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Charkhi Dadri News: देशभर में समावेशी व स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध हो रही विकसित भारत रोजगार योजना
Wed, 07 Jan 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:28 AM IST
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चरखी दादरी। सरकार की ओर से रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और उद्योगों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और उद्योगों को कार्यबल सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की ओर से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू की गई है। विकसित भारत पहल के अनुरूप तैयार की गई यह योजना देशभर में समावेशी एवं स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगारों को प्रोत्साहित करेगी और विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। योजना के दो प्रमुख भाग निर्धारित किए गए हैं।
पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी को इस प्रकार मिलेगा लाभ
ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित करते हुए, पहले भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन, अधिकतम 15,000 रुपये दो किश्तों में दिया जाएगा। एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पहली किश्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी बाद में इसे निकाल सकेगा।
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दूसरा भाग, नियोक्ताओं को मिलेगा प्रोत्साहन
यह भाग सभी सेक्टरों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगा, जिसमें विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को अधिकतम 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण सेक्टर के लिए प्रोत्साहन राशि को तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा। ईपीएफओ के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।
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उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की ओर से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू की गई है। विकसित भारत पहल के अनुरूप तैयार की गई यह योजना देशभर में समावेशी एवं स्थायी रोजगार अवसरों के सृजन में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना विभिन्न क्षेत्रों में नए रोजगारों को प्रोत्साहित करेगी और विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। योजना के दो प्रमुख भाग निर्धारित किए गए हैं।
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पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारी को इस प्रकार मिलेगा लाभ
ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित करते हुए, पहले भाग में एक महीने का ईपीएफ वेतन, अधिकतम 15,000 रुपये दो किश्तों में दिया जाएगा। एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पहली किश्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी बाद में इसे निकाल सकेगा।
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दूसरा भाग, नियोक्ताओं को मिलेगा प्रोत्साहन
यह भाग सभी सेक्टरों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगा, जिसमें विनिर्माण सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नियोक्ताओं को एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को अधिकतम 3000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी। विनिर्माण सेक्टर के लिए प्रोत्साहन राशि को तीसरे और चौथे वर्ष तक भी बढ़ाया जाएगा। ईपीएफओ के साथ पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।