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लगातार तीसरे दिन जाम से हलाकान रहे जिलावासी

Fri, 04 Oct 2013 12:04 AM IST
कैथ्ाल
कैथ्ाल Updated Fri, 04 Oct 2013 12:04 AM IST
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continue third day prevent Way
हरियाणा के जिले कैथल में धान को बेचने की मांग पर वीरवार को लगातार तीसरे दिन किसानों ने राष्ष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर जाम लगा दिया।
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इससे पूर्व किसानों ने शहर में सरकार के खिलाफ अर्थी यात्रा निकाल नवग्रह-पिहोवा चौक पर जाम भी लगाया।

जाम के कारण शहर के साथ-साथ बाईपास से गुजरने वाले वाहनों में सवार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

एक अक्तूबर से ही पीआर ग्रुप के मोटे धान की बिक्री न होने के कारण किसान आंदोलनरत हैं। वीरवार सुबह भी जब बोली शुरू नहीं हुई तो किसान नौ बजे एकत्रित होकर मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे।

इसके बाद एकत्रित होकर सैकड़ों की संख्या में गुस्साए किसान मंडी से पैदल ही नारेबाजी करते हुए नवग्रह-पिहोवा चौक पर पहुंच गए। यहां करीब दस मिनट तक जाम लगाने के बाद गुस्साए किसान पैदल ही सरकार व प्रशासन को कोसते हुए करनाल रोड बाईपास चौक पर नेशनल हाईवे पर बल्लियों के सहारे चारों तरफ से जाम लगा दिया।
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जाम के चलते हिसार और चंडीगढ़ सहित करनाल व शहर में आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जाम की सूचना मिलते ही डीएफएसी सुरेंद्र सैनी, हैफेड डीएम वीपी मलिक, डीएसपी सुरेंद्र भौरिया, डीएसपी रविंद्र तोमर सहित कई थानों के एसएचओ मौके पर पहुंच गए।
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सभी ने जाम खुलवाने के लिए किसानों को तुरंत धान की खरीद चालू करवाने के आश्वासन दिए और जाम खुलवाने का हर संभव प्रयास किया। लेकिन गुस्साए किसान मानने को तैयार नहीं थे। काफी मशक्कत के बाद लगभग डेढ़ घंटे बाद किसानों ने जाम खोला।  


सड़क पर पड़ी है छह महीने की कमाई
जाम लगा रहे किसान जगजीत सिंह बरटा, गुरदीप सिंह चीका, बलविंद्र फरसमाजरा, विनोद राणा गोहरां, बलवान सिंह धौंस, शतनाम सिंह पहाड़पुर, कली राम धौंस, राममेहर खुराना, केवल सिंह कवारत सहित सैकड़ों किसानों ने कहा कि उनकी छह महीने की कमाई मंडी में पड़ी हुई है। सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। अधिकारी केवल आश्वासनों के  कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। जैसे ही आसमान में बादल दिखते हैं, उनकी सांसे थमने लगती हैं। किसानों ने कहा कि मिलर्स की हड़ताल के कारण उनकी धान को औने-पौने दामों पर खरीदने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन वे कम कीमत पर अपनी धान नहीं देंगे।


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