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एक जनवरी से बंद हो जाएगी ठेका प्रथा
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 21 Nov 2013 11:38 PM IST
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शहरी क्षेत्र में काम करने वाले सभी सफाई कर्मचारियों को अब सीधे निगमों की ओर से वेतन जारी किया जाएगा। एक जनवरी से नगर निगम, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं में आउटसोर्सिंग के सभी सफाई कर्मचारी स्थाई कर्मचारियों की तरह काम करेंगे।
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शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक विकास गुप्ता ने बृहस्पतिवार को गुड़गांव मंडल के दायरे में आने वाले नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी के उपायुक्तों ने हिस्सा लिया।
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निदेशक विकास गुप्ता ने कहा कि 10 नवंबर की गोहाना रैली में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से शहरी निकायों में नगर निगमों, नगर परिषद, नगर पालिकाओं में आउटसोर्सिंग के तहत लगे कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त करने का ऐलान किया गया था।
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उन्होंने कहा कि इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शहरी निकाय के सभी अधिकारी अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द स्थानीय निकाय को भेजें। ऐसे सभी कर्मचारियों का पूरा ब्योरा होना चाहिए। जनसंख्या के हिसाब से स्वीकृत पदों की संख्या तय कर तीन दिन के अंदर मुख्यालय में भेजें।
उन्होंने कहा कि मजदूर नियम 1976 के हिसाब से 200 व्यक्तियों की संख्या पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। गुड़गांव तथा फरीदाबाद के नगर निगमों के मामले में जितने सफाई कर्मचारियों के पद सृजित किए जाने हैं, उनका ब्योरा भी तीन दिन में ही भेजने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि अपने यहां कार्यरत सभी कर्मचारियों का डाटा तैयार करें। उनकी सर्विस बुक भी पूरी करवाएं। पदोन्नति के बैकलॉग को जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने इंप्लाई मैनेजमेंट सिस्टम में सभी कर्मचारियों की पूर्ण सूचना भरकर मुख्यालय भिजवाने के भी आदेश दिए। मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली का प्रारूप शहरी स्थानीय निकाय की वेबसाइट mis.ulbhry.org पर उपलब्ध है।
बैठक में गुड़गांव नगर निगम के आयुक्त पीसी मीणा, उपायुक्त शेखर विद्यार्थी, मेवात उपायुक्त विनय सिंह यादव, रेवाड़ी के उपायुक्त सीजे रजनीकांथन, पलवल के उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी तथा महेंद्रगढ़ के अतिरिक्त उपायुक्त प्रभजोत सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
ई-डिलीवरी शुरू होगी
राज्य सरकार ने पांच नागरिक सुविधाओं के लिए नगर पालिका व नगर परिषद क्षेत्रों में भी ई-डिलीवरी प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, भवन के नक्शे तथा प्रॉपर्टी टैक्स इस प्रणाली में शामिल किए गए हैं।
ई-टेंडर के जरिये होंगे काम
नगर पालिकाओं में भी दिसंबर माह से 5 लाख रुपये से अधिक लागत के कार्यों के लिए ई-टेंडर छोड़े जाएंगे। कार्यकारी अधिकारी, सचिव, म्यूनिसिपल इंजीनियर तथा ठेकेदार अपने हस्ताक्षरों को एनआईसी में डिजीटाइज्ड करवा लें। ई-टेंडर http://etenders.hry.nic.in पर डाले जाएंगे।