{"_id":"680f82272631c5a3860b87c5","slug":"contract-of-tgt-appointed-under-hkrnl-in-haryana-extended-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana Breaking: एचकेआरएनएल के तहत लगे TGT का बढ़ाया गया अनुबंध, इस शैक्षणिक स्तर तक दे सकेंगे सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana Breaking: एचकेआरएनएल के तहत लगे TGT का बढ़ाया गया अनुबंध, इस शैक्षणिक स्तर तक दे सकेंगे सेवाएं
Mon, 28 Apr 2025 07:10 PM IST
शाहिल शर्मा
हरियाणा ब्यूरो, चंडीगढ़
हरियाणा ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 28 Apr 2025 07:10 PM IST
सार
हरियाणा सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र में सरप्लस होने का हवाला देकर एचकेआरएन के जरिए तैनात टीजीटी शिक्षकों को कार्यमुक्त किया था, उन्हें दोबारा से इस शैक्षणिक सत्र तक ड्यूटी ज्वाइन करने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
- फोटो : ANI
विस्तार
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत स्कूलों में तैनात 679 टीजीटी शिक्षकों का अनुबंध इस शैक्षणिक सत्र तक बढ़ा दिया गया है। अब ये सभी शिक्षक 31 मार्च 2026 तक ड्यूटी कर सकेंगे। इससे पहले एक अप्रैल 2025 को इन शिक्षकों को सरप्लस दिखाकर शिक्षा विभाग की तरफ से कार्यमुक्त कर दिया गया था। शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी आदेशानुसार जिन टीजीटी के पदों पर नियुक्त शिक्षकों को सरप्लस होने के कारण कार्यभार मुक्त कर दिया गया था, उनका कॉन्ट्रेक्ट 31 मार्च 2026 (1 वर्ष) तक के लिए बढ़ाया जाता है। ये शिक्षक फिर से उन्हीं स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगे, जिनमें वो पहले से पढ़ा रहे थे। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के स्कूलों को सरप्लस बताकर हटाए गए 252 पीजीटी शिक्षकों का भी एक साल का अनुबंध बढ़ाने पर विचार चल रहा है। इस संबंध में जल्द ही शिक्षा निदेशालय विचार करने के बाद पत्र जारी कर सकता है। इसमें टीजीटी शिक्षकों की तरह पीजीटी शिक्षकों के भी अनुबंध बढ़ाने की संभावना है।
विज्ञापन
शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी आदेशानुसार जिन टीजीटी के पदों पर नियुक्त शिक्षकों को सरप्लस होने के कारण कार्यभार मुक्त कर दिया गया था, उनका कॉन्ट्रेक्ट 31 मार्च 2026 (1 वर्ष) तक के लिए बढ़ाया जाता है। ये शिक्षक फिर से उन्हीं स्कूलों में बच्चों को पढ़ाएंगे, जिनमें वो पहले से पढ़ा रहे थे। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के स्कूलों को सरप्लस बताकर हटाए गए 252 पीजीटी शिक्षकों का भी एक साल का अनुबंध बढ़ाने पर विचार चल रहा है। इस संबंध में जल्द ही शिक्षा निदेशालय विचार करने के बाद पत्र जारी कर सकता है। इसमें टीजीटी शिक्षकों की तरह पीजीटी शिक्षकों के भी अनुबंध बढ़ाने की संभावना है।
विज्ञापन