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लघु सचिवालय की लिफ्ट में फंसे दो शिक्षक, 40 मिनट बाद लोगों ने निकाला
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लघु लघु सचिवालय परिसर में वीरवार को प्रशासन के स्तर पर लापरवाही देखने को मिली। लघु सचिवालय के खंड दो की लिफ्ट में दो सरकारी शिक्षक फंस गए। वे करीब चालीस मिनट तक अंदर ही फंसे रहे। इस दौरान वहां पर लोग भी जमा हो गए। सायरन भी बचा और अफरा तफरी भी मची रही मगर 40 मिनट तक न तो मौके पर कोई अधिकारी आया और न ही लिफ्ट का मैकेनिक आया। वीरवार को गर्मी बहुत ज्यादा थी। गनीमत रही कि मौके पर लघु सचिवालय परिसर में आए हुए लोगों ने मदद कर दी। अन्यथा वहां पर कोई न होता तो जान जाने का भी जोखिम था।
जानकारी मुताबिक वीरवार दोपहर दो शिक्षक संदीप कुमार व अजय डीईओ कार्यालय में किसी काम से आए थे। डीईओ कार्यालय दूसरी मंजिल पर है इसलिए दोनों शिक्षकों को लिफ्ट का सहारा लिया। जैसे ही दोनों शिक्षक लिफ्ट में चढ़े, उसी दौरान बिजली कट लग गया। लिफ्ट वहीं रूक गई। अंदर मौजूद शिक्षकों ने तुरंत इमरजेंसी सायरन बजाया। सायरन बजते ही वहां पर लिफ्ट के पास लोग जमा हो गए। वे समझ गए कि लिफ्ट के अंदर कोई है। अंदर से बचाने की हल्की आवाजें भी आ रही थी।
मैकेनिक को फोन किया मगर किसी ने नहीं उठाया : बाहर मौजूद लोगों ने अंदर फंसे शिक्षकों से कहा कि आप चिंता न करें, हम मैकेनिक को बुला रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने मैकेनिक को फोन किया मगर किसी ने कॉल अटेंड नहीं की। इसके बाद अधिकारियों को भी सूचित किया गया मगर मौके पर कोई अधिकारी भी नहीं आया। इस तरह लगभग 30 मिनट बीत चुके थे। लोगों को लगा कि अब सरकारी मदद नहीं मिलेगी। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर ही प्रयास शुरू किए। लिफ्ट की दरारों के बीच लाठी व लोहे की एंगल आदि फंसाकर दरवाजा खोला गया। सही 40 मिनट बाद दोनों शिक्षक बाहर निकाले गए।
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हांफ रहे थे दोनों शिक्षक : प्रत्यक्षदर्शी देवेंद्र कुमार के मुताबिक उस समय बहुत गर्मी थी। लिफ्ट के अंदर और ज्यादा गर्मी होती है इसलिए जब दोनों लोगों को बाहर निकाला गया तो वे बुरी तरफ हांफ रहे थे। पसीने से भीगे हुए थे और काफी घबराए हुए थे। इसके बाद वे डीईओ कार्यालय में चले गए। वहां पर कुछ देर बिठाया और पानी पिलाया गया। इसके बाद भी वे बेचैन थे। यदि वहां पर समय रहते मदद न मिलती तो घुटन के कारण जान जाने का भी खतरा था।
ये है लिफ्ट की स्थिति
लघु सचिवालय के दोनों खंडों में कुल पांच लिफ्ट हैं। एक लिफ्ट एसडीएम कार्यालय के सामने है। इसका इस्तेमाल करने की अनुमति सिर्फ अधिकारियों को है। इसलिए वहां पर हमेशा मैकेनिक खड़ा रहता है। अन्य चार लिफ्टों के आसपास कोई कर्मचारी नहीं होता। इसलिए चार लिफ्टों का प्रयोग करना काफी जोखिम पूर्ण कार्य है।
शिकायत मिली है, जांच होगी : हमें शिकायत मिली है कि आज दो लोग लिफ्ट में फंसे थे। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे पास शिकायत आई है और हम जांच कर रहे हैं। यदि इसमें मैकेनिक की कोई लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि दोबारा कभी ऐसी घटना न हो। -अंकिता वर्मा, सीटीएम, फतेहाबाद।
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जानकारी मुताबिक वीरवार दोपहर दो शिक्षक संदीप कुमार व अजय डीईओ कार्यालय में किसी काम से आए थे। डीईओ कार्यालय दूसरी मंजिल पर है इसलिए दोनों शिक्षकों को लिफ्ट का सहारा लिया। जैसे ही दोनों शिक्षक लिफ्ट में चढ़े, उसी दौरान बिजली कट लग गया। लिफ्ट वहीं रूक गई। अंदर मौजूद शिक्षकों ने तुरंत इमरजेंसी सायरन बजाया। सायरन बजते ही वहां पर लिफ्ट के पास लोग जमा हो गए। वे समझ गए कि लिफ्ट के अंदर कोई है। अंदर से बचाने की हल्की आवाजें भी आ रही थी।
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मैकेनिक को फोन किया मगर किसी ने नहीं उठाया : बाहर मौजूद लोगों ने अंदर फंसे शिक्षकों से कहा कि आप चिंता न करें, हम मैकेनिक को बुला रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने मैकेनिक को फोन किया मगर किसी ने कॉल अटेंड नहीं की। इसके बाद अधिकारियों को भी सूचित किया गया मगर मौके पर कोई अधिकारी भी नहीं आया। इस तरह लगभग 30 मिनट बीत चुके थे। लोगों को लगा कि अब सरकारी मदद नहीं मिलेगी। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर ही प्रयास शुरू किए। लिफ्ट की दरारों के बीच लाठी व लोहे की एंगल आदि फंसाकर दरवाजा खोला गया। सही 40 मिनट बाद दोनों शिक्षक बाहर निकाले गए।
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हांफ रहे थे दोनों शिक्षक : प्रत्यक्षदर्शी देवेंद्र कुमार के मुताबिक उस समय बहुत गर्मी थी। लिफ्ट के अंदर और ज्यादा गर्मी होती है इसलिए जब दोनों लोगों को बाहर निकाला गया तो वे बुरी तरफ हांफ रहे थे। पसीने से भीगे हुए थे और काफी घबराए हुए थे। इसके बाद वे डीईओ कार्यालय में चले गए। वहां पर कुछ देर बिठाया और पानी पिलाया गया। इसके बाद भी वे बेचैन थे। यदि वहां पर समय रहते मदद न मिलती तो घुटन के कारण जान जाने का भी खतरा था।
ये है लिफ्ट की स्थिति
लघु सचिवालय के दोनों खंडों में कुल पांच लिफ्ट हैं। एक लिफ्ट एसडीएम कार्यालय के सामने है। इसका इस्तेमाल करने की अनुमति सिर्फ अधिकारियों को है। इसलिए वहां पर हमेशा मैकेनिक खड़ा रहता है। अन्य चार लिफ्टों के आसपास कोई कर्मचारी नहीं होता। इसलिए चार लिफ्टों का प्रयोग करना काफी जोखिम पूर्ण कार्य है।
शिकायत मिली है, जांच होगी : हमें शिकायत मिली है कि आज दो लोग लिफ्ट में फंसे थे। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे पास शिकायत आई है और हम जांच कर रहे हैं। यदि इसमें मैकेनिक की कोई लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि दोबारा कभी ऐसी घटना न हो। -अंकिता वर्मा, सीटीएम, फतेहाबाद।