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बिजली चोरी पकड़ने गए थे, खुद ही बुरी तरह फंसे
सोनीपत/ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2013 11:12 PM IST
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सोनीपत शहर के मोहन नगर निवासियों ने बिजली चोरी की जांच करने गए बिजली
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विभाग के जेई और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बना लिया।
उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर निगम कर्मचारियों द्वारा महिलाओं के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, निगम कर्मचारियों ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यदि उनके साथ उचित न्याय नहीं हुआ तो पूरे शहर की बिजली गुल कर दी जाएगी।
बिजली निगम के जेई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अधीक्षण अभियंता के आदेश के बाद इनकी टीम मोहन नगर में बिजली चोरी की जांच करने गई थी। जब टीम जांच करके लौट रही थी कि मोहल्ले के लोग इकट्ठा होकर उनसे झगड़ने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में शामिल एक पुलिसकर्मी ने लोगों को उकसा कर कर्मचारियों की पिटाई करने को कहा। इसके बाद भीड़ ने कर्मियों की पिटाई शुरू कर दी और उन्हें बंधक बना लिया। जेई ने बताया की मोहल्ले वालों ने उन पर महिलाओं से छेड़छाड़ करने का झूठा आरोप लगाया है।
निगम के अधीक्षण अभियंता एसएस मालिक ने बताया कि कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। बिजली चोरी की जांच करने के लिए कर्मचारी गए थे। उनका कहना है कि चोरी से पकड़े जाने से बचने के लिए लोगों ने झूठे आरोप लगाए हैं। बिजली निगम कर्मचारियों के प्रधान ओम कंवार ने बताया है कि जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए 17 टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने बेइंसाफी होने पर शहर में ब्लैकआउट की चेतावनी दी। वहीं, कालोनीवासियों ने कहा कि बिजली कर्मचारियों ने छेड़खानी की है।
उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर निगम कर्मचारियों द्वारा महिलाओं के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, निगम कर्मचारियों ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि यदि उनके साथ उचित न्याय नहीं हुआ तो पूरे शहर की बिजली गुल कर दी जाएगी।
बिजली निगम के जेई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अधीक्षण अभियंता के आदेश के बाद इनकी टीम मोहन नगर में बिजली चोरी की जांच करने गई थी। जब टीम जांच करके लौट रही थी कि मोहल्ले के लोग इकट्ठा होकर उनसे झगड़ने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ में शामिल एक पुलिसकर्मी ने लोगों को उकसा कर कर्मचारियों की पिटाई करने को कहा। इसके बाद भीड़ ने कर्मियों की पिटाई शुरू कर दी और उन्हें बंधक बना लिया। जेई ने बताया की मोहल्ले वालों ने उन पर महिलाओं से छेड़छाड़ करने का झूठा आरोप लगाया है।
निगम के अधीक्षण अभियंता एसएस मालिक ने बताया कि कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं। बिजली चोरी की जांच करने के लिए कर्मचारी गए थे। उनका कहना है कि चोरी से पकड़े जाने से बचने के लिए लोगों ने झूठे आरोप लगाए हैं। बिजली निगम कर्मचारियों के प्रधान ओम कंवार ने बताया है कि जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए 17 टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने बेइंसाफी होने पर शहर में ब्लैकआउट की चेतावनी दी। वहीं, कालोनीवासियों ने कहा कि बिजली कर्मचारियों ने छेड़खानी की है।