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25 से 300 रुपये देकर करवा सकते हैं पशुओं का बीमा : डॉ. जसवंत
Wed, 07 Feb 2024 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 07 Feb 2024 02:59 AM IST
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चरखी दादरी में पशुपालक के घर बंधी भैंस।
चरखी दादरी। पशुपालक 25 से 300 रुपये का प्रीमियम देकर अपने छोटे और बड़े पशुओं का बीमा करवा सकते हैं। राष्ट्रीय पशुधन मिशन और प्रदेश सरकार के साझा कार्यक्रम के अनुसार चलाई गई इस योजना में पिछले तीन वर्षों में तीन लाख से अधिक पशुपालकों ने करीब सात लाख पशुओं का बीमा करवाया है जोकि एक रिकाॅर्ड है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून ने बताया कि पशुओं की अचानक मौत होने पर मिलने वाली आर्थिक मदद के रूप में 42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बीमा क्लेम में दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि पशुपालन करने वाले लोगों के लिए पशुधन बीमा योजना बेहतर तरीके से कारगर साबित हो सकती है। योजना के तहत पशुपालक अपने पशुओं का बीमा आसानी से करवा सकते हैं और कोई दुर्घटना होने पर बीमा की रकम भी मिलती है।
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डॉ. जसवंत ने बताया कि नई बीमा नीति के अनुसार पशुओं का दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है, जिसमें बड़े-छोटे पशु शामिल रहेंगे। बड़े पशुओं में गाय, भैंस, झोटा, सांड़, घोड़ा, ऊंट, खच्चर, बैल आदि शामिल हैं, जबकि छोटे पशुओं में भेड़, बकरी और खरगोश का बीमा करवाया जा सकता है।
हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड की ओर से पशुओं का बीमा एक साल के लिए कराया जाएगा, जिसमें बड़े पशुओं के लिए 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक प्रीमियम राशि देकर दुग्ध और श्रेणी अनुसार बीमा होगा, जबकि छोटे जानवरों के लिए मात्र 25 रुपये खर्च करने होंगे। यदि पशुपालक चाहे तो आगामी तीन वर्ष के लिए बीमा करवा सकता है।
दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलेगा बीमा क्लेम
योजना के अनुसार पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में हुई मौत को कवर किया जाता है। बीमा होने के 21 दिन बाद यह योजना लागू होती है। हालांकि पशु चोरी होने पर कोई क्लेम देय नहीं होगा। बड़े पशुओं की दूध क्षमता एवं आयु के आधार पर 40,000 रुपये से लेकर अधिकतम 90,000 रुपये तक, जबकि छोटे पशुओं या जानवरों की मौत पर अधिकतम 10,000 से 20,000 रुपये क्लेम राशि का दावा पशु चिकित्सक की रिपोर्ट के अनुसार किया जा सकेगा।
- यहां से कर सकेंगे आवेदन
बीमा करवाने के लिए पशुपालक को सरल पोर्टल या ई-सेवा केंद्र, काॅमन सर्विस सेंटर, अंत्योदय केंद्र, अटल सेवा केंद्र और ई-दिशा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए परिवार पहचान पत्र, मतदाता कार्ड, राशन कार्ड की कॉपी, पशु चिकित्सक की ओर से जारी पशु स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, बैंक डिटेल आदि मुहैया करवानी होगी।
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून ने बताया कि पशुओं की अचानक मौत होने पर मिलने वाली आर्थिक मदद के रूप में 42 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बीमा क्लेम में दी जा चुकी है।
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उन्होंने बताया कि पशुपालन करने वाले लोगों के लिए पशुधन बीमा योजना बेहतर तरीके से कारगर साबित हो सकती है। योजना के तहत पशुपालक अपने पशुओं का बीमा आसानी से करवा सकते हैं और कोई दुर्घटना होने पर बीमा की रकम भी मिलती है।
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डॉ. जसवंत ने बताया कि नई बीमा नीति के अनुसार पशुओं का दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है, जिसमें बड़े-छोटे पशु शामिल रहेंगे। बड़े पशुओं में गाय, भैंस, झोटा, सांड़, घोड़ा, ऊंट, खच्चर, बैल आदि शामिल हैं, जबकि छोटे पशुओं में भेड़, बकरी और खरगोश का बीमा करवाया जा सकता है।
हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड की ओर से पशुओं का बीमा एक साल के लिए कराया जाएगा, जिसमें बड़े पशुओं के लिए 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक प्रीमियम राशि देकर दुग्ध और श्रेणी अनुसार बीमा होगा, जबकि छोटे जानवरों के लिए मात्र 25 रुपये खर्च करने होंगे। यदि पशुपालक चाहे तो आगामी तीन वर्ष के लिए बीमा करवा सकता है।
दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलेगा बीमा क्लेम
योजना के अनुसार पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में हुई मौत को कवर किया जाता है। बीमा होने के 21 दिन बाद यह योजना लागू होती है। हालांकि पशु चोरी होने पर कोई क्लेम देय नहीं होगा। बड़े पशुओं की दूध क्षमता एवं आयु के आधार पर 40,000 रुपये से लेकर अधिकतम 90,000 रुपये तक, जबकि छोटे पशुओं या जानवरों की मौत पर अधिकतम 10,000 से 20,000 रुपये क्लेम राशि का दावा पशु चिकित्सक की रिपोर्ट के अनुसार किया जा सकेगा।
- यहां से कर सकेंगे आवेदन
बीमा करवाने के लिए पशुपालक को सरल पोर्टल या ई-सेवा केंद्र, काॅमन सर्विस सेंटर, अंत्योदय केंद्र, अटल सेवा केंद्र और ई-दिशा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए परिवार पहचान पत्र, मतदाता कार्ड, राशन कार्ड की कॉपी, पशु चिकित्सक की ओर से जारी पशु स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, बैंक डिटेल आदि मुहैया करवानी होगी।