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रोडवेज कर्मचारियों ने फिर गलत रूट पर चलती तीन निजी बसों को पकड़ा, एक घंटे देरी से पहुंचे आरटीए के अधिकारी,काटे चालान
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जीरो ओवरटाइम लागू करने के बाद से हिसार रूट पर रोडवेज बसों की कमी के चलते निजी बस संचालक बिना रूट के सवारियां भरने से बाज नहीं आ रहे हैं। निजी बसें सीधे तौर पर आरटीए विभाग के अंडर आती हैं लेकिन बिना रूट के सवारियां भर रही बसों को रोडवेज के कर्मचारी पकड़ रहे हैं जबकि आरटीए के अधिकारियों की कार्रवाई केवल चालान काटने तक सिमट कर रह गई है।
निजी बस संचालक आए दिन बिना रूट के सवारियां भर रोडवेज को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। इतना ही नहीं जिन निजी बसों को भट्टू से हिसार का रूट दिया गया है वे बसें भट्टू से हिसार रूट पर चलने की बजाय सीधे फतेहाबाद से हिसार की सवारियां भर रही हैं। इस संबंध में जब आरटीए सचिव सविंद्र सिंह का कहना था कि वे चालान काटने का ही काम कर सकते हैं।
सोमवार को भी रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड के बाहर से बिना रूट के सवारियां भर रही दो निजी बसों को पकड़ा जिसमें से एक के पास तो परमिट भी नहीं था, जबकि दूसरी बस बिना समय के ही बस स्टैंड के बाहर से सवारियां भर रही थी। इतना ही नहीं एक अन्य निजी बस तो उकलाना से फतेहाबाद तक सवारियां लेकर पहुंच गई। उक्त तीनों बसों के एक घंटे देरी से पहुंचे आरटीए सचिव सविंद्र सिंह ने चालान काटे तथा उन्हें कहा कि भविष्य में अगर ऐसा हुआ तो उनके परमिट रद्द भी किए जा सकते हैं।
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मालूम हो कि जीरो ओवरटाइम करने के बाद से ही हिसार रूट पर दूसरे जिलों से आने वाली बसों के फेरे कम होने के कारण बसों की भारी समस्या बनी हुई है। इसी का फायदा उठाकर निजी बस संचालक आरटीए विभाग की लापरवाही का फायदा उठाकर आए दिन बस स्टैंड के बाहर से बिना रूट के सवारियां भर रहे हैं जिससे रोडवेज को घाटा हो रहा है।
आरटीए सचिव बोले, हम तो केवल चालान ही काट सकते हैें
पिछले लगभग एक सप्ताह से लगातार बिना रूट के सवारियां भरते हुए रोडवेज कर्मचारियों ने बसों को पकड़ा है और अब तक 10 से भी अधिक बसों के चालान हो चुके हैं तथा एक बस को इंपाउंड भी किया जा चुका है। लेकिन फिर भी निजी बस संचालक बिना रूट के धडल्ले से सवारियां भर रहे हैं। इस संबंध में जब आरटीए सचिव सविंद्र सिंह ने कहा कि वे केवल चालान ही काट सकते हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों उन्होंने जिन निजी बस संचालकों की मीटिंग ली थी वे अब बिना रूट के सवारियां नहीं बिठा रहे हैं बल्कि ये अन्य रूटों की बसें हैं। उन्होंने बताया कि यदि एक बस का तीन बार चालान कट जाता है तो उसका परमिट अपने आप रद्द हो जाता है।
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फतेहाबाद। जीरो ओवरटाइम लागू करने के बाद से हिसार रूट पर रोडवेज बसों की कमी के चलते निजी बस संचालक बिना रूट के सवारियां भरने से बाज नहीं आ रहे हैं। निजी बसें सीधे तौर पर आरटीए विभाग के अंडर आती हैं लेकिन बिना रूट के सवारियां भर रही बसों को रोडवेज के कर्मचारी पकड़ रहे हैं जबकि आरटीए के अधिकारियों की कार्रवाई केवल चालान काटने तक सिमट कर रह गई है।
निजी बस संचालक आए दिन बिना रूट के सवारियां भर रोडवेज को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। इतना ही नहीं जिन निजी बसों को भट्टू से हिसार का रूट दिया गया है वे बसें भट्टू से हिसार रूट पर चलने की बजाय सीधे फतेहाबाद से हिसार की सवारियां भर रही हैं। इस संबंध में जब आरटीए सचिव सविंद्र सिंह का कहना था कि वे चालान काटने का ही काम कर सकते हैं।
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सोमवार को भी रोडवेज कर्मचारियों ने बस स्टैंड के बाहर से बिना रूट के सवारियां भर रही दो निजी बसों को पकड़ा जिसमें से एक के पास तो परमिट भी नहीं था, जबकि दूसरी बस बिना समय के ही बस स्टैंड के बाहर से सवारियां भर रही थी। इतना ही नहीं एक अन्य निजी बस तो उकलाना से फतेहाबाद तक सवारियां लेकर पहुंच गई। उक्त तीनों बसों के एक घंटे देरी से पहुंचे आरटीए सचिव सविंद्र सिंह ने चालान काटे तथा उन्हें कहा कि भविष्य में अगर ऐसा हुआ तो उनके परमिट रद्द भी किए जा सकते हैं।
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मालूम हो कि जीरो ओवरटाइम करने के बाद से ही हिसार रूट पर दूसरे जिलों से आने वाली बसों के फेरे कम होने के कारण बसों की भारी समस्या बनी हुई है। इसी का फायदा उठाकर निजी बस संचालक आरटीए विभाग की लापरवाही का फायदा उठाकर आए दिन बस स्टैंड के बाहर से बिना रूट के सवारियां भर रहे हैं जिससे रोडवेज को घाटा हो रहा है।
आरटीए सचिव बोले, हम तो केवल चालान ही काट सकते हैें
पिछले लगभग एक सप्ताह से लगातार बिना रूट के सवारियां भरते हुए रोडवेज कर्मचारियों ने बसों को पकड़ा है और अब तक 10 से भी अधिक बसों के चालान हो चुके हैं तथा एक बस को इंपाउंड भी किया जा चुका है। लेकिन फिर भी निजी बस संचालक बिना रूट के धडल्ले से सवारियां भर रहे हैं। इस संबंध में जब आरटीए सचिव सविंद्र सिंह ने कहा कि वे केवल चालान ही काट सकते हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों उन्होंने जिन निजी बस संचालकों की मीटिंग ली थी वे अब बिना रूट के सवारियां नहीं बिठा रहे हैं बल्कि ये अन्य रूटों की बसें हैं। उन्होंने बताया कि यदि एक बस का तीन बार चालान कट जाता है तो उसका परमिट अपने आप रद्द हो जाता है।