फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   child dilivery on road

चार घंटे तड़पती रही गर्भवती, सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

Sun, 29 Sep 2013 11:28 PM IST
फतेहाबाद/ब्यूरो
फतेहाबाद/ब्यूरो Updated Sun, 29 Sep 2013 11:28 PM IST
विज्ञापन
child dilivery on road
भूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला को खुले आसमान तले ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
विज्ञापन


इस घटना का पता चलते ही स्वास्थ्य कर्मचारियों में खलबली मच गई और आनन-फानन में महिला को प्रसूति के बाद केंद्र में ही दाखिल करके मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। अब डॉक्टर उल्टा महिला को ही कसूरवार ठहरा रहे हैं कि वह अपनी मर्जी से बाहर घूमने गई थी, जबकि परिजनों का कहना है कि स्टाफ ने उसे बाहर भेजा था। प्रश्न यह उठता है कि अस्पताल में दाखिल किसी गर्भवती को अकेले ही बाहर जाने की इजाजत डॉक्टर कैसे दे सकते हैं।

गांव चौबारा निवासी 26 वर्षीय गर्भवती सुमन देवी को डिलीवरी के लिए परिजनाें ने रविवार सुबह करीब 10 बजे भूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाया। सुमन के पति सुभाष चंद्र ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी पत्नी को बैठाए रखा। इस दौरान उसका दर्द बढ़ता चला गया।
विज्ञापन


लगभग दो बजे तक डॉक्टर और स्टाफ नर्सों ने सुमन की हालत को गंभीरता से नहीं लिया। नर्सों ने सुमन को अस्पताल के आपातकालीन वार्ड से बाहर घूमने के लिए भेज दिया। इस दौरान उसकी देखरेख के लिए कोई स्टाफ का सदस्य साथ नहीं गया। बताया जा रहा है कि गर्भवती सुमन अस्पताल के बाहर से घूमकर वापिस आपातकालीन वार्ड की तरफ जा रही थी तो अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गया और सुमन ने वहीं खुले आसमान तले एक बच्चे को जन्म दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुमन को अस्पताल प्रांगण में लेटा देखकर ड्यूटी पर तैनात डॉ. राजेश कुमार और दो स्टाफ नर्स उसके बच्चे को अस्पताल के अंदर लाए। वहीं, स्टाफ ने डिलीवरी से बाद पीड़ा से कराह रही महिला को अस्पताल प्रांगण में ही पर्दा लगाकर साफ-सुथरा किया।


हाईकोर्ट के आदेश पर भी नहीं बदले हालात
कुछ माह पूर्व चिकित्सकों की लापरवाही के कारण फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल में भी बाहर ही डिलीवरी का मामला सामने आया था। इस पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कड़ा संज्ञान  लिया था। उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देकर चिकित्सक पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
 
सुमन को घूमने के लिए डॉक्टरों और नर्सों ने नहीं भेजा था, बल्कि वह स्वयं अपनी मर्जी से गई थी। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं।
- डॉ. आरसी गोयल, एसएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
 
गर्भवती अस्पताल में दाखिल थी और अपनी मर्जी से ही बाहर गई थी। बाकी जांच के बाद ही वह कुछ बता पाऊंगा।
- डॉ. एसबी कंबोज, सीएमओ, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed