{"_id":"6293a5e29b3b1c7675515acd","slug":"youth-full-of-passion-and-enthusiasm-donated-blood-even-girls-did-not-lag-behind-charkhidadri-news-hsr63295980","type":"story","status":"publish","title_hn":"जज्बा और जोश से लबरेज युवाओं ने किया रक्तदान, युवतियां भी नहीं रहीं पीछे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जज्बा और जोश से लबरेज युवाओं ने किया रक्तदान, युवतियां भी नहीं रहीं पीछे
विज्ञापन
शिविर में रक्तदाता को बैज लगाकर मनोबल बढ़ाते आचार्य गौरव दीक्षित।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। सांवड में रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन और रक्तवीर परिवार के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सहभागिता निभाने पहुंचे युवकों ने जज्बा और जोश के साथ रक्तदान किया, जबकि युवतियां भी इसमें पीछे नहीं रहीं। निशा शर्मा ने इस शिविर में चौथी बार रक्तदान किया, जबकि अभिषेक पहली बार रक्तदान कर उत्साहित नजर आए। शिविर में रक्तदान के लिए 40 युवाओं ने पंजीकरण कराया। हालांकि ब्लड बैंक की आवश्यकतानुसार 22 का ही रक्त लिया गया। अंत में ब्लड बैंक और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस गांव के मंदिर प्रांगण के समीप रविवार की सुबह नौ बजे रक्तदान शिविर शुरू हआ। शिविर का शुभारंभ आचार्य गौरव दीक्षित और आशीष परमार ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर किया। गौरव दीक्षित ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। रक्त का आज तक वैज्ञानिक भी विकल्प नहीं खोज पाए हैं। इसकी पूर्ति मनुष्य के जरिये ही संभव है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ मनुष्य को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए।
शिविर में रक्तवीर परिवार संयोजक राजेश सोनी का मार्गदर्शन रहा, जबकि अध्यक्षता संजय चाहर ने की। राजेश सोनी ने युवाओं को रक्तदान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर अब भ्रांतियां कम हो रही हैं, जिससे युवा इस नेक कार्य के लिए लगातार आगे आ रहे हैं। शिविर का समापन दोपहर 12 बजे किया गया। शिविर के आयोजन में विपिन सिंघल, आशीष, सचिन जैन, गौरव सिंह, श्यामसुंदर कौशिक, नरेश शेखावत, सज्जन शर्मा, सुभाष कौशिक, आनंद व पवन शर्मा का सहयोग रहा। इस दौरान ये लोग गौरव सिंह चौबरला, रामबीर चौहान और सुनील सोनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसी ने पहली तो किसी ने 18वीं बार रक्तदान किया
1. मैंने अपनी जीवन में आज नौंवी बार रक्तदान किया है। जब पहली बार रक्तदान करने आया था तब मन में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां थीं, जो रक्तदान करने के बाद स्वत: ही दूर हो गईं। अब मैं नियमित अंतराल पर रक्तदान कर रहा हूं।
विपिन सिंघल, रक्तदाता
2. अक्सर लड़कियों में देखा जाता है कि खून की कमी होती है, जिसके कारण वो रक्तदान नहीं करतीं। मेरे अंदर खून की मात्रा सही है, जिसके कारण मुझे रक्तदान करने में कोई समस्या नहीं है। आज आयोजित शिविर में मैंने चौथी बार रक्तदान किया है।
निशा शर्मा, रक्तदाता
3. आज मैंने पहली बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से पहले मन में कई सारे सवाल थे, लेकिन यहां आने के बाद युवाओं के जोश को देखकर जवाब मिल गया। आज पहली बार रक्तदान करके मुझे अच्छा लग रहा है और भविष्य में भी रक्तदान करूंगा।
अभिषेक, रक्तदाता
4. आज मैंने अपने जीवन में 18वीं बार रक्तदान किया है। पिछले काफी सालों से मैं स्वेच्छा से रक्तदान करता आ रहा हूं। रक्तदान करने से मैं अपने आप को गर्वित महसूस करता हूं। रक्तदान करने के बाद में शारीरिक रूप से कोई कमजोरी महसूस नहीं होती।
साहिल कलकल, रक्तदाता
विज्ञापन
इस गांव के मंदिर प्रांगण के समीप रविवार की सुबह नौ बजे रक्तदान शिविर शुरू हआ। शिविर का शुभारंभ आचार्य गौरव दीक्षित और आशीष परमार ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर किया। गौरव दीक्षित ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। रक्त का आज तक वैज्ञानिक भी विकल्प नहीं खोज पाए हैं। इसकी पूर्ति मनुष्य के जरिये ही संभव है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ मनुष्य को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए।
विज्ञापन
शिविर में रक्तवीर परिवार संयोजक राजेश सोनी का मार्गदर्शन रहा, जबकि अध्यक्षता संजय चाहर ने की। राजेश सोनी ने युवाओं को रक्तदान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर अब भ्रांतियां कम हो रही हैं, जिससे युवा इस नेक कार्य के लिए लगातार आगे आ रहे हैं। शिविर का समापन दोपहर 12 बजे किया गया। शिविर के आयोजन में विपिन सिंघल, आशीष, सचिन जैन, गौरव सिंह, श्यामसुंदर कौशिक, नरेश शेखावत, सज्जन शर्मा, सुभाष कौशिक, आनंद व पवन शर्मा का सहयोग रहा। इस दौरान ये लोग गौरव सिंह चौबरला, रामबीर चौहान और सुनील सोनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसी ने पहली तो किसी ने 18वीं बार रक्तदान किया
1. मैंने अपनी जीवन में आज नौंवी बार रक्तदान किया है। जब पहली बार रक्तदान करने आया था तब मन में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां थीं, जो रक्तदान करने के बाद स्वत: ही दूर हो गईं। अब मैं नियमित अंतराल पर रक्तदान कर रहा हूं।
विपिन सिंघल, रक्तदाता
2. अक्सर लड़कियों में देखा जाता है कि खून की कमी होती है, जिसके कारण वो रक्तदान नहीं करतीं। मेरे अंदर खून की मात्रा सही है, जिसके कारण मुझे रक्तदान करने में कोई समस्या नहीं है। आज आयोजित शिविर में मैंने चौथी बार रक्तदान किया है।
निशा शर्मा, रक्तदाता
3. आज मैंने पहली बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से पहले मन में कई सारे सवाल थे, लेकिन यहां आने के बाद युवाओं के जोश को देखकर जवाब मिल गया। आज पहली बार रक्तदान करके मुझे अच्छा लग रहा है और भविष्य में भी रक्तदान करूंगा।
अभिषेक, रक्तदाता
4. आज मैंने अपने जीवन में 18वीं बार रक्तदान किया है। पिछले काफी सालों से मैं स्वेच्छा से रक्तदान करता आ रहा हूं। रक्तदान करने से मैं अपने आप को गर्वित महसूस करता हूं। रक्तदान करने के बाद में शारीरिक रूप से कोई कमजोरी महसूस नहीं होती।
साहिल कलकल, रक्तदाता