प्रिंस हत्याकांड: हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर केस चलाने की अनुमति देने में देरी पर मांगा जवाब
प्रिंस के पिता की याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है। मामले में चार अधिकारियों ने अपनी भूमिका का ठीक से निर्वहन नहीं किया और एक कंडक्टर को फंसा दिया था। बाद में सीबीआई ने उसे क्लीन चिट दे दी थी। अब उस मामले में न्याय मांगा जा रहा है।
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प्रिंस हत्याकांड में कंडक्टर को फंसाने के मामले में चारों आरोपी पुलिसकर्मियों पर केस चलाने की अनुमति देने में देरी पर हरियाणा सरकार से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जवाब तलब कर लिया है। याचिका दाखिल करते हुए प्रिंस के पिता ने कहा कि उसके बेटे की हत्या के मामले में चार पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक कंडक्टर को फंसाया था। इस मामले में सीबीआई तत्कालीन एसीपी बिरम सिंह, भोंडसी थाना के तत्कालीन प्रभारी नरेंद्र खटाना, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह एवं एएसआई सुभाष चंद्र के खिलाफ सीबीआई अदालत में चालान पेश कर चुकी है।
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सीबीआई की जांच के अनुसार चारों ने तथ्यों से छेड़छाड़ की थी, बावजूद इसके हरियाणा सरकार इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति नहीं दे रही है। मामला सितंबर 2017 का है, जब गुरुग्राम के एक नामी स्कूल में प्रिंस की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पहले पुलिस ने जांच करते हुए कंडक्टर को आरोपी बनाया था, लेकिन जब जांच सीबीआई के पास पहुंची तो यह सामने आया कि कंडक्टर निर्दोष था और हत्या एक छात्र भोलू ने की थी।
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इससे पहले पुलिस बस कंडक्टर अशोक को जेल भेज चुकी थी। सीबीआई द्वारा कंडक्टर को क्लीन चिट देने के बाद पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे और हरियाणा सरकार से इनके खिलाफ केस चलाने की अनुमति मांगी गई थी, जो अभी तक नहीं दी गई है।