं बरसाए जा सकते, सेना की फायरिंग को बताया सही
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। 2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों में हिस्सा नहीं लूंगा लेकिन मेडल फिर भी भारत के हिस्से आएगा। इस बार 2020 ओलंपिक में पहलवान बजरंग पूनियां मेडल लेकर देश का नाम रोशन करेंगे। ये बात ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त ने फतेहाबाद में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। योगेश्वर दत्त शुक्रवार को एक निजी संस्थान के खेल उत्सव में शामिल होने के लिए फतेहाबाद पहुंचे थे।
पत्रकारों से बातचीत में ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने बिहार की तर्ज पर हरियाणा में भी शराबबंदी की वकालत करते हुए कहा कि अगर सरकार सही मायनों में युवाओं को खेल की ओर मोडना चाहती है तो इसके लिए युवाओं को नशे से दूर करना होगा। योगेश्वर दत्त ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर करने की सबसे पहली सीढ़ी शराबबंदी ही है। उन्होंने कहा कि जब युवा नशे से दूर होगा तो अपने आप ही खेलों की ओर उनका झुकाव बढ़ता जाएगा। प्रदेश की खेल नीति को फिलहाल सबसे श्रेष्ठ बताते हुए ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त ने ये जरूर कहा कि अभी भी ग्रास रूट पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि युवाओं को खेल की दुनिया में आना चाहिए और जनून की हद तक खेल खेलना चाहिए।
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कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजों के हमलों बारे पूछे गए सवाल पर योगेश्वर दत्त का स्पष्ट मत था कि सेना द्वारा अगर इन पर फायरिंग की जाती है तो सरकार को इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि पत्थरबाजों पर फूल तो नहीं बरसाए जा सकते। उन्होंने कश्मीर में सेना पर दर्ज मुकदमे की भी निंदा करते हुए कहा कि इससे सैनिकों का मनोबल गिरेगा। इस मौके पर निजी संस्थान के प्रबंधकों की ओर से ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त को सम्मानित भी किया गया।
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