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वेतन न मिला तो जान दे देंगे

Sat, 19 Oct 2013 08:37 PM IST
जींद/ब्यूरो
जींद/ब्यूरो Updated Sat, 19 Oct 2013 08:37 PM IST
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computer lab assistants threatned
प्रदेश के सरकारी स्कूलों कंप्यूटर लैब सहायकों के पदों पर काम करने वाले युवाओं ने पिछले 20 महीने से वेतन न मिलने के विरोध में अब आत्महत्या करने को कहा है।
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शनिवार को जींद के नेहरू पार्क में बैठक करने के बाद लैब सहायकों ने प्रेस विज्ञपति जारी कर कहा है कि वे 10 नवंबर को गोहाना में मुख्यमंत्री की रैली में आत्महत्या करेंगे।
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सहायकों ने कहा कि करीब 20-25 दिन पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के साथ वेतन को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में सीएम ने आश्वासन दिया था कि शिक्षा विभाग की तरफ से उनका बकाया वेतन जारी करवा दिया जाएगा। सहायकों ने कहा कि अभी तक उनका बकाया वेतन नहीं मिला है। हरियाणा राजकीय कंप्यूटर लैब सहायक संघ के मुताबिक प्रदेश के  सरकारी स्कूलों में जुलाई 2011 में करीब 3000 सहायकों की भर्ती कंप्यूटर कंपनी एनआईसीटी ने की थी। तय किया गया था कि 120 रुपये प्रति कार्य दिवस का वेतन दिया जाएगा। जो कुल मिलाकर 2200-2300 रुपये प्रति महीना बनता है।
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6 अगस्त 2011 से लेकर मार्च 2012 तक वेतन नियमित रूप से मिलता रहा। लेकिन उसके बाद से वेतन नहीं मिला है। लैब सहायकों ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार को इस बारे में जानकारी नहीं है। खुद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ करनाल में संघ की बैठक हुई थी। जिसमें मुख्यमंत्री ने जल्द वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया था।

जींद के नेहरू पार्क में बैठक के दौरान संघ के  प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा ने कहा कि सरकार ने कंपनी के साथ इकरारनामा किया था।

जिसके बाद कंपनी ने पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए 3000 कंप्यूटर लैब सहायकों की भर्ती की थी। उन्होंने कहा कि अब कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है तो इसमें कंप्यूटर लैब सहायकों की क्या गलती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कंपनी से इकरारनामा करते हुए उससे कुछ धरोहर राशि तो जमा करवाई होगी। उस राशि में से ही सरकार बकाया वेतन दे। शर्मा ने कहा कि अगर 10 नवंबर की रैली से पहले उनका बकाया वेतन सरकार ने दे दिया तो मुख्यमंत्री का गोहाना जाकर धन्यवाद किया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो संघ के सभी सदस्य रैली में जाकर मुख्यमंत्री के सामने पहले काले झंडेे दिखाएंगे और फिर आत्महत्या करेंगे।
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