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Charkhi Dadri News: सीआरपीएफ रामकिशन जवान को दी श्रद्धांजलि
Wed, 16 Jul 2025 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:12 PM IST
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शहीद रामकिशन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करतीं पत्नी धनपति देवी।
झोझूकलां (चरखी दादरी)। चंदेनी गांव में बुधवार को शहीद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 38 साल पहले त्रिपुरा में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान रामकिशन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर सोनीपत से सीआरपीएफ की एक टीम शहीद को नमन करने के लिए पहुंची।
सीआरपीएफ टीम के सदस्य महेंद्र सिंह ने बताया कि रामकिशन 16 जुलाई 1987 को त्रिपुरा में तैनात थे, जहां उनकी उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त करने से पहले अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई उग्रवादियों को मार गिराया था। शहीद रामकिशन के दो बेटे और एक बेटी हैं।
कार्यक्रम में गांव के सरपंच राजसिंह, पंच राजेश सांगवान, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजबीर सांगवान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि चंदेनी गांव के युवाओं में सेना के प्रति गहरी श्रद्धा है। अब तक 35 से अधिक सैनिकों ने इस गांव से देश की सेवा करते हुए शहादत दी है। युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि अगली पीढ़ी भी सेना में भर्ती होकर अपने देश की सेवा करे, क्योंकि यही हमारे देश का भविष्य है।
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वीरांगना धनपति बोलीं-पति की शहादत पर गर्व
शहीद रामकिशन की पत्नी, वीरांगना धनपति ने कहा कि पति की शहादत को 38 साल बीत चुके हैं, लेकिन मुझे उनकी शहादत पर गर्व है। यह हमारे परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन देश के लिए शहादत देना हमेशा एक गौरव की बात होगी। उन्होंने कहा कि एक सैनिक लाखों लोगों की रक्षा करता है, इसलिए युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करनी चाहिए। इस मौके पर रामकुमार, राजसिंह, सोमबीर, मास्टर अनिल, विक्रम, मास्टर हरवीर, हुकमचंद पंच, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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सीआरपीएफ टीम के सदस्य महेंद्र सिंह ने बताया कि रामकिशन 16 जुलाई 1987 को त्रिपुरा में तैनात थे, जहां उनकी उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त करने से पहले अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई उग्रवादियों को मार गिराया था। शहीद रामकिशन के दो बेटे और एक बेटी हैं।
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कार्यक्रम में गांव के सरपंच राजसिंह, पंच राजेश सांगवान, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजबीर सांगवान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि चंदेनी गांव के युवाओं में सेना के प्रति गहरी श्रद्धा है। अब तक 35 से अधिक सैनिकों ने इस गांव से देश की सेवा करते हुए शहादत दी है। युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि अगली पीढ़ी भी सेना में भर्ती होकर अपने देश की सेवा करे, क्योंकि यही हमारे देश का भविष्य है।
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वीरांगना धनपति बोलीं-पति की शहादत पर गर्व
शहीद रामकिशन की पत्नी, वीरांगना धनपति ने कहा कि पति की शहादत को 38 साल बीत चुके हैं, लेकिन मुझे उनकी शहादत पर गर्व है। यह हमारे परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन देश के लिए शहादत देना हमेशा एक गौरव की बात होगी। उन्होंने कहा कि एक सैनिक लाखों लोगों की रक्षा करता है, इसलिए युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करनी चाहिए। इस मौके पर रामकुमार, राजसिंह, सोमबीर, मास्टर अनिल, विक्रम, मास्टर हरवीर, हुकमचंद पंच, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।