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अनूठी पहल : माई खुर्द में 7 मंजिला पक्षी घर तैयार, एकसाथ 4000 ले सकेंगे आश्रय
Mon, 28 Aug 2023 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 28 Aug 2023 12:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। सूरत के कारोबारी महेंद्र शर्मा ने पक्षी प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। इसकी शुरूआत उन्होंने अपने पैतृक गांव माई खुर्द से की है। महेंद्र शर्मा ने अपने निजी खर्च पर पक्षियों के लिए 7 मंजिला टावर बनवाया है, जिसकी ऊंचाई 70 फुट के करीब है। इसमें एक समय में करीब चार हजार पक्षी आश्रय ले सकेंगे। हाल ही में टावर बनकर तैयार हुआ है और इसके निर्माण पर करीब 12 लाख रुपये लागत आई है।
दरअसल, महेंद्र शर्मा करीब 30 साल पहले सूरत शिफ्ट हुए थे। उनका वहां हार्डवेयर का कारोबार है। महेंद्र शर्मा ने बताया कि पेड़ों की संख्या कम होने से पक्षियों की शरणस्थली छीन रही है। पक्षियों के संरक्षण के लिए गुजरात में ऐसे कई टावर हैं। उन्हें देखकर उनके जहन में हरियाणा के अलग-अलग गांवों में ऐसे टावर बनवाने की योजना आई।
महेंद्र ने बताया कि करीब चार माह पहले गुजरात से 20 कारीगरों की टीम टावर निर्माण के लिए माई खुर्द गांव भेजी गई। इस टीम ने चार माह के अंदर 100 फुट का टावर तैयार कर दिया। उन्होंने बताया कि ये टावर 30 फुट जमीन के नीचे जबकि 70 फुट जमीन के ऊपर है। इस टावर में जो सामग्री प्रयोग हुई है उसकी अपनी खासियत हैं। हाल ही में पक्षियों के लिए माई खुर्द में बनकर तैयार हुआ टावर चर्चा का विषय बना है।
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- संस्था का किया गठन, 7 टावर और बनवाने की योजना
महेंद्र शर्मा के अनुसार पक्षियों के संरक्षण के लिए उन्होंने प्रकृति सुरक्षा संघ नाम से संस्था बनाई है जो कि पंजीकृत है। ये संस्था सात और गांवों में ऐसे टावर बनवाएगी। इनमें से तीन जगहों का चयन हो चुका है जो कि बीजणा, भिवानी का कुडल-बास व खोरड़ा शामिल है। इसके अलावा चार और टावर निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों समेत धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है।
- पिता थे स्वतंत्रता सेनानी, बेटा डॉक्टर
महेंद्र शर्मा के पिता हरफूल शर्मा स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उनका स्वर्गवास हो चुका है। वहीं, महेंद्र शर्मा के दो बेटे नितेश और हितेश शर्मा हैं जो गुजरात में ही रहते हैं। नितेश शर्मा एमबीबीएस डॉक्टर हैं जबकि हितेश शर्मा पिता का हार्डवेयर का बिजनेस संभालते हैं।
- ये हैं टावर की खासियत
महेंद्र शर्मा ने जो सात मंजिला टावर बनवाया है उसकी अपनी खासियत हैं। निर्माण सामग्री और अन्य सामान गुजरात से मंगवाया गया है। ये टावर भूकंप रोधी है। यह गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म रहेगा। पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए टावर के निचले हिस्से में कुंड बनाया गया है जो जमीनी पानी से भर जाएगा।
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चरखी दादरी। सूरत के कारोबारी महेंद्र शर्मा ने पक्षी प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। इसकी शुरूआत उन्होंने अपने पैतृक गांव माई खुर्द से की है। महेंद्र शर्मा ने अपने निजी खर्च पर पक्षियों के लिए 7 मंजिला टावर बनवाया है, जिसकी ऊंचाई 70 फुट के करीब है। इसमें एक समय में करीब चार हजार पक्षी आश्रय ले सकेंगे। हाल ही में टावर बनकर तैयार हुआ है और इसके निर्माण पर करीब 12 लाख रुपये लागत आई है।
दरअसल, महेंद्र शर्मा करीब 30 साल पहले सूरत शिफ्ट हुए थे। उनका वहां हार्डवेयर का कारोबार है। महेंद्र शर्मा ने बताया कि पेड़ों की संख्या कम होने से पक्षियों की शरणस्थली छीन रही है। पक्षियों के संरक्षण के लिए गुजरात में ऐसे कई टावर हैं। उन्हें देखकर उनके जहन में हरियाणा के अलग-अलग गांवों में ऐसे टावर बनवाने की योजना आई।
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महेंद्र ने बताया कि करीब चार माह पहले गुजरात से 20 कारीगरों की टीम टावर निर्माण के लिए माई खुर्द गांव भेजी गई। इस टीम ने चार माह के अंदर 100 फुट का टावर तैयार कर दिया। उन्होंने बताया कि ये टावर 30 फुट जमीन के नीचे जबकि 70 फुट जमीन के ऊपर है। इस टावर में जो सामग्री प्रयोग हुई है उसकी अपनी खासियत हैं। हाल ही में पक्षियों के लिए माई खुर्द में बनकर तैयार हुआ टावर चर्चा का विषय बना है।
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- संस्था का किया गठन, 7 टावर और बनवाने की योजना
महेंद्र शर्मा के अनुसार पक्षियों के संरक्षण के लिए उन्होंने प्रकृति सुरक्षा संघ नाम से संस्था बनाई है जो कि पंजीकृत है। ये संस्था सात और गांवों में ऐसे टावर बनवाएगी। इनमें से तीन जगहों का चयन हो चुका है जो कि बीजणा, भिवानी का कुडल-बास व खोरड़ा शामिल है। इसके अलावा चार और टावर निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों समेत धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है।
- पिता थे स्वतंत्रता सेनानी, बेटा डॉक्टर
महेंद्र शर्मा के पिता हरफूल शर्मा स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उनका स्वर्गवास हो चुका है। वहीं, महेंद्र शर्मा के दो बेटे नितेश और हितेश शर्मा हैं जो गुजरात में ही रहते हैं। नितेश शर्मा एमबीबीएस डॉक्टर हैं जबकि हितेश शर्मा पिता का हार्डवेयर का बिजनेस संभालते हैं।
- ये हैं टावर की खासियत
महेंद्र शर्मा ने जो सात मंजिला टावर बनवाया है उसकी अपनी खासियत हैं। निर्माण सामग्री और अन्य सामान गुजरात से मंगवाया गया है। ये टावर भूकंप रोधी है। यह गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गर्म रहेगा। पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए टावर के निचले हिस्से में कुंड बनाया गया है जो जमीनी पानी से भर जाएगा।