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बाढ़डा नगर पालिका का दर्जा रद्द न करने पर ग्रामीणों ने की महापंचायत, सरकार को दी आमरण अनशन की चेतावनी
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बाढड़ा। बाढड़ा नगर पालिका का मुद्दा गर्माता जा रहा है। नगर पालिका का दर्जा रद्द कराने की मांग को लेकर रविवार सुबह धरनास्थल पर महापंचायत आयोजित की गई। इसमें सर्वसम्मति से सोमवार को क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया गया। वहीं, प्रदर्शनकारी खेमे ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द यह मांग पूरी नहीं की गई तो फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। महापंचायत को पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने भी संबोधित किया। दूसरी ओर नगर पालिका के दर्जे के विरोध में बाढड़ा व हंसावास के ग्रामीणों का धरना 11वें दिन भी जारी रहा।
अनाज मंडी गेट के समीप आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच शंकरलाल ने की। पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि किसी भी प्रदेश के सीएम की भाषा व संकेत ही आदेश बन जाते हैं, लेकिन बाढड़ा के नगर पालिका के दर्जे को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कहने के बावजूद तत्काल फैसला नहीं लिया गया। यहां की जनता की मांग के बावजूद प्रदेश सरकार के अधिकारी रातोंरात सर्वे में मनचाही तब्दीली कर देते हैं जो जनता के साथ विश्वासघात है। सीएम को इस तरह के आंदोलन को जन्म देने के लिए मजबूर करने वाले तंत्र पर कठोर रुख अपनाकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र व जनमत की नीतियों को ठेंगा दिखाकर जनभावनाओं के खिलाफ फैसले थोंप रही है। बाढड़ा ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्र है और सरकार को नगर पालिका का दर्जा देने की बजाय ग्राम पंचायत का दर्जा देकर विकास के लिए पर्याप्त बजट जारी करना चाहिए। महापंचायत में विभिन्न गांवों के लोगों ने शिरकत की।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि अफसरशाही जान बूझकर सर्वे रिपोर्ट में गोलमाल कर दोनों गांवों के ग्रामीणों को धरने के लिए मजबूर कर रही है, लेकिन लोकतंत्र में शांतिप्रिय आंदोलन ही जीत का प्रमाण है। आंदोलनकारियों ने कहा कि वह पिछले दस दिन से धरने पर हैं लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। महापंचायत को राजकुमार हड़ोदी, सीताराम व मास्टर रघुवीर सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
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अब नहीं जाएंगे सरकार के पास, धरनास्थल पर ही लेंगे कड़े फैसले
महापंचायत में अपने विचार रखते हुए विद्यानंद हंसावास ने कहा कि इस मांग को लेकर बाढड़ा व हंसावास के लोग विधायक और सांसद से लेकर डिप्टी सीएम व सीएम से कई बार मिल चुके हैं। इसके बावजूद अब तक मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब लोग किसी जनप्रतिनिधि के पास नहीं जाएंगे और धरनास्थल पर ही कड़े फैसले लिए जाएंगे।
ये भी रहे मौजूद
महापंचायत में इनेलो जिलाध्यक्ष विजय पंचगावां, पूर्व विधायक रणबीर मंदौला, महेंद्र शास्त्री, एडवोकेट दरियाव सिंह, जगदीप सांगवान, विजय, पूर्व सरपंच सुरेश, रघबीर श्योराण, सांगवान खाप प्रवक्ता रणधीर, अत्तर सिंह बलाली, डॉ. ओमप्रकाश, ओमप्रकाश पंचगावां, जोरावर सिंह, पूर्व कर्नल अमरजीत श्योराण, ब्राह्मण नेता सीताराम शर्मा, भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा, महासचिव हरपाल भांडवा, कप्तान भीम सिंह द्वारका व सोमबीर आदि मौजूद रहे।
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अनाज मंडी गेट के समीप आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच शंकरलाल ने की। पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि किसी भी प्रदेश के सीएम की भाषा व संकेत ही आदेश बन जाते हैं, लेकिन बाढड़ा के नगर पालिका के दर्जे को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कहने के बावजूद तत्काल फैसला नहीं लिया गया। यहां की जनता की मांग के बावजूद प्रदेश सरकार के अधिकारी रातोंरात सर्वे में मनचाही तब्दीली कर देते हैं जो जनता के साथ विश्वासघात है। सीएम को इस तरह के आंदोलन को जन्म देने के लिए मजबूर करने वाले तंत्र पर कठोर रुख अपनाकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र व जनमत की नीतियों को ठेंगा दिखाकर जनभावनाओं के खिलाफ फैसले थोंप रही है। बाढड़ा ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्र है और सरकार को नगर पालिका का दर्जा देने की बजाय ग्राम पंचायत का दर्जा देकर विकास के लिए पर्याप्त बजट जारी करना चाहिए। महापंचायत में विभिन्न गांवों के लोगों ने शिरकत की।
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पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि अफसरशाही जान बूझकर सर्वे रिपोर्ट में गोलमाल कर दोनों गांवों के ग्रामीणों को धरने के लिए मजबूर कर रही है, लेकिन लोकतंत्र में शांतिप्रिय आंदोलन ही जीत का प्रमाण है। आंदोलनकारियों ने कहा कि वह पिछले दस दिन से धरने पर हैं लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। महापंचायत को राजकुमार हड़ोदी, सीताराम व मास्टर रघुवीर सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
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अब नहीं जाएंगे सरकार के पास, धरनास्थल पर ही लेंगे कड़े फैसले
महापंचायत में अपने विचार रखते हुए विद्यानंद हंसावास ने कहा कि इस मांग को लेकर बाढड़ा व हंसावास के लोग विधायक और सांसद से लेकर डिप्टी सीएम व सीएम से कई बार मिल चुके हैं। इसके बावजूद अब तक मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब लोग किसी जनप्रतिनिधि के पास नहीं जाएंगे और धरनास्थल पर ही कड़े फैसले लिए जाएंगे।
ये भी रहे मौजूद
महापंचायत में इनेलो जिलाध्यक्ष विजय पंचगावां, पूर्व विधायक रणबीर मंदौला, महेंद्र शास्त्री, एडवोकेट दरियाव सिंह, जगदीप सांगवान, विजय, पूर्व सरपंच सुरेश, रघबीर श्योराण, सांगवान खाप प्रवक्ता रणधीर, अत्तर सिंह बलाली, डॉ. ओमप्रकाश, ओमप्रकाश पंचगावां, जोरावर सिंह, पूर्व कर्नल अमरजीत श्योराण, ब्राह्मण नेता सीताराम शर्मा, भाकियू अध्यक्ष धर्मपाल बाढड़ा, महासचिव हरपाल भांडवा, कप्तान भीम सिंह द्वारका व सोमबीर आदि मौजूद रहे।